Home सिवनीं न्यूज़ कर्मचारियों का शोषण करने में माहिर है बड़ा बाबू सतीश कुल्हाड़े

कर्मचारियों का शोषण करने में माहिर है बड़ा बाबू सतीश कुल्हाड़े

0
कर्मचारियों का शोषण करने में माहिर है बड़ा बाबू सतीश कुल्हाड़े

एक कहावत है नंगे के हाथ में लंबे नाखून हो जाये तो खुजा खुजा के खता बना लेता है और ऐसा ही माजरा इन दिनों नगर पालिका में पदस्थ बड़ा बाबू सतीश कुल्हाड़े के साथ जान पड़ रहा है जो एक बाबू की पोस्ट में होते हुए नगरपालिका के सीएमओ और अध्यक्ष को उंगलियों  पर नचाता है ,वह तय करता है कि कौन नगरपालिका में काम करेगा और कौन काम नहीं करेगा, यहां तक कि नगरपालिका में कार्यरत कर्मचारी भी  बाबू से परेशान रहते हैं, प्रताड़ित कर्मचारी तो बड़े बाबू का नाम सुनते ही आग बबूला हो जाते हैं, कारण यह है कि बड़े बाबू ने कभी अपने से निचले कर्मचारियों को नगरपालिका का कर्मचारी ना समझते हुए खुद का नौकर समझे हैं ,आए दिन किसी का पगार रोकना, तो किसी को सजा देना इनका काम रहता है, इनकी विवादित कार्यप्रणाली के चलते बड़े बाबू को लोग पसंद नहीं करते हैं, फिर भी ना जाने क्यों जितने भी सीएमओ यहां आए सभी के सभी बड़े बाबू की उंगलियों पर नाचते हैं बड़े बाबू की विवादित कार्यप्रणाली और शोषण करने की बहुत से मामले शरेबाजार चर्चा का विषय बने रहते हैं परंतु कैसी नगरपालिका की,अपने  नगर पालिका के कर्मचारियों को बड़े बाबू के शोषण से मुक्त नहीं करा पा रही है।

कर्मचारियों की किया है सीआर खराब

बताया जाता है कि सतीश कुल्हाड़े को छपारा और बरघाट का प्रभार था जहां पर कार्यरत कर्मचारियों के साथ भी सतीश कुल्हाड़े ने शोषण करते हुए उनका भविष्य खराब कर दिया ,उनकी सीआर खराब कर दिया ,सूत्र बताते हैं कि जो कर्मचारी 20 साल से काम कर रहे थे उन कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्य करवाया जा रहा था सतीश ने इन कर्मचारियों को आउट सोर्स में रख दिया जबकि दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को आउट सोर्स में नहीं रखा जा सकता था और उसके लिए अलग से कर्मचारी की नियुक्ति की जानी थी ,अब ऐसे में यह विवाद जब गर्माया तो सतीश ने उन्हें दैनिक वेतन भोगी में कर दिया गया अब आउटसोर्स से दैनिक वेतन भोगी में आए कर्मचारियों की सीनियरिटी खत्म हो गई इस हिसाब से आने वाले समय में इन कर्मचारियों के साथ तो धोखा हो गया और इसका पूरा जिम्मेदार सतीश है और यह छपारा और बरघाट में हुआ है इस तरह से कर्मचारियों के साथ उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले सतीश आज भी सीना तान कर पेट बाहर निकाल कर चलते हैं और सीएमओ और अध्यक्ष उनकी उंगलियों पर नाचते हैं आखिर कौन सी बारीक नश दबाकर सतीश ने रखी है

अकुशल कर्मचारियों को कुशल करने के मामले में लग चुके हैं लेनदेन के आरोप

शहर के अंदर आवारा पशु और कुत्तों को पकड़ने वाले कर्मचारियों जिन्हें अकुशल कर्मचारियों को कुशल कर्मचारी बनाने की प्रक्रिया में बताया जाता है कि सतीश ने लेनदेन करते हुए ऐसे लोगों को कुशल कर्मचारी बना दिया जो कुशल कर्मचारियों की श्रेणी में नहीं आ सकते थे ,इस मामले में सतीश  के साथ अन्य कर्मचारी और पार्षद के नाम भी सामने आ रहे हैं जो आगामी समय में प्रकाशित किए जाएंगे परंतु जिस प्रकार कर्मचारियों को कुशल में परिवर्तित किया गया और वह भी उन्हें जो कुशल की श्रेणी में नहीं आते हैं तो जो वाकई में कुशल की श्रेणी में आते हैं उनके साथ तो धोखा किया है सतीश ने ऐसे में सीएमओ और अध्यक्ष और यह नगर पालिका सतीश को क्यों झेल रही है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here