पगार लिए पूरी,काम करे जीरो
सच्चाई उजागर होने पर कई दलाल और के कलेजे में लोट रहे सांप
भाट गिरी और दलाली से पेट भरने वाले अभी तक बिना प्रमाण के बताते रहे क्राइम रेट कम हुआ
सिवनी को शिव की नगरी कहा जाता है और सिवनीं की जनता बहुत भोली हैं यहां स्थानीय लोगों को कम तवज्जो देकर बाहर से आए लोगों का आदर सत्कार किया जाता है ,उनको सर्वेसर्वा माना जाता है जिसका फायदा कुछ दलाल रूपी अलग-अलग व्यवसाय से जुड़े लोग उठाते है,ये दलाल बाहर से आए लोगों की चरण वंदना कर अपने आपको गौरवान्वित महसूस भी करते हैं अपने जिले की जनता को लाभ दिलाने की बजाय बाहर से आए व्यक्ति को शहर लूटने का मौका देते हुए उस लूट की खुरचन खाने पर भरोसा करते हैं ,और ऐसा ही माजरा सिवनी जिले में देखने को मिलता है, हम बात करें पुलिस विभाग की तो पुलिस विभाग में इन दिनों तबादले चल रहे हैं जिसके चलते सिवनी जिले के अलग-अलग थानों में लगभग 5 साल पूरे कर चुके कोतवाली थानेदार महादेव नागोतिया का स्थानांतरण जबलपुर हो गया है, हालाकी जबलपुर भेड़ाघाट से ही वे लखनादौन आए थे और लखनादौन में ही महादेव नागोतिया की कार्यप्रणाली सामने आना शुरू हो गई थी,थानेदार का एक चेहरा समाजसेवी के रूप में दलाल पूरी दुनिया को दिखाना चाहते थे और दूसरा चेहरा ऐसा था जिसकी सच्चाई समय-समय पर कुछ अखबार के माध्यम से आती रही है, परंतु दलाल हमेशा झूठ बताकर सच को छिपाने का प्रयाश करते रहे है पर अब झूठ के पैर टूट चुके हैं और सच सामने आने लगा है हम आपको परत दर परत प्रमुख घटनाएं बताएंगे जिससे इस बात की पुष्टि हो जाएगी की थानेदार के आने से सिवनी में क्राइम रेट बड़ा था या घटा था, ऐसी कौन सी उपलब्धि रही जिसे लेकर दलाल आज भी जनता के सामने झूठ परोस रहे है।क्या थानेदार साहब की तारीफ में चार लाइन लिखकर अभी भी अपनी जेब भरना चाह रहे हैं, क्योंकि हम जो बताने जा रहे हैं उसे पढ़ने के बाद यह एहसास हो जाएगा की दलाल, भाट और चापलूस लोगों ने थानेदार साहब को हीरो बनाया था परंतु थानेदार साहब को जिस काम के लिए वेतन और वर्दी दी गई है उसी काम में वह जीरो निकले है।
बैंकों में करोड़ों का घोटाला थानेदार साहब आज तक नही कर पाये खुलासा
सिवनीं कोतवाल के दलाल कितना भी उछल कूद मचा ले ,पर बड़े-बड़े मामलों को पीने के बाद चंद लोगों की मदद के नाम पर दर्जनों लोगों से चंदा इकट्ठा करने वाले , यह बताएं कि थानेदार साहब के रहते क्राइम रेट गिरा है ऐसे लोगो के मुंह पर यह तमाचा होगा कि कोतवाली के प्रभार के रूप में थानेदार जब से प्रभार में आए उसके बाद सिवनी नगर के अंदर दो बैंक के बड़े घोटाले बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक में हुए, जिनमें बाहर के लोगों के द्वारा सिवनी के लोगों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए का घोटाला किया गया ,इस फर्जीवाड़ा में जिन लोगों कि कोई गलती नहीं थी, जो ठगी का शिकार हुए थे ,जिन्होंने मामला पंजीबद्ध कराया था उनके ऊपर मामला बना कर मामले को इतिश्री कर दिया गया, और ना ही किसी प्रकार की जप्ती हुई, जबकि मुख्य आरोपी सिवनीं पुलिस की गिरफ्त से आज तक बाहर हैं, बैंक ऑफ बड़ौदा का मुख्य आरोपी तो सिवनी से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर रहता है जो आए दिन शहर में ही घूमता रहता है परंतु मजाल है नगर कोतवाल उस पर हाथ डाल पाए और तो और आश्चर्यजनक बात यह है कि केनरा बैंक में ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पकड़ी है ऐसे में मुख्य आरोपी अन्य राज्य में गिरफ्तार हुए और थानेदार ने स्थानीय लोगों को मुलजिम बनाकर मामले को रफा-दफा कर दिया ,जब अपने थाना क्षेत्र में हुए इतने बड़े घोटाले को उजागर नहीं कर पाए तो कैसी थानेदारी और थानेदार के चरणदास अभी भी चरण वंदना करने से नहीं चूक रहे हैं ऐसा लगता है इन चरणदासों का घर थानेदार साहब ही चला रहे थे।
शहर में हुई बड़ी चोरियों का थानेदार साहब आज तक नहीं कर पाए खुलासा
हम आपको बता दें कि कोतवाली में प्रभारी के रूप में महादेव नागोतिया के आने के बाद शहर में बड़ी-बड़ी चोरियां हुई है परंतु इन चोरियों में किसी भी चोरी का खुलासा थानेदार ने नहीं कर पाए हैं आज तक चोरी का माल बरामद नहीं हुआ है, नाही चोर पकड़ में आए हैं जिस प्रकार से थानेदार को क्राईम रेट खत्म करने वाला थानेदार माना जाता है और अगर उनके थाना क्षेत्र में हुई चोरियों पर नजर दौड़ाई जाए तो किसी भी चोरी का पर्दाफाश नहीं कर पाना उनकी उपलब्धि नहीं नाकामी में गिना जाएगा ,परंतु थानेदार के नाम पर दलाली खाने वाले भाट बनकर उनकी तरफदारी करने पर जुटे हुए हैं।
63 लाख की चोरी नहीं कर पाए उजागर
लखनादौन थाने में प्रभारी के रूप में रहे महादेव नागोतीया चोरी को उजागर करने में हमेशा नाकाम रहे हैं बताया जाता है लखनादौन , समनापुर निवासी जैन व्यापारी के राज श्री व्यापारी की गोदाम में दशहरे के दिन 63 लाख रुपए की चोरी हुई थी, जिसे लखनादौन प्रभारी रहे महादेव नागोतीया ने नहीं पकड़ पाए थे, सिवनी की साइबर टीम की मदत से इस घटना के आरोपियों को पकड़ा गया था उसके बाद थाना प्रभारी ने आरोपियों को सुबह से शाम तक पूछताछ करने के बाद तत्कालीन एसपी प्रतीक कुमार को यह बता कर कि आरोपियों के पेट में दर्द हो रहा है छोड़ देते थे, ऐसे में तत्कालीन एसपी कुमार प्रतीक ने सिवनी की टीम भेजकर आरोपियों से चोरी का माल बरामद करने के लिए पूछताछ करवाई, महज 3 घंटे में लगभग 6 से 7 आरोपियों ने अपना मुंह खोल दिया और यह बताया कि उन पैसों से 1 आरोपी ने ट्रक खरीद लिया है और एक ने ट्रैक्टर खरीद लिया है जब वसूली गई राशि चोरी हुई राशि से कम बरामद हुई तो प्रभारी ने आरोपियों के परिवार से फोन मोबाइल में बातचीत कर उनकी जमीन बिकवा दिया और जप्त राशि पूरी करने की कोशिश की ,परंतु आरोपियों के परिजन ने इस मामले को कोर्ट में लगा दिया और कोर्ट में रिकॉर्डिंग भी दे दिया और आज तक जप्त राशि का सुपुर्तनामा नहीं हुआ है नाहीं राशि शिकायतकर्ता को वापस मिली है और ना ही किसी और को ,इस तरह की कार्यप्रणाली के चलते यह कैसे कहा जा सकता है की महादेव नागोतिया क्राइम रेट कम करने पर भरोसा करते थे और दलाल उनका कार्यकाल सफलता पूर्वक बता रहे है इन सब जानकारी होने के बावजूद थानेदार साहब की दलाली खाने वाले जनता को बेवकूफ बनाने के लिए झूठ का सहारा लेकर झूठ फैला रहे हैं।
नशे के पाउडर के मुख्य आरोपी को आज तक नहीं पकड़ पाई कोतवाली पुलिस
विगत कुछ महीनों पहले कोतवाली पुलिस ने सफेद पाउडर बेचने वालों को पकड़ा था अनीश खान और गंगेरुआ के ढाबा संचालक को सफेद पाउडर मामले में जेल भी भेज दिया गया है, परंतु जेल जाने वाले आरोपियों ने किसी बबलू पठान का नाम उजागर किया था और यह बताया था कि यह पूरा पाउडर बबलू पठान उन्हें देता है ऐसे में बबलू पठान को फरार घोषित किया गया था और आज तक कोतवाली पुलिस ने बबलू पठान को गिरफ्तार नहीं कर सकी है ऐसी कैसी पुलिसिंग की पुलिस से ज्यादा तेज अपराधी हो गए और बबलू पठान के सामने खाकी बौना साबित हो रही हैं यह कैसे कहा जा सकता है की थाना प्रभारी की पुलिसिंग संतोषजनक रही।
जुआ के नलकट और क्रिकेट सट्टा के खाईबाज आज तक नहीं चढ़ पाए पुलिस के हत्थे
जुआ और सट्टा के खिलाफ मुहिम चलाने वाले कोतवाली प्रभारी महादेव नागोतिया के बारे में यह चर्चा चलती थी कि उनके रहते जुआ और सट्टा पूरी तरह बंद हो जाएगा, उनके द्वारा इस मुहिम में काम भी किया गया ,परंतु प्यादों के ऊपर मामला बनाकर मामलों को रफा-दफा किया गया मुख्य रूप से इन धंधों को संचालित करने वाले लोग कौन हैं यह बात शहर की जनता जानती है तो क्या पुलिस महकमे का सूचना तंत्र इतना कमजोर है की आज तक मुख्य खाईबाज और नलकट के ऊपर कोतवाली थानेदार ने मामला क्यों नहीं बनाया?यह कैसे कहा जा सकता है जुआ और सट्टे के ऊपर इमानदारी से कार्यवाही हुई है जबकि पकड़ाई आने वाले क्रिकेट सट्टा के खाईबाज तो यह बताते हैं की उनके एटीएम से पैसा निकाल कर भी जपतिया बनाई गई।
शराब तस्कर,माफिया और शराब ठेकेदारों की ऊपर आज तक मामला नहीं बना पाए कोतवाली थाना प्रभारी
कच्ची दारू की छोटी छोटी केन पकड़ने में माहिर पुलिस शराब ठेकेदार और शराब तस्करी करने वाले माफियाओं के ऊपर मामले बनाने में फिसड्डी रही है ,नगर कोतवाल के रूप में सुर्खियां बटोरने वाले महादेव नगोतिया ने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी शराब ठेकेदार या शराब माफिया जिन्हें पूरा जिला जानता है कि यह लोग ऐसे कृत्य करते हैं उन्हें आरोपी नहीं बनाया जबकि उनके पास की दारू प्यादों के द्वारा परिवहन करते हुए पुलिस ने पकड़ी पर प्यादे पर मामला बना कर मामले को इतिश्री कर दिया गया ,तो फिर दलाली खाने वाले लोग जिले की जनता को भ्रमित क्यों कर रहे हैं? क्यों थाना प्रभारी के नाम पर छाती पीटते हुए इमानदारी का नगाड़ा बजा रहे हैं? क्या यह मामले बताने के लिए काफी नहीं है कि कितनी इमानदारी से काम हुआ है।
आदिवासी समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाले दोषियों पर आज तक नहीं हुई कार्यवाही
आदिवासी समाज के द्वारा कई बार केवल इसीलिए कोतवाली को घेरा गया कि उनकी सामाजिक और धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं ,माहौल इतना बिगड़ा की पुलिस अधीक्षक को आकर इस मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था, परतापुर में आदिवासी समाज के देवठाना में तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों को लेकर f.i.r. की गई, परंतु आज तक थानेदार ने आदिवासी समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को चोटिल करने वालो को नही पकड़ पाई है जबकि समाज के द्वारा नामजद f.i.r. की गई थी ऐसा ही मामला दलसागर चौपाटी में स्थित आदिवासी समाज के गौरव राजा दलपत शाह जी की प्रतिमा को खंडित करने का मामला भी तूल पकड़ा जिसमें आंदोलन भी हुआ परंतु कोतवाली पुलिस की नाकामी ही रही कि आज तक प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वाले आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ पाई क्या यह पुलिस की नाकामी नहीं है इन सब को जानते हुए यह कैसे कहा जा सकता है नगर कोतवाल का कार्यकाल संतोषजनक रहा और क्राइम रेट कम हुआ है फिर भी ना जाने क्यों साहब के दलाल और भाट छाती पीटते हुए शहर की जनता को झूठ परोस रहे हैं