।। ॐ गणेशाय नम:।। हर हर महादेव ॥ जय गंगा मैया।। नमामि गंगे । नमामि नर्मदे ।
माननीय धर्मप्राण भक्तगणो अवगत हो की परमपिता परमात्मा शिवजी की कृपा दृष्टि व माता त्रिलोकेश्वरी की छत्रछाया में एवं बाल ब्रह्मचारी श्री श्री 1008 श्री शिवदयाल उर्फ संपूर्ण चैतन्य बाल योगी आरण्यवासी जी महाराज के सानिध्य में गत वर्ष की तरह निर्मल शांति गंगा आश्रम शिव दया (भटेखारी )से नवशक्ति सेवा मंडल एवं शिव – शिवा -शिव संपूर्ण चैतन्य सेवा शिष्य मंडल की के सदस्यों के द्वारा 21अगस्त2023 सोमवार को कावड़ -यात्रा निकाली जा रही है । जो कि महान धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन स्थल बालयोगी जी की सिद्ध तपस्थली ओम शक्तिपुंज आश्रम ओमदागढ़ धाम ( अमोदा) अमोदवन जा कर बाल ब्रह्मचारी जी द्वारा स्थापित भगवान अरण्येश्वर महादेव ,माताअमृत कला देवी एवं भगवान दत्तात्रेय के पास बह रही हिर्री नदी में ओम केआकृति में बनी धारा में से जल भरकर भक्त वापस शिवदया धाम (भटेखारी )आएंगेऔर बाल ब्रह्मचारी जी के तपोबल से गुफा में प्रकट भगवान शांतेश्वर महादेव पर जल अर्पण करेंगे एवं आश्रम में ही सिंहमुख पत्थर एवं हाथी पत्थर के बीच बालयोगी जी द्वारा स्थापित सिंहेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे ।
निर्देश:-
1. कावड़ पकड़ने वाले भक्त आश्रम का प्रतीक चिन्ह ओम शक्तिपुंज वाली ही झबली (टी-शर्ट ) ही पहनेंगे ।
2 .सफेद धोती ही बनेंगे या लपेटेगे ।
3 .दूसरे रंग की झबली ,धोती नहीं चलेगी ।
4 .झारी या तांबे के लोटे ही कावड़ में रहेंगे ।
5 .प्लास्टिक , काशा ,पीतल स्टील के पात्र नहीं चलेंगे ।
6 .20 तारीख की रात से ही लहसुन प्याज नहीं खाएंगे
7 .किसी प्रकार का नशा करके यात्रा करना सख्त मना है ।
8 .मांसाहार एवं शराब का सेवन 3 दिन पहले ही बंद करना होगा ।
9 .कावड़ यात्रा में पान तंबाकू गुटखा निषेध रहेंगे ।
10 .किसी प्रकार का धूम्रपान वर्जित रहेगा ।
11 .जूता चप्पल पहने पर पूर्ण बंदिश है नंगे पैर ही चलना होगा।
12 .कावड़ यात्रा में स्वेच्छा अपनी मर्जी से ही चलेंगे किसी को जोर जबरदस्ती नहीं है ।
13 .यात्रा के नियमों का पालन करने वाले ही यात्रा में शामिल होंगे।
14 .जिन भक्तों के पास पिछले वर्ष की प्रतीक चिन्ह वाली झबली होतो उसे ही पहन सकते हैं ।
15 .जिन भक्तों के पास झबली नहीं है तो नई झबली बनवाने के लिए शीघ्र ही 16 तारीख तक शक्तेन्द्र पटले से मोबाइल 7000632213 या 9039112983पर संपर्क करके अपना नाम लिखवा कर राशि जमा करें ।
16 .जिन भक्तों को कावड़ यात्रा में चलना है वह भक्त16 तारीख को12:00 बजे दिन तकअपना नाम श्री देवेंद्र पटले के पास लिखवा दें मो. न. 9977211761 निश्चित तारीख के अंदर जिन भक्तों ने नाम नहीं लिखवाये तो यात्रा में शामिल नहीं किए जाएंगे ।
विशेष:– ध्यान देने योग्य बात यह है कि अमोदागढ़ के जंगल का नाम आमोद वन बाल ब्रह्मचारी जी ही ने रखे है .यहां का 7 किलोमीटर का क्षेत्रफल का एरिया सन 1975 में तपस्याकाल में सर्च करके आमोदवन नामांकरण किए हैं यह खोज बाल योगी जी की है एवं यहां हिर्री नदी की धारा ओम के आकार में बनकर बहती है यह खोज भीअरण्येवासी जी की है इन से पहले कोई नहीं जानता था की नदी की धारा ओम के आकार में बनकर बहती है तीसरी बात इस स्थान का नाम अमोदा ओमदागढ कैसे पड़ा यह खोज भी बालब्रह्मचारी जी द्वारा की गई है इसका वृतांत बाल ब्रह्मचारी जी विस्तार से बताते हैं ।
॥जय ओम शक्ति पुँज आश्रम ओमदागढ धाम ( आमोदा )
॥जय निर्मल शांति गंगा आश्रम शिवदया धाम ( भटेखारी ) ॥
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