Home सिवनीं न्यूज़ ड्रग्स तस्कर से करो 2 लाख में मांडवाली,पकड़ो गुर्गे बजाओ ताली,पुलिस के हाथ है खाली

ड्रग्स तस्कर से करो 2 लाख में मांडवाली,पकड़ो गुर्गे बजाओ ताली,पुलिस के हाथ है खाली

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ड्रग्स तस्कर से करो 2 लाख में मांडवाली,पकड़ो गुर्गे बजाओ ताली,पुलिस के हाथ है खाली

कोतवाली के पुराने आरक्षकों को हटा दिया जाए तो कोतवाली को सफलता मिल सकती है

विगत दिवस सिवनी कोतवाली ने सफेद पाउडर की खेप पकड़ी ,दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और जिन्हें गिरफ्तार किया गया वह मात्र गुर्गे हैं, जिनके पास 5 ग्राम सफेद पाउडर बरामद किया गया, क्या वाकई 5 ग्राम पाउडर की तस्करी करते होंगे यह लोग? आखिर मुख्य आरोपी कहां चला गया? जबकि पुलिस अपने मुखबीरो का सही उपयोग कर ईमानदारी बरत लेती तो इन दो आरोपियों का सरदार पुलिस की पकड़ से बाहर नही जाता, विश्वस्त सूत्र बताते हैं की सफेद पाउडर की खेप में गांधी वार्ड का रहने वाला एक आदित्य गोल्डी शर्मा नामक युवक मुख्य तस्कर के रूप में काम कर रहा है, जो पहले भी पुलिस का मेहमान बन चुका है,अवैध शराब तस्करी में गिरफ्तार किया जा चुका है, 3 महीने की सजा काट चुका है ,कुछ महीनो पहले बिना रोजगार के एक नई ब्रेजा कार,एक स्कूटर,एक बाइक खरीदता है और कुछ दिनों बाद जुएं में हार जाता है चंद महीनो में लाखो का समान खरीदना और कुछ घंटों में बेच देना मामूली बात नही किसी बेरोजगार के लिए जो पुलिस के लिए जांच का विषय है,और ताज्जुब करने वाली बात यह है की आदित्य गोल्डी शर्मा पुलिस विभाग की विंग नगर सुरक्षा समिति में भी काम कर चुका है, बताया जाता है कि नगर सुरक्षा समिति में काम करते हुए सट्टा खिलाने वाले खाईबाजो से अपने साथी पुलिस वालों की महिना बंधी की वसूली का काम आदित्य गोल्डी शर्मा किया करता था, जिसकी शिकायत तत्कालीन पुलिस अधीक्षक से की गई थी और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने नगर सुरक्षा समिति से आदित्य गोल्डी शर्मा को निकलवा दिया था, जिसे पुलिस के घर घाट पता हो, जिसकी पहचान पुलिस विभाग में हो और जो क्रिमिनल हो उसे बचने के रास्ते बहुत अच्छे से पता होते हैं, बचने के लिए कोई भी रास्ता तैयार करते हुए वह पुलिस का कैसे सहयोग ले सकता है उसे पता होता है,इस बात का प्रमाण यह है कि सफेद पाउडर की खेप पकड़ आती है और मुख्य आरोपी बाहर है और विश्वसनीय सूत्र बता रहे हैं की लंबा लेनदेन लगभग 2 लाख का हुआ है इस बात में कितनी सच्चाई है अगर पुलिस अधीक्षक महोदय आरोपियों को पकड़ने वाले पुलिस कर्मियों के पूछताछ कर ले तो मामला स्पष्ट हो जाएगा कि आखिर जिन लोगों ने सफेद पाउडर के साथ आरोपियों को पकड़ा है उन पुलिस कर्मियों के मोबाइल में उस वक्त किन-किन लोगों से बात हुई अगर कॉल डिटेल निकाल ली जाए तो सारी स्थिति साफ हो जाएगी और जिस प्रकार की बातें सूत्रों के द्वारा आ रही हैं इसे देखकर नहीं लगता कि कभी सफेद पाउडर के सरगना को पुलिस पकड़ पाएगी ऐसा ही चलता रहा तो हमेशा पुलिस के हाथ खाली ही रहेंगे और गुर्गो को पकड़कर अखबारों में खबरें छपवाकर झूठी तारीफों की वाहवाही लुटकर ताली बजवाते रहेंगे।

आदित्य गोल्डी शर्मा के ऊपर अवैध शराब का मामला हुआ था दर्ज जाना पड़ा था जेल

गांधी वार्ड के रहने वाले आदित्य गोल्डी शर्मा पहले नगर सुरक्षा समिति सिवनी में पुलिस वालों की वसूली का काम किया करता था उसके बाद यह अवैध शराब की तस्करी में भी जेल जाकर आ चुका है जब यह जेल में था तभी सफेद पाउडर में पकडाए आरोपी भी आदित्य गोल्डी शर्मा से संपर्क में आए थे क्योंकि आदित्य गोल्डी शर्मा और सफेद पाउडर की तस्करी में पकड़ आए दोनों आरोपी तीनों एक ही वार्ड के रहने वाले हैं और अगर उनकी कॉल डिटेल और उनके बारे में पुलिस जानकारी उठा ले तो सुबह से लेकर रात के दो तीन बजे तक यह एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं और साथ में ही रहते हैं अब ऐसे में पुलिस के हाथ अगर खाली है तो इसे विडंबना ही कही जाएगी की सब कुछ परोसा हुआ सामने रखा है और पुलिस आरोपी को पकड़ नहीं पा रही है आदित्य गोल्डी शर्मा के ऊपर कोतवाली पुलिस ने ही अवैध शराब का मामला भी बनाई थी जिसकी प्राथमिक की दर्ज की गई थी जो इस प्रकार है

दिनांक 03/04/20 को आर. 339 मुकेश विश्वकर्मा, आर. 189 राकेश ठाकुर, आर. 262 नीतेश ठाकुर, आर. 247 इरफान खान आर. 489 अरूण पटेल, आर. 359 मनीराम चंद्रवंशी जिन्हें मुखबिर से सूचना प्राप्त मिली थींकि मिशन स्कूल के पीछे  गणेश चौक से सिवनी  एक व्यक्ति एक स्लेटी रंग की स्कार्पियों से अवैध रूप से अवैध शराब बडी मात्रा में कब्जे में लिये हुये हैं जो परिवहन करने के उद्देश्य से गणेश चौक से सिवनी की ओर मिशन स्कूल के पीछे से लेकर जाने वाला है। स्टाफ को लेकर मुखविर द्वारा बताये गये स्थान पर पहुचने पर गणेश चौक तरफ से मिशन स्कूल के पीछे मुखविर द्वारा बताया गया स्लेटी रंग का स्कार्पियों वाहन क्र. एम.पी. 22 सी.ए. 2931 आते दिखा जो स्कार्पियों का चालक पुलिस को देखकर अपने वाहन को बड़ी तेजगति से भगाने लगा जिसे स्टाफ की मदद से  रोका गया था। स्कार्पियो चालक से नाम पता पूछने पर अपना नाम आदित्य शर्मा पिता विनोद शर्मा उम्र 25 साल निवासी काली चौक गांधी वार्ड राजेश्वरी यादव का मकान सिवनी बताया था। जिसके स्कार्पियो वाहन की तलाशी ली गई जो स्कार्पियो वाहन में पीछे तरफ 10 पेटी शराब की रखी मिली जिन्हे खोलकर देखने पर 1 पेटी में ब्लेण्डर प्राईड शराब 750 एम.एल. की 12 बाटल कीमती 15360 रूपये, चार पेटी लिजेण्ड प्रिमियम की प्रत्येक में 50 पाव कुल 200 पाव प्रत्येक में 180 एम.एल. कीमती 26000 रूपये, पांच पेटी मेकडवल नंबर 1 की प्रत्येक पेटी में 48 पाव कुल 240 पाव प्रत्येक में 180 एम.एल कीमती 50400 रूपये . कुल 88.2 लीटर शराब कीमत 91760 रूपये की होना पाया गया था। एवं आदित्य शर्मा की तलाशी लेने पर एक सेमसंग गैलेक्सी एड्राईड मोबाइल पाया गया था। आदित्य शर्मा से शराब परिवहन करने के संबंध में वैध दस्ताबेज के बारे में पूछताछ किया था पर कोई दस्ताबेज प्रस्तुत नही किये एवं नही होना बताये। आदित्य शर्मा के द्वारा किया गया कृत्य धारा 34 (2) आब. एक्ट का घटित करना पाये जाने से आदित्य शर्मा से  जप्ती पत्रक में एक स्लेटी रंग की स्कार्पियो रजि. नं. एम. पी. 22. सी. ए. 2931 चालू हालत में, एक सेमसंग कम्पनी का एड्राईड मोबाइल एवं कुल 10 पेटियों में रखी हुई कुल 88.2 लीटर कीमती 91760 रूपये की पुलिस  कब्जा  में लिया गया था एवं जप्त शराब के 9 कार्टून से दो दो पाब एवं एक कार्टुन से एक बाटल परीक्षण हेतु निकालकर कार्टूनो को शीलबंद किया गया था।  आदित्य शर्मा को हिरासत में लेकर  थाना लाया गया था जिससे पुछताछ कर समक्ष गवाहों के मेमोरेण्डम तैयार किया गया था जिसने अपने मेमोरेण्डम में बताया था कि सौरभ चंद्रवंशी से मिलकर स्कार्पियो वाहन क्र. एम.पी. 22. सी. ए. 2931 से संजय भारव्दाज के जठार हास्पीटल के सामने स्थित आफिस से एक पेटी ब्लेडर शराब जिसमे 750 एम.एल. की 12 बाटल, 4 पेटी लेजेन्ट शराब जिसमें हर पेटी में 48×180 एम. एल. शराब एवं 5 पेटी नंबर 1 व्हीस्की हर पेटी में 48×180 एम एल शराब 50 हजार रूपये देकर संजय भारव्दाज से खरीदे थे। मैने और सौरभ ने 25, 25 हजार रूपये मिलाकर उक्त माल खरीदे थे माल स्कार्पियो में रखा है। आरोपी आदित्य शर्मा का एव आरोपी आदित्य शर्मा के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर आरोपी ठेकेदार संजय भारव्दाज एवं सौरभ चंदवशी का क्रत्य धारा 34 (2) • एक्ट का पाये जाने से आरोपी आदित्य शर्मा को विधिवत् गिरफ्तार किया गया था , और उसके बाद आदित्य गोल्डी शर्मा को जेल भेजा गया था जिसमें उसने 3 महीने सजा काटी थी इसी सजा के दौरान जेल में पाउडर के साथ पकडाए दोनों आरोपी का मेल मिलाप परवान चढ़ा था।

कोतवाली ने पकड़ी 5 ग्राम पाउडर, दो गुर्गे, सरगना पुलिस पकड़ से दूर

कोतवाली पुलिस ने नशे के कारोबार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ा है। उनके पास से पांच ग्राम एमडी पाउडर जब्त किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुखिबर से खबर मिली थी कि कुछ लोग एमडी पाउडर (ड्रग्स) बेचने का काम कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर नागपुर रोड पर जोड़ा पुल के पास दो पहिया वाहन में सवार दो लोगों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान ‘उनके पास से पांच ग्राम एमडी पाउडर, दो मोबाइल और वेट मशीन मिली। आरोपियों ने बताया कि उन्हें नागपुर में किसी अज्ञात व्यक्ति से यह पाउडर मिला है, जिसे वे बेचने के लिए घूम रहे थे। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा कि शहर में इस गोरखधंधे में कोई और तो शामिल नहीं है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से शहर में ड्रग्स का कारोबार खूब फल-फूल रहा है।पर पुलिस के हाथ हमेशा की तरह खाली हैं और जिस तरह कार्य प्रणाली पुलिस की चल रही है अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमेशा हाथ खाली ही रहेगा।

ड्रग्स का सरगना पुलिस की पकड़ से बाहर है और गुर्गों  को कुख्यात बता कर वाहवाही लूट रही पुलिस 

कोतवाली टीआई सतीश तिवारी ने बताया कि सिवनी के सूफी नगर निवासी हाकिम खान पिता सैयद जमील खान (25) और दूसरा शेख तौसीम खान पिता शेख हनीफ को पकड़ा गया है। आरोपी हाकिम के खिलाफ 13 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। गौ तस्करी के अलावा, आबकारी और आर्म्स एक्ट सहित हत्या के प्रयास के मामले दर्ज । वह वर्ष 2021 में जिला बदर भी हो चुका है। दूसरा आरोपी शेख तौसीम पर तीन प्रकरण कायम हैं। दोनों पर धारा 8/22 एनडीपीएसएक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इस मामले का खुलासा करने में टीआई सतीश तिवारी, एसआई दिलीप पंचेश्चर, प्रधान आरक्षक रामअवतार डहेरिया, आरक्षक अमित रघुवंशी, नितेश राजपूत,इरफान खान, शिवम, अभिषेक डहेरिया, महेन्द्र पटेल, मुकेश चौरिया, विशाल भांगरे, अजय मिश्रा, बरखा बैस की भूमिका रही।

कोतवाली के पुराने आरक्षक पुलिस विभाग के लिए बन रहे हैं नासूर

कोतवाली सिवनी में लंबे समय से पदस्थ कुछ आरक्षक कोतवाली के लिए पनोती बने हुए है ,जो लंबे समय से कोतवाली में पदस्थ हैं जिन्हें अपराधियों के घर घाट बहुत अच्छी तरह से पता है, इसके पहले 4 साल तक थानेदार नागोतिया के रहते शहर के अंदर लूटपाट मचाने में इन आरक्षकों का नाम सुर्खियां बटोरता था, और इस समय  अपराधियों को दी हुई छूट और अभयदान का ही अभिशाप था  जो नए कोतवाल के आते ही शहर के अंदर गोली चलना ,चाकू बाजी,  और अन्य अपराध घटे, पिछले 4 साल के पुलिस इतिहास में अपराधी बे लगाम होकर पुलिस से बिना डरे अपराध कर रहे थे, नए कोतवाल के आने से ऐसा लगा कि पुलिस चुस्त दुरुस्त हो जाएगी ,बताया भी जा रहा है कि कोतवाल तो अपने कामों में लगे हैं, पुलिस अधीक्षक भी कानून व्यवस्था मजबूत करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं, परंतु कोतवाली में पदस्थ कुछ पुराने आरक्षक पुलिस अधीक्षक के अथक प्रयास और नगर निरीक्षक की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं,  नए नगर निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के आने के बाद नगर के अंदर घटित हुए अपराध इसका प्रमाण हैं अगर उन अपराधियों और कोतवाली में पदस्थ पुराने आरक्षकों के मोबाइल नंबरों को जांच कर ली जाए तो हकीकत सामने आ जाएगी ,की क्यों पुलिस के हाथ खाली है कोतवाली में  लंबे समय से पदस्थ आरक्षक कैसे कोतवाली की प्रगति में रोड़ा बने हुए हैं इनका सबका सेटअप बना हुआ है ऐसी बातें जन चर्चा का विषय बनी हुई है अब ऐसे में सवाल यह पैदा होता है की विभीषण अगर घर में ही पल रहे हैं तो फिर लंका डहना तय है।

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