भाई के साथ मिलकर किया है वक्फ की 20 एकड़ जमीन पर कब्जा
दान की जमीन पर कब्जा कर खानदान की बता, कुछ लोग जमीदार बन गए तो कुछ लोग पटेल ,जो कॉलर ऊंची कर क्षेत्र के लोगों के सामने पटेली झाड़ते हैं। छपारा क्षेत्र के गोहाना के इकबाल पटेल की मुस्लिम समाज के साथ साथ अन्य समाजों में मान सम्मान रहा है।इकबाल पटेल के दो साहबजादे है लेकिन दोनो ही नियत के छोटे और हड़पो कमाओ की नीति पर भरोसा करतें है,और भाजपा नेता बनकर अपनी करतूतों को छुपाने की कोशिश कर रहे है, जिनमे से एक शाहिद पटेल है जो केवलारी विधायक राकेश पाल सिंह के सेनापति बनकर घूमते है और जिन्हे आलोक दुबे ने अपना आशीर्वाद देकर जिला भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। शाहिद पटेल ने भाजपा का मुखौटा लगाकर कुछ ऐसे काम किया है जो पार्टी और परिवार दोनो को बदनाम कर सकता है।
क्या आसिफ जरदारी,शाहिद नेता के कब्जे से मुक्त करा पाएंगे वक्फ की जमीन
सिवनी न्यूज के सूत्र बताते है की जामा मस्जिद छपारा की खसरा नंबर 204/1रकबा 7.405 हेक्टेयर भूमि है जिसमे कई वर्षो से गोहना के पटेल इकबाल मोहम्मद खान के सुपुत्र साहब मोहम्मद निवासी भीम गढ़ रोड़ छपारा और उनके भाई भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष मोहम्मद शाहिद पटेल का कब्जा है और दोनो ने वक्फ की जमीन आधी आधी बांट लिया है। अभी जिला भाजपा अध्यक्ष आलोक दुबे ने वक्फ बोर्ड अध्यक्ष बनाने में ग्राम पंचायत बोरदई के सरपंच आसिफ जरदारी को अध्यक्ष बनाया है। आलोक दुबे ने ही शाहिद पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है ऐसे में दोनों के तार आलोक दुबे से जुड़े है । शाहिद पटेल ने मस्जिद की जमीन पर कब्जा जमाया हुआ है जिसे हटवाने की नैतिक जिम्मेदारी आसिफ जरदारी की होगी । आसिफ जरदारी वक्फ बोर्ड से मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी के साथ निभाएंगे या वह अपनी पार्टी के शाहिद पटेल से रिश्तेदारी निभाएंगे यह उनके सामने बड़ी चुनौती होगी। गोहना के पटेल का यह चेहरा ग्रामीणों के सामने आया या नहीं यह तो वे ही जाने लेकिन सिवनी न्यूज अपनी नैतिक जिम्मेदारी पूरी करते हुए ऐसे पटेलो को बेपर्दा करने का प्रयास अवश्य करेगा जो धार्मिक जमीनों पर कब्जा जमाकर पटेली कर रहे है।