सतीश कुल्हाड़े जनता के टैक्स से पगार पा रहा
नगर की जनता को ही कुत्ता घाई गुर्रा रहा
कांग्रेस भाजपा सरकार को कितना ही कोस ले पर कांग्रेस की नगर सरकार भी जनता के साथ बेईमानी कर रही है, जिसका जीता जागता उदाहरण है सतीश कुल्हाड़े जैसे बाबू जो नगर पालिका को अपनी रखैल समझकर उपयोग करते है नगर सरकार कांग्रेस की है जो कर्मचारी भाजपा नगर सरकार में पूंछ हिलाते थे आज कांग्रेस की नगर सरकार में वह अदना कर्मचारी कुत्ते जैसे गुर्रा रहा हैं जनता के द्वारा दिए गए टैक्स से सरकारी कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है यह वेतन पाकर और नगर पालिका के अंदर अपनी बपौती चलाने वाला अदना सा कर्मचारी की चर्बी इतनी बढ़ गई है की टैक्स देने वाली जनता जो इस कर्मचारी कि माई-बाप है उन्हीं को आंख दिखाते हुए नजर आ रहा हैं जबकि इस सरकारी कर्मचारी को अच्छे से पता है कि सरकार द्वारा दि गई पगार जनता से लिए गए टैक्स से इस कर्मचारियों को दी जाती है तो इस हिसाब से यह कर्मचारी जनता के सेवक हुए, नौकर हुए और यही नौकर अपने मालिक को अगर आंख दिखाने लगे ,जनता के साथ ,अपने मालिक के साथ बुरा बर्ताव करने लगे तो जनता को चाहिए कि ऐसे नौकरों को उनकी जगह दिखाई जाए, परंतु यहां तो एक अदना सा बाबू नगरपालिका के सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष को अपने इशारों पर नचाता है, बड़ा बाबू जिसे चाहता है उसे ही नगर पालिका में रहने देता है।
बड़े बाबू सतीश कुल्हाड़े का विवादित रहा है कार्यकाल,फिर भी सिवनीं से नही हो रहा मोह भंग
बताया जाता है कि बड़े बाबू सतीश कुल्हाड़े का कार्यकाल विवादित रहा है यह लंबे समय से सिवनी में पदस्थ है बीच में बड़े बाबू का स्थानांतरण लखनादौन हो गया था परंतु सिवनी से मोह खत्म नहीं होना और उच्च स्तरीय सेटिंग के चलते सीएमओ और अध्यक्ष को उंगलियों पर नचाते हुए अपना ट्रांसफर रुकवा लिया ऐसा सूत्र बताते हैं आखिर सिवनी नगर पालिका में इतने लंबे समय से सतीश कुल्हाड़े कैसे नौकरी कर रहा है यह जांच का विषय है,आगामी अंको में हम बताएंगे कि सतीश का नगर पालिका से क्यों नही होता मोह भंग,नगर पालिका में किस किसका आशीर्वाद पाकर दुधारू गाय की तरह दोह रहा नगर पालिका को और कौन कौन पी रहा इस दुधारू नगर पालिका का दुध।
नगर पालिका ध्यान दें तो बिठाई जा सकती है बड़े बाबू की जांच
नगर पालिका सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष अगर इमानदारी से अपना काम करें और नगर पालिका के बड़े बाबू की जांच करा लें तो सारा दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा कि किस तरह नगरपालिका के पैसों का दुरुपयोग कर सेटिंग के लोगों को बड़े बाबू के द्वारा उपकृत किया जाता है उस बदले में बड़े बाबू को चनोत्री के रूप में मैनेज किया जाता है वैसे बड़े बाबू बड़े शौकीन मिजाज के जान पड़ते हैं सूत्रों के मुताबिक बड़े बाबू सरकारी कर्मचारी और जनता के बीच में अच्छा तालमेल बिठाकर चलते हैं ऐसा समझते हैं सूत्र तो यह भी बताते हैं कि बड़े बाबू से अगर कोई रूठ जाए तो उनको सॉरी वाला केक भी उनके कार्यालय और घर तक पहुंचा कर माफी मांगते हैं खैर पर्दे की बातें अब धीरे-धीरे बाहर आने लगी हैं आगामी समय में हर पर्दे से राज बाहर निकालकर सिवनी न्यूज़ में खुलासा करेंगे