Home सिवनीं न्यूज़ बहु संगीता की लाश मिली थी कुएं में<br>आरोपी पति,जेठ,ससुर पहुंचे जेल में

बहु संगीता की लाश मिली थी कुएं में
आरोपी पति,जेठ,ससुर पहुंचे जेल में

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बहु संगीता की लाश मिली थी कुएं में<br>आरोपी पति,जेठ,ससुर पहुंचे जेल में

संगीता आत्महत्या/हत्या मामले में धारा 306,34 के आरोपी पति देवेंद्र ,जेठ रविन्द्र ,ससुर रामसिंग ठाकरे गए जेल

21 जुलाई 2023 को दोन्दीवाड़ा गांव की कुएं में संगीता ठाकरे का मृत शरीर तैरते हुए मिला था, प्रथम दृष्ट्या संगीता की हत्या का अंदेशा संगीता के मायके वालों को हुआ था और ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए संगीता के पति देवेंद्र ,जेठ रविंद्र और ससुर राम सिंह की शिकायत की गई थी जिसमें पुलिस ने कार्यवाही करते हुए मर्ग कायम किया और जांच पूर्ण करने के बाद धारा 306 और 34 के तहत मामला पंजीबद करते हुए मृतक के पति देवेंद्र ठाकरे ,जेठ रविंद्र ठाकरे और ससुर राम सिंह ठाकरे को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया जहां से तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है

क्या होती है धारा 306,और धारा 34

उदहारण के लिए यदि किसी व्यक्ति पर ऐसे लांछन लगाए जाए जिससे उसको इतना मानसिक कष्ट पहुचे की वह आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाए, तो ऐसे लांछन लगाने वाले को धारा 306 मे आत्महत्या के दुष्प्रेरण का दोषी ठहराया जा सकता है। अब यदि ऐसे दुष्प्रेरण एक से ज्यादा व्यक्तियों ने किया हो तो धारा 306 के साथ धारा 34 लगाई जाती है।

पहले और प्रमुखता से समाचार को प्रकाशित किया था सिवनी न्यूज़ ने

बहु की लाश कुएं में मिलना समाज की बुराइयों में ऐसी बुराई है जहां पर बेटी और बहू के बीच में लंबी खाई खोद दी गई है मंच पर खड़े होकर समाज के लोग भले ही कितनी भी बात कर ले बहु को बेटी मानते हैं पर ऐसे मामले मंच पर कही गई बातों को झुठला देते हैं हम लगातार कुप्रथा कुरीति और ऐसी सामाजिक विषमताओं को लेकर आवाज उठाते रहते हैं दबा कुचला गरीब समाज का वह व्यक्ति जो न्याय के लिए नहीं लड़ सकता समाज भी जिन्हें केवल चंदा वसूल करने के लिए केवल अपने रसीद कट्टा का एक कागज मात्र समझती है हम ऐसे लोगों की आवाज को हमेशा उठाते हैं इस मामले में भी समाज से गुहार लगाई गई थी परंतु समाज का कोई भी व्यक्ति आंदोलन कोई प्रतिक्रिया नहीं दी हमारा उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं परंतु ऐसी विषमताओं के लिए समाज के जिम्मेदारों को आगे आना चाहिए अमूमन देखा जाता है की धनवान व्यक्ति अगर किसी मुसीबत में फसता है तो उसकी मदद करने के लिए खुद ही उसके घर के चार चक्कर लगाए जाते हैं और जब गरीब परेशान होता है तो यही जिम्मेदार उनसे कन्नी काटते नजर आते हैं बहरहाल संगीत की मृत्यु के बाद अब पुलिस ने अपनी कार्यवाही करते हुए संगीता के पति जेठ और ससुर को जेल पहुंचा दिया है,अरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सल्हे गांव की संगीता पटले का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व दोन्दीवाडा  के ठाकरे परिवार में हुआ था और 15 साल बाद संगीता का शव कुएं में मिला, कारण बताया जा रहा था कि संगीता की लगातार तीन बेटियां पैदा हुई और संगीता के पति को बेटा चाहिए था तीसरी डिलीवरी के बाद संगीता के पति और उसके ससुराल पक्ष का रवैया संगीता के प्रति ठीक नहीं था और अंततः संगीता को मौत के घाट उतार दिया गया, ऐसा आरोप संगीता के मायके पक्ष परिजन लगा रहे थे, सवाल यह पैदा होता है संगीता जिस समाज से ताल्लुक रखती है इस समाज में शिक्षा की कमी नहीं है, लगभग 90% पढ़े लिखे लोग हैं, बेटियों की तरक्की होने पर समाज का गौरव बताया जाता है, और इन्ही समाज के गौरव,बेटियों को  समाज के कुछ दरिंदो के द्वारा पैरों तले रौंदा जा रहा हैं, ऐसी घटना कारित होने पर बेटी के परिजनों को समाज मदद करने नहीं आ रहा था यह पहली घटना नहीं थी, लगभग 6 माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में इसी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक और बेटी को कुएं में डूबा कर मारा गया था, वह भी इसी समाज से ताल्लुक रखती थी, उस वक्त भी समाज के लोगों ने मौन धारण किया हुआ था, आखिरकार शिक्षित समाज, सुदृढ़ समाज, संपन्न समाज, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र में विधायक और सांसद निर्धारित करने वाला समाज, बेटी के लिए गौरवान्वित होने वाला समाज,पर आज बेटी को बेटी पैदा होने पर मौत के घाट उतारा जाता है तो दरिंदे के खिलाफ लड़ने में बेटी के परिजनों के साथ खड़े होने में कमजोर क्यों साबित हो रहा है, और ऐसा ही चलता रहा तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा समाज के जिम्मेदारों के मुंह से सुनने में ठीक नहीं लगेगा, वर्तमान की परिस्थिति तो यह चल रही है की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बहू अगर बेटियां पैदा करे तो उसको कुआं में डूबाओ।

क्या था मामला

साल्हेखुर्द के ईश्वरदयाल पटले ने थाना प्रभारी अरी और पुलिस अधीक्षक सिवनीं को आवेदन देते हुए बताया कि मेरी बेटी संगीता ठाकरे की हत्या की गई है ,उन्होंने बताया कि मेरी बेटी संगीता का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व ग्राम दौदीवाड़ा निवासी देवेन्द्र ठाकरे / रामसिंह ठाकरे के साथ सम्पन्न हुआ था। मेरी पुत्री संगीता की तीन बेटिया है। जिसमें दो बेटियों के जन्म तक परिवार में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था ऐसा संगीता द्वारा बताया गया था, परंतु तीसरी बेटी के पैदा होने के बाद से ही मेरी बेटी को परेशान किया जाने लगा. ऐसा मेरी बेटी ने बताया था।दिनांक 21/07/2023 को सुबह 06:20 बजे देवेंद्र ठाकरे द्वारा सुचना दी गई कि संगीता ठाकरे विगत रात्रि 09:00 बजे घर में नहीं है पर उसके परिवार के द्वारा दिनांक 20/07/2023 कि पुरी रात्रि के दौरान मुझे या किसी भी परिजन को किसी भी प्रकार कि कोई सुचना नही दी गई, पर ठीक 06:25 बजे पुनः बेटी के ससुराल से जेठ बेटे द्वारा फोन आया कि चाचीजी कुए में गिर गई है, तब हम लोग सुचना पाते ही तुरंत सुबह 8 बजे दोंदीवाडा पहुच गये। हमने मौके पर जाकर देखा तो संगीता कुए में मृत मिली।हमे संगीता द्वारा बताया गया था कि आये दिन मेरा जेठ रविंद्र ठाकरे पिता रामसिंह तथा पति देवेन्द्र ठाकरे पिता रामसिह ससुर रामसिह ठाकरे एवम् मेरी जेठानी द्वारा तीन बेटी होने के कारण मारपीट एवम् जान से मारने की बात कही जाती थी। उक्त घटना को ध्यान में रखते हुए दोषियों पर उचित कार्यवाही करने की बात कही थी।

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