शिवराज की भांजी न्याय के लिए भटक रही दर-दर ,लगा रही पुलिस से गुहार, नहीं ले रहा कोई शुद्
पुलिस की वर्दी पहनकर महिला की अस्मत को तार तार करने वाला बेधड़क वर्दी की धाक दिखा रहा है, डरी, सहमी, मजबूर ,अबला, न्याय पाने की आस में नजरे गड़ाए न्याय की बाट देख रही हैऔर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह 1000 रु अपनी बहनों को देकर,भांजियों को लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ देकर अपने मुंह से मियां मिट्ठू बन रहे हैं, परंतु हकीकत कुछ और है यहां मामा की भांजी अपने ऊपर हुए अत्याचार ,ज्यादती करने वाले खाकी वर्दी पहन कर अस्मत को लूटने वाले के खिलाफ शिकायत लेकर घूम रही है और पुलिस उसे बाहर का रास्ता दिखा रही है ,कहने को तो महिलाओं के लिए दर्जनों कानून बना कर महिला सुरक्षा का दम भरते है पर ये सब कागजो तक सीमित हैं अमल कभी नही होता है,कानून व्यवस्थाओं की हकीकत उन लोगों से पूछिए जो वाकई प्रताड़ित हैं, मंच पर बड़ी-बड़ी बात करने से चुनाव जीता जा सकता है जिसके साथ अत्याचार हो रहै है उसे न्याय कैसे मिलेगा,मामा यहां तो खाकी वर्दी पहनने के बाद अदने से हवालदार इस प्रकार बेलगाम हो गए हैं की एक महिला की 4 साल तक अस्मत लूटने के बाद उसे यह धमकाते चमकाते रहते हैं कि अगर तूने हमारे खिलाफ शिकायत करी तो तुझे और बच्चे को जान से मरवा देंगे, जब इस बात की शिकायत लेकर महिला पुलिस विभाग में जाती है तो उसे दिन भर बिठाकर उसकी शिकायत पर कार्यवाही तक नही होती , उसे बैरंग वापस लौटा दिया जाता है, और कुछ पुलिसकर्मी अस्मत लूटने वाले खाकीधारी की प्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहे हैं तो कुछ खाकीधारी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हुए जान पड़ते हैं, ऐसे में महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े कानून कागजों में बनाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह हजार रुपए महिलाओं को देकर सुर्खियां जरूर बटोर सकते हैं पर जिन कानून के रक्षक को महिलाओं, भांजियों,बहनों , मातृशक्ति की सुरक्षा करने के लिए वेतन दिया जा रहा है वहीं खाकिधारी, मामा तुम्हारी भांजी , बहन को शरेबाजार बिन कपड़े की इज्जत करते हुए, अस्मत को तार-तार करते हुए ,रोड पर लाकर खड़ा कर दिया है और अभी भी खाकीधारी कानून की गिरफ्त से बाहर है, यह कैसी सरकार है जहां एक खाकीधारी जो महिलाओं को सुरक्षा देने का काम करता उसने महिला की अस्मत को तार तार किया ,और अब महिला को अपनी अस्मत तार-तार होने के बाद न्याय पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, सिवनी नगर की एक महिला की व्यथा जो खाकीधारी पर आरोप लगा रही है और पुलिस उसकी सुनवाई नहीं कर रही है ,यह मामला शिवराज सिंह सरकार की कानून व्यवस्था के ऊपर थूकता हुआ नजर आ रहा है, एक अदना से खाकी धारी पूरे मध्य प्रदेश के पुलिस विभाग को ठेंगा दिखा रहा है और पुलिस आज भी उस महिला की वेदना को सुने बगैर उस महिला को दर-दर भटका रही है।
पुलिस आरक्षक रूपेंद्र पाल ने 30 वर्षीय युवती को शादी का प्रलोभन देकर 4 सालों तक कियाबलात्कार
प्राप्त जानकारी और समाचार पत्र के कार्यालय में मौजूद दस्तावेज की माने तो सिवनी नगर की रहने वाली एक तलाकशुदा 30 वर्षीय युवती ने रूपेंद्र पाल आरक्षक सिवनीं पर यह आरोप लगाया है कि उसने विगत 4 वर्षों से शादी का प्रलोभन देते हुए उसके साथ लिव इन रिलेशन में रहा,पत्नी जैसा रिश्ता रखा और शारीरिक सम्बंध बनाता रहा, जब शादी करने की बात आई तो वह अपनी शादी कहीं और सेट कर रहा था, और अब युवती को दूध की मक्खी की तरह निकाल कर फेंक दिया है, ऐसे में महिला न्याय पाने के लिए खाकीधारी की शिकायत पुलिस विभाग में करने परेशान होकर घूम रही है ,परंतु पुलिस विभाग भी उसकी किसी प्रकार से कोई मदद नहीं कर रहा है, महिला ने बताया कि इसके पहले भी उसने शिकायत की थी परंतु उस वक्त जब बयान देने जाना था तो कई दिनों तक उसे रूपेंद्र ने बहलाते फुसलाते और डराते हुए रोकते रहा और आखिर में उसने शादी की बात करने की बात कर कहां की दीपावली के बाद शादी कर लेंगे तू ब्यान पलट दे, तो मैं शादी कर लूंगा, वरना तेरे बच्चे को जान से मार दूंगा ऐसे में महिला ने अपने बयान तो पलट दी परंतु रूपेंद्र पाल ने अपनी औकात दिखा दिया और महिला को पिछले 5-6 महीने से बदनाम कर रहा और साथ ही डूंडा सिवनी में जिस घर में रूपेंद्र पाल उक्त युवती के साथ रहता था रातों-रात उस मकान को भी बदल दिया है ताकि वह उस मकान तक ना पहुंच पाए , अब ऐसे में युवती इस पुलिसकर्मी की शिकायत लेकर दर-दर भटक रही है और रूपेंद्र पाल के खिलाफ मामला पंजीबद नहीं हो रहा है,युवती ने बताया कि डुंडा सिवनीं थाने का एक आरक्षक भी रूपेंद्र पाल की मदद कर रहा था जिसने मुझे बहुत चमकाया और डराया है जिसने मेरे घर मे डरा चमकाकर मुझे मेरे घर से निकलवाया था, और अब मैं इन दोनों पुलिस कर्मियों की शिकायत करने के लिए घूम रही हूं, तो पुलिस मेरी मदद नहीं कर रही है, प्रताड़ित युवती तो यह तक बता रही है कि किस-किस जगह पर रूपेंद्र पाल उसके साथ रहा और कहां-कहां उसका शोषण किया, पुलिस लाइन में एक आरक्षक के क्वार्टर का जिक्र भी महिला कर रही है जीस आरक्षक के क्वार्टर का इस्तेमाल रूपेंद्र पांल ने महिला का शोषण करने के लिए किया था।
डीआईजी के समक्ष भी की गई थी शिकायत
प्राप्त दस्तावेजों की माने तो सिवनी नगर की 30 वर्षीय युवती ने रूपेन्द्र पाल द्वारा मानसिक व शारिक शोषण को लेकर डीआईजी छिंदवाड़ा को शिकायत की थी जिसमें उसने बताया था कि वह सिवनी निवासी है उसकी उम्र 30 वर्ष है ,2011 में युवती का विवाह छिंदवाड़ा मे हुआ था, जिससे 1 पुत्र भी है ,लेकिन घरेलू हिंसा तथा वैचारिक मतभेद होने के कारण 2014 से अपने मायके में माता पिता तथा भाई के साथ रहती है, तथा आगे की पढ़ाई तथा प्राइवेट बैंक में जॉब करती थी, किंतु पिछले 4 वर्षो से पुलिस में पदस्थ रूपेन्द्र पाल (614) के साथ पहले दोस्ती हुई फिर, हम दोनो ने पूरी जिन्दगी एक साथ रहने का बोलकर मुझे आश्वासन देता रहा की तलाक हो जाने दो हम शादी कर साथ रहेंगे और चार वर्षो तक मना करने पर भी शारिरिक संबंध बनाया, जब भी शादी की बात की टाल दिया करता था, बार बार बोलने पर तलाक (पहले पति से) ले ले,मुझे ये बोलकर की मै तुझे पति के साथ नही रहने दे सकता, फोटो दिखाकर बदनाम कर दूंगा, धमकी देकर कोर्ट मे केस लगवा दिया ,फिर जहां जॉब करती थी वहां से भी स्तीफा दिलवा दिया तथा मुझे झूठ बोलकर कही (मंडला) जिले मे शादी सेट कर लिया तथा जिले से बाहर ट्रांसफर कराने के लिए बोल रहे है तथा मेरे बोलने पर भी शादी के लिए नही मान रहे है , सिवनी शहर मे इस बात की खबर है, पुलिस विभाग में भी बदनाम किया है ,मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता ये बोलकर नए नए नंबर से दबाव बना रहा है। शेखर बघेल का कहना है कि पैसा ले 3 लाख और उसको उसको शादी करने दो, वह कहता है मुझे शादी करने दो तुमको भी रख लूंगा, किसी से की बार-बार धमकी दिलवा रहा है हम जान से मरवा देंगे ,समझौता कर पैसा लेकर शहर से बाहर चले जाओ. शेखर बघेल, सुभाष पाल, नन्द पाल (CRPF) ये मुझे जहाँ की मिलते है समझौता करने तथा FIR न करने का दबाब बना रहे है।