Home सिवनीं न्यूज़ विधवा राजनीति का शिकार हुई जन आशीर्वाद रैली

विधवा राजनीति का शिकार हुई जन आशीर्वाद रैली

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विधवा राजनीति का शिकार हुई जन आशीर्वाद रैली

महज 400 कार्यकर्ताओ में सिमटी जन आशीर्वाद रैली

सिवनीं भाजपा संगठन को केंद्रीय मंत्री के सामने उठानी पड़ी शर्मिंदगी

पिछले दिनों जन आशीर्वाद रैली को लेकर भाजपा कार्यालय में संगठन के आलोक दुबे और सांसद ढालसिंग बिसेन, विधायक मुनमुन राय ने पत्रकार वार्ता ली थी और यह बताया था कि किस प्रकार जबलपुर से जन आशीर्वाद रैली सिवनी आकर अमुक अमुक ग्रामीण इलाके से सिवनी की ओर आएगी, ऐसे में जब रैली सिवनी पहुंची तो केंद्रीय मंत्री के सामने सिवनी भाजपा संगठन को काफी शर्मिंदगी महसूस हुई, क्योंकि जिस प्रकार रूपरेखा बनाई गई थी और अपने आप को बेहतर साबित करने के लिए अपने शीर्ष नेताओं को संगठन के लोगों ने बताया था कि लोग भाजपा की योजनाओं से कितने लाभान्वित हैं और भाजपा को कितना लाड प्यार करते हैं ,जैसे ही केंद्रीय मंत्री जन आशीर्वाद रैली में जनता से सामने आशीर्वाद लेने पहुंचे तो महज चंद लगभग 400 कार्यकर्ता की भीड़ दिखाई दी, और जन आशीर्वाद रैली का इतिश्री हो गया, बल्कि बरघाट में इस रैली में अच्छी खासी कार्यकर्ताओ की भीड़ दिखाई दी, इसका मतलब साफ है,सिवनीं संगठन कार्यकर्ताओं को नहीं जोड़ पाया,  वही दूसरी ओर सिवनीं विधानसभा के विधायक मुनमुन राय ने जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी का राम कथा कार्यक्रम आयोजित करवाया है जहां पर जन आशीर्वाद रैली के वक्त पर लाखों की संख्या में भीड़ दिखाई दी ,अब ऐसे में क्या कहा जाए, विधायक मुनमुन राय के समर्थक जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी को मानने वाले, धर्म के प्रति आस्था रखने वाले, 90% लोग पंडाल के अंदर राम कथा सुन रहे थे, जिन लोगों ने जन आशीर्वाद रैली में अपने आप को सर्वोपरि समझने की कोशिश किया है,वह अभी तक जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी के सानिध्य में उनके दर्शन करने और राम कथा सुनने अपना मुख नहीं दिखाये हैं, एक तरफ तो ऐसा लगता है कि कहीं जगतगुरु रामभद्राचार्य जी का आशीर्वाद संगठन के कुछ लोगों को नहीं मिलने के कारण ही उन्हें केंद्रीय मंत्री के सामने शर्मिंदा होना पड़ा है।

विधवा राजनीति का शिकार हुई जन आशीर्वाद रैली

शिव की नगरी,पावन धरा सिवनी में जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के पावन चरण कमल पड़े हैं उनके सानिध्य में राम कथा से धर्म की डोर जोड़ी जा रही है, लाखों की संख्या में आस्था लिए श्रद्धालु राम कथा सुनने जा रहे हैं यह कार्यक्रम मुनमुन राय ने आयोजित करवाया है इसी समय जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज ने पत्रकारों के सवाल पर यह जवाब दिया था की राजनीति और धर्म दाम्पत्य जीवन जैसा माना जाता है धर्म को पति के रूप में बताकर राजनीति को पत्नी का दर्जा दिए है , जिस प्रकार पति के बिना पत्नी विधवा हो जाती है और पत्नी के बिना पति विदुर हो जाता है,उसी तरह धर्म के न रहने पर राजनीति विधवा हो जाएगी और राजनीति के न रहने पर धर्म विदुर हो जाएगा, अब ऐसे में भाजपा संगठन के कुछ लोग धर्मगुरु जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी के सानिध्य में आशीर्वाद लिए बगैर लाखों लोगों की आस्थाओं के ऊपर सवाल उठाते  जन आशीर्वाद रैली में भीड़ जुटाना की कोशिश तो किये, पर भीड़ नहीं जुटा पाए ,महज 400 लोगों के बीच में जन आशीर्वाद रैली का इतिश्री हो गया, केंद्रीय मंत्री के सामने संगठन के लोगों को मुंह छुपाना पड़ा, यह जानकारी शीर्ष नेताओं तक है कि सिवनीं में क्या चल रहा है और नुकशान भी दिखने लगा है, तो  जगतगुरु रामभद्राचार्य जी महाराज के कथनों के अनुसार यह माना जा सकता है कि सिवनीं में बिना धर्म यानी पति के राजनीति पत्नी विधवा राजनीति के रूप में दिखाई दे रही है और विधवा राजनीति का साथ किसी ने नहीं दिया, बजाय इसके अगर संगठन धर्म के सानिध्य में आशीर्वाद लेकर इस रैली को आगे बढ़ाते तो आज विधवा राजनीति साबित नहीं होती और संगठन को मुंह पर नहीं थुकवाना पड़ता।

राम के नाम पर राजनीति करने वाली पार्टी के लोग ही राम कथा और जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज से कर रहे हैं परहेज

9 सितंबर से 18 सितंबर 2023 का वह समय जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी के चरण कमल शिवानी की पावन धरा पर पड़े हैं राम कथा का आयोजन भाजपा सिवनी के विधायक दिनेश राय मुनमुन ने करवाया है उन्होंने यह बता दिया है कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है और रामभद्राचार्य महाराज जी वह शख्सियत है जिनके कारण जिनके सहयोग के कारण राम जन्मभूमि केस में जीत हासिल की गई है, भाजपा राम भगवान के नाम पर वोटो की राजनीति करते हुए देश पर शासन चलाती है आज धर्म की शख्सियत को दरकिनार कर उसी धर्म को एक तरफ रख राम कथा का वाचन सुने बिना भगवान श्री राम और जगतगुरु रामभद्राचार्य जी से परहेज करते हुए संगठन के कुछ लोग नजर आ रहे हैं समाचार लिखे जाने तक बीजेपी के अध्यक्ष आलोक दुबे और सांसद ढालसिंह बिसेन को छोड़ दे तो संगठन के वे लोग जो टिकट के दावेदार हैं वे राम कथा, जगतगुरु रामभद्राचार्य महाराज जी और सिवनी जिले की जनता की आस्था को एक तरफ रखते हुए अभी तक पंडालो में अपना मुंह नहीं दिखाये हैं ,चर्चाएं तो यह चल रही है कि इस कार्यक्रम को मुनमुन राय ने करवाया है और मुनमुन राय का विरोध संगठन के लोग कर रहे हैं इस कारण इस कार्यक्रम में नहीं जा रहे हैं परंतु जनता तो धर्म के प्रति इतनी जागरुक है कि अब उन्हें भाजपा के बहरूपियों की आवश्यकता नहीं है ,यहां जनता लाखों की भीड़ में आ रही है पर गंदी राजनीति का शिकार संगठन के कुछ लोग रामभद्राचार्य महाराज जी के सानिध्य में ना आकर राम कथा को ना सुनकर जनता के सामने भाजपा की क्या छवि बना रहे हैं, यह बात शीर्ष के नेताओं को सोचना चाहिए ,राजनीति एक अलग बात होती है पर जहां बात सनातन धर्म की हो वहां सनातनी को आगे आना चाहिए ,पर यहां राजनीति को सर्वोपरि रखते हुए ढोंग करते हुए धर्म का सहारा लेकर राजनीति करने वाले लोगों के कारण आज सिवनी का ये हाल है, पर जनता भी अब इन चंद लोगों के मुंह पर थूक रही है ,जन चर्चा चल रही है की राजनीति में कुर्सी का मोह अगर इतना है तो ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने यहां पर पहले विधायक रहे ,मंत्री रहे ,अगर इतना ही प्रेम था सिवनी की जनता को वाकई कुछ देना चाहते थे तो आज तक एक भागवत कथा भी क्यों नहीं करवाए, आज अगर मुनमुन राय ने जो भी सोच कर कार्यक्रम करवाया है पर हकीकत यह है कि जगत गुरु रामभद्राचार्य महाराज जी जैसे विख्यात, विद्वान, हिंदुओं के प्रेरणा स्रोत को अगर सिवनी जिले की पावन धारा में लाकर उनके मुखारविंद से राम कथा का श्रवण अगर जिले की जनता को करवा रहे हैं यह आम बात नहीं है, क्या इसके पहले राजनीतिक पद में रहे व्यक्तियों ने ऐसा कभी करवाया है पैसा हर किसी के पास होता है पर खर्च करने का माद्दा और जनता को कुछ देने का माद्दा हर किसी के पास नहीं होता ,इस तरह की जन चर्चा चल रही है की जो लोग इस आयोजन से मुंह मोड़ रहे हैं उनके लिए आगामी राजनीती घातक सिद्ध हो सकती है

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