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वर्दीधारी ने महिला की अस्मत से किया खेल,मामला हुआ दर्ज रूपेंद्र जाएगा जेल

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वर्दीधारी ने महिला की अस्मत से किया खेल,मामला हुआ दर्ज रूपेंद्र जाएगा जेल

रूपेंद्र वल्द लेखराम पाल ने  पुलिस को किया दागदार

25 दिन बाद हुआ धारा 376,376(2N)294,506 के तहत मामला दर्ज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुखिया हैं,  1000 रुपया अपनी बहनों को देकर सीना चौड़ा करते हैं और बहने भी सगे भाई से ज्यादा तवज्जो शिवराज सिंह जी को देने लगी है ऐसे में शायद मुखिया जी को यह जानकारी ना हो कि इनका प्रशासनिक अमला खासकर पुलिस और उसमें भी महिला पुलिस के द्वारा मुखिया जी की बहनो और भांजियों के साथ न्याय नहीं कर रही है, यहां मुखिया जी की बहन और भांजियों को अपने साथ हुए अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराने  काफी मशक्कत करना पड़ता है एक महीना लगातार पुलिस की चौखट को चूमना पड़ता है, इन पुलिस कर्मियों के पैर पढ़ना पड़ता हैं और हर बार प्रार्थी बनकर जाने पर पुलिस के द्वारा यह कहा जाता है की जांच चल रही है हम बुलाएंगे तब आना ,ताज्जुब करने वाली बात तो यह है की मध्य प्रदेश में सिवनी जिला का महिला थाना एक ऐसा थाना है जहां की निरीक्षक थाना प्रभारी के न रहने पर महिलाओं की रिपोर्ट नहीं लिखी जाती है, रोजाना रिपोर्ट लिखने से बचने के लिए थाना प्रभारी नए-नए बहाने बताती हैं और यह कहती हैं की कभी मंडला में है तो कभी जबलपुर में तो कभी ऑफिस के काम से बाहर हैं, मुखिया जी ऐसी स्थिति में क्या थाना प्रभारी के नहीं रहते आपकी बहन और भांजियों के साथ हुए अपराध की घटना के मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे? ऐसा है तो ठीक है फिर आप सीना चौड़ा करना छोड़ दीजिए और ऐसा नहीं है तो आपकी छवि धूमिल करने वाले आपकी बातों को झूठलाने वाले ऐसे थाना  प्रभारी को थाने में क्यों रखा जा रहा है? जो आपके किए गए वादों को पलिता लगा रहे हैं बहरहाल देर सबेर प्रार्थीया के द्वारा काफी मशक्कत करने के बाद मामला दर्ज किया गया है ,वह भी पुलिस के हिसाब से ऐसा प्रार्थिया का कहना है पर इस पूरे मामले में मध्य प्रदेश सरकार की, खास कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पोल खोल दी है और बता दिया है कि पुलिस प्रशासन के ऊपर सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है ,वह अपनी मर्जी से काम करते है,अगर हिम्मतवाली और पढ़ी-लिखी महिला हो तो ही अपने हक की लड़ाई लड़ सकती है अन्यथा कम पढ़ी-लिखी या हिम्मत से कमजोर महिला तो दो बार थाने जाकर अपना इरादा बदल लेती है , यही कारण है कि अपराध तो रोज हो रहे हैं पर महिला थाने में अपराध कम ही दर्ज होते नजर आते है,क्योंकि अपराध दर्ज कराने वालों को इतना थका दिया जाता है कि वो इरादा ही छोड़ दे।

25 दिन बाद हुआ धारा 376,376(2N)294,506 के तहत मामला दर्ज

 पुलिस विभाग में पदस्थ आरक्षक रूपेंद्र पाल ने दुराचार किया जिसकी शिकायत लेकर प्रार्थिया 14 अगस्त से पुलिस के चक्कर काट रही थी, अंतत 25 दिन बाद प्रार्थिया की मेहनत से पुलिस को मामला दर्ज करना पड़ा, पुलिस इस मामले में हीला हवाला देकर 25 दिन का समय काट ली और प्रार्थिया के कहें अनुसार मामला उसके आवेदन के अनुरूप नहीं बनाया गया है ,बताया जाता है की बलात्कार जैसे संगीन अपराध में महिला थाना की थाना प्रभारी के द्वारा प्रार्थिया को तरह-तरह से तोड़ने की कोशिश की गई, उसे प्यार से समझाइस के तौर पर डराया भी गया और जब प्रार्थिया नहीं मानी तो उसे जांच का नाम लेकर कुछ दिन टाला गया ,जब समय कट गया और उसके बाद प्रार्थिया लगातार थाने के चक्कर काटने लगी,और कोर्ट जाकर परिवाद डालने की बात करी तो थाना प्रभारी के द्वारा कभी मंडला तो कभी जबलपुर तो कभी सरकारी काम का हवाला देकर उसकी fir करने से टालते गए, हिंदुस्तान का यह पहला थाना होगा जहां थाना प्रभारी के न रहने पर अपराध घटित होने के बाद मामला पंजीबद्ध नहीं होता ,बावजूद इसके जब मामला दर्ज किया गया वह भी पुलिस की मर्जी से और इस वक्त भी थाना प्रभारी मौजूद नहीं थी ,जो काम 25 दिन बाद किया गया वह काम उसी दिन किया जा सकता था जिस दिन शिकायत की गई थी ,परंतु अपनी पुलिसिया रोब दिखाते हुए थाना प्रभारी ने जांच के नाम पर समय काटा और प्रार्थी को लगातार 25 दिन तक परेशान होना पड़ा अंततः पुलिस ने अपने हिसाब से मामले को तोड़ मरोड़ कर प्राथमिकी दर्ज की गई और प्रार्थिया के कहे अनुसार वह इस मामले के बनने के बाद संतुष्ट नहीं है ऐसा बताया जा रहा है, बहरहाल रूपेंद्र के खिलाफ 376 376 2n 294 506 का मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है अब देखना यह है यह रूपेंद्र पाल जो पुलिस विभाग का आरक्षक है पुलिस इसे पकड़ने में कितना समय लगाती है या जिस प्रकार पुलिस अभी तक रुपेंद्र पाल को अभय दान देती रही, क्या आगे भी ऐसा ही अभयदान देकर उसे बचाने के रास्ते आसान करती है।

प्रार्थिया के आवेदन को किया दरकिनार

पुलिस ने अपने हिसाब से लिखी गई fir

 दिनांक 10/09/2023 को महिला पुलिस थाना सिवनी में आवेदिका ,  ने थाना उपस्थित होकर एक हस्तलिखित आवेदन रूपेन्द्र पाल पिता लेखराम पाल उम्र 28 साल निवासी ग्राम चोरगांव थाना चौरई जिला छिंदवाड़ा वर्तमान निवासी भोपाल द्वारा शादी का प्रलोभन देकर कई बार जबरन शारिरीक संबंध बनाकर शादी ना करना एवं रिपोर्ट करने हेतु कहने पर गंदी गंदी मां बहन की गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी देने के संबंध में पेश करने पर आवेदिका के आवेदन के अवलोकन पर आरोपी रुपेन्द्र पाल पिता लेखराम पाल उम्र 28 साल निवासी ग्राम चोरगांव थाना चौरई जिला छिंदवाड़ा वर्तमान निवासी भोपाल द्वारा अपराध धारा 376, 376 (2) (n), 294, 506 भादवि का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है,आवेदिका ने बताया कि मेरा विवाह 2011 में छिंदवाड़ा में  हुआ था, जिससे मुझे एक पुत्र उम्र 10 साल का है, परंतु घरेलू हिंसा तथा वैचारिक मतभेद होने के कारण 2014 में में अपने पति  से अलग होकर अपने मायके सिवनी में आकर अपनी माता जी और भाई अमन  के साथ रह रही हु एवं मायके में रहकर ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हूँ। आज से 4 वर्ष पूर्व सन् 2019 में मैं सब इंस्पेक्टर की तैयारी के दौरान स्टेडियम ग्राउंड सिवनी दौड़ने जाती थी तब मेरी दोस्ती रूपेंद्र पाल पिता लेखराम पाल उम्र 28 साल निवासी ग्राम चोरगाव थाना चौरई जिला छिंदवाड़ा के साथ हुई थी। रुपेन्द्र पाल पुलिस विभाग सिवनी में आरक्षक के पद पर पदस्थ है जिसका बैच न. 614 है। रुपेन्द्र पाल के साथ पहले दोस्ती हुई फिर. रूपेंद्र ने मुझे यह आश्वासन दिया कि तुम्हारा तलाक हो जाए फिर हम दोनों शादी कर साथ में रहेंगे और 4. वर्षों तक शादी का प्रलोभन देते हुए मेरे मना करने पर भी रूपेन्द्र पाल ने मेरे साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। पहली बार रुपेन्द्र पाल ने मेरे साथ दिनांक 19/06/2020 के शाम 6/30 बजे बडी पुलिस लाईन स्थित पुलिस क्वार्टर में शादी का प्रलोभन देकर शारिरीक संबंध बनाया था। इसके बाद लगातार रुपेन्द्र पाल मुझसे शादी करने का कहकर मेरे साथ शारिरीक संबंध बनाता रहा। जब भी मैं शादी करने की बात करती तो रूपेन्द्र पाल मुझे टाल दिया करता था। मेरे द्वारा शादी हेतु बार-बार बोलने पर मेरे पहले पति से तलाक पहले ले लो यह बोलकर रूपेंद्र पाल मुझे चुप कर देता था और रूपेंद्र पाल मुझे पहले पति के पास जाने भी नही देता था। मेरे पति और मैं आपसी सहमति से तलाक लेने के लिये राजी हो गये तब रूपेन्द्र पाल कहने लगा कि तुम अभी तलाक मत लो यदि तुम तलाक लोगी तो हम दोनों के साथ की फोटो विडियो तेरे पति को दिखाकर तुझे बदनाम कर दूंगा। अचानक मुझे बिना बताये रूपेन्द्र ने अप्रेल 2023 में मंडला जिले में अपनी शादी सेट करवा लिया, फिर कुछ दिन बाद मुझे रूपेन्द्र पाल ने बताया की वह शादी करने वाला है व मुझसे अब वह शादी नही करेगा। आखिरी बार रूपेंद्र पाल ने मुझे शादी के संबंध में बात करना है कहकर उसके किराये के कमरे रोहित सनोडिया का मकान डुण्डासिवनी बुलाकर दिनांक 05/04/2023 के दोपहर 1/30 बजे मेरे साथ शारिरीक संबंध बनाया था, रूपेन्द्र पाल ने दिनांक 19/06/2020 से 05/04/2023 के बीच मुझे शादी का प्रलोभन देकर मेरे साथ अलग अलग स्थानो में पुलिस क्वार्टर सिवनी, बादलपार में किराये के कमरे में थाना डुण्डासिवनी के पीछे किराये के कमरे में कई बार जबरन शारिरीक संबंध बनाया है। मेरे द्वारा पुलिस में शिकायत करने का कहने पर रूपेंद्र पाल मुझे गंदी गंदी मा बहन की गाली गलौच कर कहता है की तू यदि मेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवायेगी तो मै तुझे जान से खत्म कर दूंगा। मेरे साथ रूपेन्द्र द्वारा घटित घटना की सारी जानकारी मैने अपनी मां,अपनी सहेली , और सहेली के पति व अपने अन्य परिचितो को दी हुँ । रूपेंद्र पाल को समझाईश देने के बाद उसके आचरण में सुधार आ जायेगा एवं वह मुझसे शादी करने हेतु मान जायेगा सोचकर मैने अब तक रूपेन्द्र पाल के विरुध्द कोई एफआईआर दर्ज नही कराई थी, किंतु रूपेन्द्र पाल को बहुत बार समझाईश देने के बाद भी वह मुझसे शादी करने हेतु नही मान रहा है। रूपेन्द्र पाल ने मुझे शादी का प्रलोभन देकर कई बार जबरन मेरे साथ शारिरीक संबंध बनाया है एवं अब शादी करने से मना कर रहा है मेरे द्वारा रिपोर्ट करने पर मुझे गंदी गंदी मां बहन की गाली गलौच कर मुझे व मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इस प्रकार की  प्राथमिक पुलिस के द्वारा दर्ज की गई है आवेदिका से बात करने पर यह बात स्पष्ट रूप से आवेदीका कह रही है कि मेरा आवेदन को पूरी तरह बदलकर पुलिस विभाग ने खासकर महिला थाना के पुलिसकर्मी और थाना प्रभारी ने अपने हिसाब से आवेदन बनाया और fir में साइन नहीं करने पर मुझे यह बोला गया कि मामला जैसा हम बता रहे हैं वैसा ही बनाना पड़ेगा वरना तुम्हारा केस कमजोर हो जाएगा नहीं तो मामला ही नहीं बन पाएगा, मजबूरन  दबाव में आकर प्राथमिकी में हस्ताक्षर की हूँ, क्योंकि पिछले एक महीने से इस मामले को पंजीबद करने के लिए पुलिस के चक्कर  काटकर मैं थक चुकी थी ,परंतु पुलिस के द्वारा की जा रही कार्रवाई से मैं संतुष्ट नहीं हूं ऐसा आवेदिका का कहना है अब देखना यह है कि क्या पुलिस वाकई प्रार्थी के ऊपर दबाव डालकर कार्यवाही करती है या फिर अपराधी की गर्दन पड़कर उसे जेल के अंदर डालते हैं ।

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