नहीं हो रही दुराचारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
पुलिस प्रार्थिया को घूमा रही नए-नए बहाने बताकर
इन दिनों मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज लाडली बहनों को 1000 रुपया का प्रलोभन दे रही है पर नारी सम्मान को लेकर सरकार पूरी तरह फेल नजर आ रही है ,मंच पर खड़े होकर अपराधियों को ललकारने वाले मुख्यमंत्री का प्रशासनिक अमला इतना लाचार और अपंग हो गया है की एक 30 वर्षीय युवती के साथ हुए दुराचार की शिकायत करने में पुलिस के हाथ पांव फूल रहे हैं, तरह-तरह के बहाने बताकर प्रार्थिया को लगभग एक महीने से घुमाया जा रहा है, नए-नए बहाने बनाकर प्रार्थिया को खुद की नजरों में गिराने की कोशिश की जा रही है, परिणाम यह हो रहा है की दुराचारी मजबूत होता नजर आता है और प्रार्थिया को नाना प्रकार से प्रलोभन और धमकियां दे रहा है ,लाचार अबला पुलिस के चक्कर काट रही है और शिवराज माइक पकड़े सीना तानकर महिला सशक्तिकरण की बात करते हुए महिला सुरक्षा के ताने-बाने बुन रहे हैं परंतु मामा को यह बात पता होनी चाहिए कि उनका प्रशासनिक अमला पूरी तरह फेल हो चुका है और मध्य प्रदेश में महिला की अस्मत खतरे में है।
क्या दुराचारी वर्दीधारी है इसीलिए पुलिस के फूल रहे हैं हाथ पांव
लगभग 1 महीने से सिवनी नगर की एक बेटी एक खाकीधारी के शिकंजे में फंसकर अपने साथ हुए दुराचार की शिकायत को लेकर दर-दर भटक रही है आला अधिकारियों को शिकायत कर चुकी है फिर भी सिवनी पुलिस इस अबला की शिकायत पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही करती नजर नहीं आ रही है ,जब भी प्रार्थीया महिला थाने जाती है या थाना प्रभारी को फोन लगाती है तो उसे यह समझाइए दी जाती है कि वह आला अधिकारियों के पास न जाए और इंतजार करें कार्यवाही चल रही है परंतु इस वाक्या को जो भी सुन रहा है वह तो यही कह रहा है की एक तरफ मुख्यमंत्री महिला सुरक्षा को लेकर प्राथमिकता से ऐसी शिकायत को मामला में पंजीबद्ध कर कार्यवाही करने की बात करते हैं वहीं दूसरी ओर महिला थाने की प्रभारी प्रार्थिया को ही साइलेंट रूप से वरगला रही है ,क्या यह इस कारण हो रहा है की प्रार्थिया ने जिस पर आरोप लगाई हैं वह वर्दीधारी है क्योंकि अगर आम इंसान के ऊपर यह आरोप लगा होता तो पुलिस राशन पानी लेकर उसके घर पर चढ़ जाती अभी तक तो वह जेल की हवा खा रहा होता ,पर पुलिस की मेहरबानी की वर्दी धारी होने का सही फायदा उठाते हुए रूपेंद्र पाल पर आरोप लगा है कि उसने दुराचार किया है वह अभी भी खुली हवा में सांस ले रहा है और बाकायदा पुलिस की नौकरी कर रहा है ऐसे में आम जनता का पुलिस पर से भरोसा उठता नजर आता है और इसकी जिम्मेदार महिला पुलिस और सिवनीं पुलिस नजर आ रही है।
भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे की भी नहीं सुनी पुलिस ने
वैसे तो सत्ता सरकार भाजपा की है और भाजपा की सरकार में प्रशासनिक अमला कितना बेलगाम है इस बात का अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है की परेशान दुराचार की शिकायत लेकर एक अबला जिले भर के पत्रकारों के सामने भाजपा कार्यालय में जिला अध्यक्ष आलोक दुबे के समक्ष अपना दुखड़ा रोती है और अपने मुखिया की बातों को सच साबित करने के लिए महिला सुरक्षा की बात रखते हुए भाजपा के जिला अध्यक्ष आलोक दुबे सिवनी जिला के पुलिस अधीक्षक को फोन लगाकर कार्यवाही करने की बात करते हैं परंतु लगभग 20 दिन बीतने के बाद भी भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे की बातों का पुलिस विभाग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है और प्रार्थिया लगभग 1 महीने से अपना आवेदन लेकर दर-दर भटक रही है इसका मतलब साफ है कि भाजपा सरकार में प्रशासन बेलगाम है प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान कितना ही महिला सुरक्षा को लेकर दहाड़ ले पर उनके कार्यकर्ता और उनके पदाधिकारी उनकी मनसा को प्रतिरूप नहीं दे सकते हैं इससे बड़ी नाकामी मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार की और क्या हो सकती है जहां भाजपा के जिला अध्यक्ष की बात को दरकिनार किया जाता है।