मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में कश्मीर से कन्याकुमारी को जोड़ने वाला एन एच 44 स्थित है, सिवनी से नागपुर रोड के बीच पेंच टाइगर रिजर्व के जंगलों में एशिया का सबसे बड़ा साउंड प्रूफ ब्रिज बनाया गया था , जो एशिया का पहला साउंड प्रूफ पुल के नाम से जाना जाता है , वर्तमान में लगातार हो रही बारिश के चलते ब्रिज धस गया, ब्रिज की एक ओर रोड में बड़े-बड़े क्रैक आ गए, फिलहाल पूल में वन साइड आवागमन बंद कर दिया गया है, और मौके पर कुरई एसडीम सहित नेशनल हाईवे के अधिकारी पहुंच गए है, लेकिन आरबों की लागत से बने पूल के धसने से आगामी समय में आवागमन बंद हो सकता है। क्योंकि जिस तरह से पुल में दरारें आई है उसे देखकर तो यह लगता है कि जो बेस डाला गया था वहीं जमीन में धस गया है। कुल मिलाकर इस पुल को लेकर भाजपा सरकार और नितिन गडकरी के साथ ही सांसद ढालसिंग बिसेन बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे पर वर्तमान हालात देखते हुए 2 साल में ही पुल का धसना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार होने का इशारा करता है बहरहाल मौके पर पहुंचे नेशनल हाईवे के अधिकारियों ने मीडिया से दूरियां बना ली और स्थानीय प्रशासन कुछ भी बोलने से बचते नजर आया ।