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भूकंप के कारण सिवनी नगर की जनता खौफ के साए में

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भूकंप के कारण सिवनी नगर की जनता खौफ के साए में

सिवनी नगर के आसपास गिरने लगे जमीनों के रेट

लगातार पिछले तीन वर्षों से भूकंप की शक्ति धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है ,कई प्रकार के आकलन भूकंप को लेकर लगाए जा रहे हैं भूकंप तज्ञों ने भी जमीन के अंदर प्लेटो में हलचल के कारण भूकंप का आना बताया है,डुंडा सिवनी क्षेत्र में चुना भट्टी का क्षेत्र को केंद्र बताया गया था क्योंकि चुने की खदान में गैस बनने से ऐसी हलचल हो रही है यह भी स्पष्ट किया पर अब यह भूकंप नगर के चारों तरफ जहां कमजोर परिधि मिल रही है उसी ओर चलायमान हो रहा है और तीव्रता किसी क्षेत्र में ज्यादा तो किसी क्षेत्र में कम महसूस हो रही है ,लोग डरे सहमे रातों की नींद उड़ चुकी है प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है इन सब के साथ ही नगरीय क्षेत्र में अब जमीनों के रेट गिरने लगे हैं, जिस प्रकार जमीन के रेट ऊपर उठ रहे थे अब लोग  जिन क्षेत्रों में झटके महसूस हो रहे हैं वहां पर प्लाट भी नहीं खरीदना चाह रहे हैं,वैज्ञानिको  के दृष्टिकोण से भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है जिसमें भूमि की प्लेट खिसकने से ये हलचल होती है जिसके कारण , जोरदार झटका और आवाज के साथ भूकंप आता है। सिवनी जिले में एक बार फिर भूकंप का दौर शुरू हो चुका है और सिवनी में विगत 5 दिनों से लगातार भूकंप के झटके आ रहे है।

सिवनी में पिछले 5 दिनों से लगातार भूकंप के झटकों से सहमी जनता

सिवनीं में पिछले 15 दिनों से हल्की आवाज के साथ गड़गड़ाहट महसूस हो रही थी पर  29 और 30 सितंबर को ज्यादा झटके महसूस हुए थे। इन झटकों के माप रिक्टर स्केल पर 2.9 और 1.8 थे इसके बाद आए भूकंप की तीव्रता 2.8 दर्ज हुई है जो कि मामूली थी, लेकिन  डर का माहौल बन गया।भूकंप का कारण सिवनी जिले के चारो ओर बांध निर्मित हो चुके है बारिश के कारण पानी का दबाव होने से जमीन की प्लेट खिसकती है,जिसके कारण हलके झटके आ सकते हैं, जो भूकंप का कारण बन सकते हैं। पिछले वर्षों में जिले में कई बार भूकंप आये, और इसके पीछे की वजह बारिश के पानी का दबाव माना क प्रवाह में बदलाव हो सकता है।

सिवनी सम्पूर्ण जिले में महसूस हुआ भूकंप

इस जिले में भूकंप के झटके सबसे अधिक महसूस किए जा रहे हैं। इसका कारण यह हो सकता है कि यह क्षेत्र भूकंप की ज्यादा संवेदनशीलता वाले क्षेत्रों में आता है और यहां की ज़मीन की गढ़बढ़ कारण हो सकती है।सिवनी मुख्यालय में लगातार 5 दिनों से भूकंप के झटके महसूस हो रहे है. 02 अक्टूबर की सुबह 07 बजकर 15 मिनिट और 07 बजकर 27 मिनिट पर भूकंप के 2 झटके महसूस किये गए. जिसमे पहला झटका इतना जोरदार था कि नींद  में सो रहे लोगों की नींद भूकंप के वाइब्रेशन से खुली।

कितने रियक्टर का आया भूकंप

बीते कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी लगातार भूकंप एआ रहा है. जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार का कोई अपडेट नहीं दिया गया.
आपको बता दें की  29 सितंबर को रिक्टर स्केल पर सिवनी में पहला भूकंप 2.9 तीव्रता दर्ज किया गया था। इसके बाद 30 सितंबर को 1.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। 1 अक्टूबर को सिवनी में रिक्टर पर 1.8 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। आज 2 अक्टूबर को लगातार 2 भूकंप के झटके महसूस हुए सुबह 07:15 और 07:27 पर 2 झटके आये, 07:15 पर आए भूकंप की तीव्रता 2.9 दर्ज हुई है । 7:27 पर आए भूकंप की तीव्रता 2.3 दर्ज हुई है । बीते कई वर्षों से जिले में भूगर्भीय हलचल हो रही। रातों में लोग अपने घरों में जाने से भी डर रहे है।

कितनी देर तक आया भूकंप है खतरनाक?

सिवनी में भी पृथ्वी की प्लेट की गति में परिवर्तन के कारण ही भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे है. हालांकि सिवनी में इस वर्ष अभी तक अधिकतम 2.9 रिक्टर स्केल का भूकंप दर्ज किया गया. जो कि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादा खतरनाक नहीं होता है. वैज्ञानिकों ने भूकंप मापने के दो पैमाने बताए है, एक है भूकंप की तीव्रता यानी किस गति से भूकंप आया, और दूसरा है समय अंतराल अर्थात कितनी देर तक भूकंप आया. 

कितने समय अंतराल का भूकंप कितना हानिकारक?

 वैज्ञानिकों के अनुसार अक्सर भूकंप 30 से 40 सेकंड का आता है. जो सामान्य और कम नुकसानदायक है,अगर यही भूकंप दो मिनट से ज्यादा तक आ गया, तो ये क्षेत्र को भयंकर नुकसान पहुंचा सकता है. 6.0 से कम तीव्रता के भूकंप देश में 100 से ज्यादा बार दर्ज किए जाते है, जो 150 किलोमीटर के क्षेत्र को हानी पहुंचा सकता है, 6.0 से 6.9 की तीव्रता वाला भूकंप 160 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक होता है,7.0 से 7.9 की ताव्रता वाला भूकंप साल में औसतन 15 से 20 बार दर्ज किया जाता है, जो एक बड़े क्षेत्र को नुकसान पहुंचा सकता है. ,8.0 से 8.9 की तीव्रता वाला भूकंप कई सौ किलोमीटर वाले क्षेत्र में भयंकर तबाही मचा सकता है. जो साल में मुश्किल से एक बार दर्ज किया जाता है,9.0 से 9.9 हजारों किलोमीटर वाले क्षेत्र को बर्बाद करने के लिए काफी है,जो 15 से 20 सालों में एक बार देखने को मिलता है,दुनिया में आज तक 10 से ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आज तक दर्ज नहीं किया गया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इस तीव्रता का भूकंप किसी छोटे देश को पूरी तरह तबाह कर सकता है. 

गिरने लगे जमीनों के रेट,जमीन का कारोबार करने वालो को भी लग सकता है झटका

जिन क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस हो रहे हैं उन क्षेत्रों में अब लोग रहने से डरने लगे हैं, पिछले तीन सालों में जब-जब भी भूकंप आना शुरू हुआ है, बहुत से ऐसे लोग ग्रामीण क्षेत्रों में जहां उनका एक और निवास स्थान है वहां पर जाकर रहने लगे थे, जैसे बरघाट क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस नहीं होते हैं, डुंडा सिवनी क्षेत्र के लोग जिनके मकान बरघाट के क्षेत्र में पहले से हैं वह वहां शिफ्ट हो गए थे उस वक्त लोगों को ऐसा लगा कि यह 1 साल की बात है और जमीनों के रेट निरंतर बढ़ रहे थे ,परंतु अब लगातार हर साल भूकंप जिस तरह झटका दे रहा है अब जमीन के कारोबारी को भी झटका लग सकता है जमीन से जुड़े कारोबार करने वाले व्यक्ति से बात करने पर उन्होंने बताया कि जो जमीन डुंडा सिवनी क्षेत्र में 2000 रु स्क्वायर फीट बिक रही थी अब उस प्लांट को लोग खरीदने तैयार नहीं है, लोगों के मन में यह डर समाया हुआ है कि  चुना भट्टी क्षेत्र भूकंप का केंद्र बिंदु बना हुआ है,भूकंप कभी भी आ सकता है और डुंडा सिवनीं सहित भैरोगंज, छिंदवाड़ा चौक, खेरी ,12 पत्थर ये क्षेत्र संवेदनशील हैं ,अब ऐसे में जमीन से जुड़े कारोबार में भी झटका महसूस होने लगा है, अब तो यह स्थिति है कि लोग अपने मकान बेचने की बात कर रहे हैं, अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक-दो सालों बाद डुंडा सिवनी क्षेत्र व्यापारीक द्रष्टिकोण से कमजोर हो जाएगा और जमीनों के रेट गिर जाएंगे, क्योंकि लोगों का कहना है कि पैसे देकर भी मौत की दुकान में कौन सामान खरीदने जाएगा।

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