मामला कक्षा 9 वी से 12 वी तक के अवैध संचालन का
हर स्कूल में बच्चों को ईमानदारी और सच्चाई का पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन कुछ ऐसे स्कूल है जो शिक्षा का व्यापार कर सही गलत को तराजू के एक ही पल्ले में रखते हुए बच्चों के मां-बाप के जेब में डाका डाल अपनी तिजोरी भर रहे हैं, परिणाम यह है की जो बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं उनका भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है , पैसे कमाने के चक्कर में बच्चो के भविष्य के साथ ही खिलवाड़ करता अल महा इंग्लिश स्कूल कोचिंग के नाम पर हाई और हायर सेकेंड्री स्कूल का अवैध रूप से संचालन करते हुए बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है,जो प्रथम दृष्ट्या 420 जैसे अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे फर्जीवाड़ा करने वालों को कानून के शिकंजा में होना चाहिए ,पर स्कूल संचालक तो बेरोकटोक अभिभावकों से मनमाना पैसा वसूल करते हुए उनकी जेब खाली कर रहे हैं और बदले में बच्चों का भविष्य अंधकार में डाल रहे हैं जिसकी शिकायत जिला शिक्षा कार्यालय से हुई थी,बताया जाता है की शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच टीम बनाया था, 26 जून को अल महा स्कूल की जांच हुई जिसमे टीम ने पाया की स्कूल में हाई एवम हायर सेकंडरी की मान्यता नहीं है।स्कूल प्रबंधन के द्वारा फर्जी तरीके से हाई और हायर सेकेंड्री स्कूल का संचालन करते हुए दसवीं और बारहवीं के बच्चों को कोचिंग के नाम से पढ़ाया जा रहा है जिसके बाद जिला शिक्षा कार्यालय ने अल महा इंग्लिश स्कूल के प्रबंधक और प्राचार्य को नोटिस जारी किया है।
अलमहा स्कूल की मान्यता सिर्फ 01 से 08 तक ही है,और पढ़ा रहा 12 वी तक
जिला शिक्षा कार्यालय से अलमहा स्कूल को जो नोटिस जारी किया गया है उसमें स्पष्ट उल्लेख है कि यदि हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का संचालन बिना अनुमति के किया जाता है तो स्कूल को दी गई एक से आठवीं तक की मान्यता भी निरस्त कर दी जाएगी और स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिला शिक्षा कार्यालय के द्वारा गठित टीम के द्वारा की गई जांच से यह तो स्पष्ट हो गया कि अब तक अलमहा इंग्लिश स्कूल प्रबंधन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था इस बात की जानकारी बच्चों के परिजनों को भी नहीं थी अब बच्चों के परिजनों को अल महा स्कूल के संचालकों से यह पूछना चाहिए की जिन बच्चों ने एडमिशन ले लिया है अब उनका भविष्य क्या होगा।
क्रमशः………..