Home सिवनीं न्यूज़ SDOP का ड्राइवर देवसिंह वरकडे और गोविंद उईके करता है अवैध वसूली- अमित,रंजीत

SDOP का ड्राइवर देवसिंह वरकडे और गोविंद उईके करता है अवैध वसूली- अमित,रंजीत

0
SDOP का ड्राइवर देवसिंह वरकडे और गोविंद उईके करता है अवैध वसूली- अमित,रंजीत

SDOP के ड्राइवर वरकड़े के संरक्षण में चल रहा है अवैध रेत का परिवहन

एसडीओपी के ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला तूल पकड़ता हुआ दिखाई दे रहा है जहां एक ओर पुलिस विभाग में कार्यरत देव सिंह वरकडे जो sdop के ड्राइवर हैं जिन्होंने अवैध रेत परिवहन करने वाले लोगों के ऊपर मामला दर्ज करवाते हुए यह बताया था की रंजीत साहू और अमित चौहान ने पुलिस के ऊपर हमला किया है , फिलहाल रंजीत साहू और चौहान पुलिस रिकॉर्ड में फरार बताए जा रहे हैं और इसी बीच सिवनी न्यूज़ कार्यालय को जो वीडियो प्राप्त हुआ है उस वीडियो की माने तो रंजीत साहू और अमित चौहान ने एसडीओपी के ड्राइवर देव सिंह वरकडे और गोविंद उईके के ऊपर सनसनीखेज आरोप लगाया है उन्होंने बताया कि एसडीओपी के ड्राइवर अवैध पैसा वसूली करते हैं ,अवैध रेत परिवहन का पैसा वसूल करते हुए रेत चोरों की गाड़ियों का परिवहन अपने संरक्षण में करवाते हैं जिसके चलते मंडी क्षेत्र में दर्जनों गाड़ियां एसडीओपी के ड्राइवर के संरक्षण में चल रही हैं, पुलिस के लिए यह जांच का विषय है क्योंकि यह मामला अवैध रेत परिवहन का बताया जा रहा है जबकि खदानें बंद है, ऐसे में पुलिस के साथ मारपीट का मामला और भी संदेह उत्पन्न करता है,सवाल यह पैदा होता है कि इतनी रात को पुलिस ड्राइवर रेत की गाड़ी पकड़ने क्यों गए थे? क्या एसडीओपी ने ड्राइवर को भेजा था? क्या बरघाट थानेदार ने ड्राइवर को भेजा था? ऐसे कई सवाल पैदा होते हैं सही मायने में इस पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच होनी चाहिए कहीं ऐसा तो नहीं कि भले ही मारपीट करने वाले ने गुनाह किया हो पर गुनाहों को संरक्षण देने वाला एसडीओपी का ड्राइवर तो नहीं?

अमित चौहान और रंजीत साहू ने कहा मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बुनियाद हैं

सिवनी न्यूज़ कार्यालय में प्राप्त हुए वीडियो की माने तो पुलिस ड्राइवर के साथ मारपीट के मामले में आरोपी बनाए गए रंजीत और अमित जिसके ऊपर मामला बनाया गया है उन दोनों ने अपना वीडियो जारी कर यह बताया कि उनके ऊपर पुलिस के द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं वह बुनियाद हैं अमित और रंजीत का कहना है कि वह ईट का व्यापार चालू करना चाह रहे थे, जिसके चलते उनकी ट्रैक्टर मिट्टी लेने जा रही थी और एसडीओपी के ड्राइवर देव सिंह वरकडे और गोविंद उईके ,रंजीत और अमित की तीन ट्रैक्टरों को रोका ड्राइवर से मोबाइल छीना, चूंकि गाड़ियां खाली थी मिट्टी लेने जा रही थी, ऐसे में पुलिस ड्राइवर के द्वारा ट्रैक्टर ड्राइवर को यह कहा गया कि तेरे सेठ को बुला और सेठ को बुलवाने के बाद जब रंजीत और अमित  वहां पहुंचे तो उनसे रिकॉर्डिंग डिलीट करने को कहा गया ,जो रिकॉर्डिंग देव सिंह बरकड़े और  अमित के बीच हुई बात की रिकॉर्डिंग थी वह रिकॉर्डिंग भी कार्यालय में मौजूद है जिसमें यह स्पष्ट रूप से चर्चा हो रही है की देव सिंह वरकडे और गोविंद उइके  रेत का परिवहन करने वाले गाड़ी मालिकों से महीना बंदी लिया करते थे, इस रिकॉर्डिंग को अमित एसपी साहब को देने वाला था, क्योंकि अमित और रंजीत ने रेत का काम बंद कर दिया था और अब पुलिस  को पैसा नहीं देना चाहता था और पुलिस ड्राइवर ,रंजीत और अमित के ऊपर पैसा मांगते हुए दबाव बना रहा था जिसके चलते अमित और रंजीत को बुलवाया गया और फिर पुलिस ने उसके ऊपर हमला किया जिसमें उसके गर्दन और हाथ पर चोट लगी और मोबाइल भी तोड़ने की कोशिश की गई यह सब बात वीडियो में अमित और रंजीत के द्वारा बताई गई है इतना सनसनी खेज मामला को उजागर अमित और रंजीत जब कर रहा है तो उच्च अधिकारियों को चाहिए कि इस मामले में सघन जांच हो और सारी सच्चाई सामने आए क्योंकि सच का सामने आना इसीलिए भी जरूरी है की कहीं गुनाह रोकने वाली पुलिस ही तो गुनहगार नहीं? या फिर जिनके ऊपर मामला पंजीबद हुआ है वह झूठ बोल रहे हैं? क्योंकि वीडियो के साथ-साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग में भी यह बात स्पष्ट रूप से सामने आ रही है कि पुलिस ड्राइवर अंकित  से बात करते हुए लेनदेन की चर्चा कर रहे हैं और वह इस बात को स्वीकार भी कर रहे हैं कि उन्होंने पहले भी पैसा लिया है ऐसे में पुलिस विभाग की साख पर बट्टा लगाने वाले एसडीओपी के ड्राइवर की स्थिति भी संदिग्ध नजर आ रही है।

क्या है मामला

 पुलिस के बताए अनुसार जिन लोगों ने मारपीट किया उन्होंने मौके पर ही रेत खाली किया और वहां से फरार हो गये। इस मामले में पुलिस के सामने दो नाम आये जिनमें से एक अमित चौहान तो दूसरा रंजीत साहू बताया जाता है। चर्चा है कि एसडीओपी के ड्रायवर के ऊपर हमला करने वाले लोगो की संख्या दो से अधिक थी। इस पूरे मामले को लेकर पुलिस ने धारा 353,294,506,147 सहित एससीएसटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। घटना के बाद से आरोपी फरार बताये जा रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here