देवीसिंह ईमानदार है तो क्यों दिया स्तीफा?
नेता और सांप बाप रे बाप ,कहा जाता है की हर सांप डसने वाला और जहर उगलने वाला नहीं होता है इश्लिये उस पर कुछ तो भरोसा किया जा सकता है , पर नेता को वोट मांगते समय ही पनियल सांप के रूप में देखा जा सकता है उसके बाद तो वह इतना जहरीला हो जाता है की हमेशा फुफकारते हुए जहर ही छोड़ता है ,एक तरफ चाल चरित्र और चेहरे की बात करने वाली पार्टी का नुमाइंदा देवी सिंह की पत्नी नगर परिषद की अध्यक्ष बनाई गई, महिला को सशक्त करने के लिए उन्हें पद दिया गया, परंतु अध्यक्ष पत्नी की आड़ में अपनी राजनीतिक सेटिंग लगाकर विधायक प्रतिनिधि नगर परिषद का बनकर पत्नी के कामों में हाथ बटाने का बहाना बता कर, देवी सिंह ने जो कृत्य किया उसे पार्षदों ने भ्रष्टाचार का मुखौटा पहनाया है, इधर पार्षद 22 सितंबर को नगर परिषद का घेराव करने की योजना बना रहे हैं ,उधर घबराकर देवी सिंह बिना अध्यक्ष, बिना उपाध्यक्ष, बिना सीएमओ के खुद ही पत्रकार वार्ता लेते हैं, और अपने मुंह मियां बिट्टू बनने के लिए प्लांटेड उत्तर देते हैं, सूत्र तो बताते हैं कि पार्षदों के द्वारा लगाए जा रहे नंगे भ्रष्टाचार को 2000 के कपड़े पहनाकर स्वच्छ और शरीफ दिखाने की कोशिश भी देवी सिंह के द्वारा की गई है, जिसके प्रमाण मौजूद हैं,पर 50 से 60 हज़ार के कपड़े नंगे भरस्टाचार के बदन को नही ढंक पाए, रही बात देवी सिंह पार्षदों से भ्रष्टाचार के प्रमाण की बात कर रहे थे बताया जाता है की 22 तारीख को मय प्रमाण घेराव करते हुए पार्षद मीडिया से रूबरू होंगे, ऐसे में सवाल यह पैदा होता है की देवी सिंह अगर ईमानदार हैं तो अपने पद से इस्तीफा क्यों दे रहे हैं ?नंगे भ्रष्टाचार को 2000 के कपड़े क्यों पहना रहे हैं? अपने मन मुताबिक प्रेस वार्ता क्यों ले रहे हैं? हालांकि देवी सिंह के 1 साल में दर्जनों ऐसे मामले हैं जिन्हें अब शनै शनै उजागर किया जाएगा फिलहाल पार्षदों की ओर रुख करते हुए आपको बता दे की किस प्रकार देवी सिंह को लेकर सारे पार्षद लामबद्ध हैं
नगर परिषद केवलारी में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं नप अध्यक्ष पति की तानाशाही के खिलाफ पार्षदों ने खोला है मोर्चा
सिवनी जिले के अंतर्गत आने वाली नगर परिषद केवलारी में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है, भाजपा की नगर परिषद में महिला अध्यक्ष है और अध्यक्ष पति जमकर चांदी काट रहा हैं,बताया जाता है कि अध्यक्ष पति अपने आपको विधायक से कम नहीं समझता हैं ,बताया जाता है कि यह विधायक प्रतिनिधि भी हैं और किसान मोर्चा का अध्यक्ष भी हैं परंतु इन्हीं की नगर परिषद के पार्षद अब इनके खिलाफ लामबद्ध हो गए हैं,पार्षदों का आरोप है की अध्यक्ष पति अपने रसूक का इस्तेमाल करते हुए इस नगर परिषद को भ्रष्टाचार का गढ़ बनाकर रखा हुआ है,नप में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं भाजपा विधायक प्रतिनिधि एवं अध्यक्ष पति देवी सिंह बघेल की तानाशाही के खिलाफ अनेक पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है , नगर परिषद केवलारी खिलाफ उग्र तेवर अपनाने वाले पार्षदों में भाजपा से अधिकृत पार्षद भी शामील है, वार्ड नंबर 8 से स्वराज सिंह बघेल एवं वार्ड नंबर 12 से नीरज रानू ठाकुर , वार्ड नंबर 11 से श्रीमती अनुसुईय्या सुरेंद्र साहू भी नगर परिषद के खिलाफ खड़े हैं । इसके आलावा वार्ड नंबर 05 से राममिलन कुर्वेति, वार्ड नंबर 3 से मिथिलेश तेकाम , वार्ड नंबर 07 से राजकुमारी उइके, वार्ड नंबर 4 से सेवक साहू भी परिषद के खिलाफ लामबंद नजर आ रहे हैं। पार्षदों का आरोप है कि नगर परिषद केवलारी में निर्वाचन के लगभग 1 वर्ष से अधिक का समय हो गया किंतु किसी वार्ड में भी निमार्ण कार्य नहीं किया जा रहा है, जनता बेहद परेशान है। नगर परिषद कार्यालय में अध्यक्ष पति एवं विधायक प्रतिनिधि का तानाशाही रवैया चलता है । परिषद क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में लोग मूलभूत आवश्यकताओं जैसे नाली, सड़क, बिजली, पेय जल इत्यादि के लिए तरस रहे हैं । नगर परिषद कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है, पार्षदों द्वारा आय व्यय का लेखा जोखा मांगने पर भी संबंधित अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही है। इन्हीं सभी अनेक समस्याओं को लेकर आज दिनांक 12/09/2023 को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) केवलारी को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें उल्लेख किया गया था कि दिनांक 22/09/2023 दिन शुक्रवार को दोपहर 02 बजे अवंतीबाई चौक (चांदनी चौक) पर नगर परिषद के पार्षदों एवं आम नागरिको के द्वारा धरना प्रदर्शन कर कार्यालय नगर परिषद केवलारी का घेराव किया जाएगा, ज्ञापन में यह उल्लेख किया गया है कि नगर परिषद केवलारी में चल रहे भ्रष्टाचार एवं अध्यक्ष पति / भाजपा विधायक प्रतिनिध देवीसिंह बघेल द्वारा चल रही तानाशाही एवं नगर परिषद पर विकास कार्य अवरूद्ध हो रहें हैं। पार्षदों द्वारा एवं पत्रकारों द्वारा आय व्यय से संबंधित जानकारी मांगे जानें पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। क्षैत्र की आम जनता बेहद परेशान हैं।
सच बताने वालो ने नंगे भस्टाचार को पहनाए 2000 के कपड़े
पार्षदों के द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप में देवी सिंह घिरते नजर आ रहे हैं,आनन फानन में ली गई प्रेसवार्ता में बताया जाता है की नंगे भ्रष्टाचार के ऊपर 2000 के कपड़े पहनाए गए है,परंतु इक्का-दुक्का लोगों को छोड़ दिया जाए तो लगभग सभी ने नंगे भ्रष्टाचार को कपड़े पहनाकर पेश किया गया ,परंतु भ्रष्टाचार को भ्रष्टाचार कहने वाले कुछ लोगों ने 2000 के कपड़े नंगे भ्रष्टाचार को नहीं पहनाये है, अब ऐसे में 2000 के कपड़े पहनाकर नंगे भ्रष्टाचार को पेश करने वाले देवी सिंह अगर यह कहते हैं कि उन्होंने विधायक प्रतिनिधि पद से इस्तीफा दे दिया है तो यह बात बेमानी लगती है पहली बात तो यह की पत्नी के अध्यक्ष रहते उसे नगर परिषद में हस्तक्षेप करने का अधिकार देवी सिंह को नहीं था बावजूद इसके विधायक प्रतिनिधि बनकर नगर परिषद में ही अपनी सेवाएं देना कहीं ना कहीं देवी सिंह के ऊपर प्रश्न चिन्ह लगाता है अगर अपनी पत्नी को आरोपो से बचाना चाहते तो पहले ही नगर परिषद के विधायक प्रतिनिधि पद से इस्तीफा दे सकते थे, परंतु देवी सिंह के मन में जरूर कुछ ना कुछ ऐसा चल रहा था तो लगभग 1 साल तक उन्होंने विधायक प्रतिनिधि नगर परिषद केवलारी का पद संभालते हुए पत्नी को संबल बनाने का नाटक करते हुए और अब जब भ्रष्टाचार के आरोप लगने लगे हैं तो इस्तीफा देने का ढोंग कर रहे हैं हालांकि देवी सिंह ने नंगे भ्रष्टाचार को 2000 के कपड़े पहनवाकर यह तो साबित कर दिया कि इससे ज्यादा की औकात नंगे भ्रष्टाचार को ढकने वालों की नहीं है और जिन्होंने 2000 के कपड़े नहीं पहनाए उन्होंने यह साबित कर दिया की नंगा भ्रष्टाचार नंगा होता है 2000 के कपड़े से नंगे भ्रष्टाचार को नहीं ढाका जा सकता है।
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