Home सिवनीं न्यूज़ सिवनीं कोतवाली को पूर्व में लूटपाट थाना बनाकर खाकी को बदनाम करने वाले थानेदार को si ने मारी गोली<br>

सिवनीं कोतवाली को पूर्व में लूटपाट थाना बनाकर खाकी को बदनाम करने वाले थानेदार को si ने मारी गोली

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सिवनीं कोतवाली को पूर्व में लूटपाट थाना बनाकर खाकी को बदनाम करने वाले थानेदार को si ने मारी गोली<br>

गोली तो छू कर गई है इतने में ही बवंडर मचा रहा है ,मैं सही में गोली मारता तो बचता नहीं

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सिविल लाइन थाना प्रभारी हितेन्द्र नाथ शर्मा को थाने में ही पदस्थ सब इंस्पेक्टर ने गोली मारी हालाकी  शर्मा मौत के मुंह से बाहर आ चुके हैं सही समय पर उनका इलाज हो गया शासन ने भी पुरजोर कोशिश करते हुए उन्हें बचा लिया हम आपको बता दे कि  रीवा में जो भी मामला हुआ हो पर पूर्व में  हितेन्द्र नाथ शर्मा सिवनी जिले में भी कोतवाली थाना प्रभारी रहे हैं और यातायात की भी कमान संभाले हैं सिवनी में रहते हुए भी उन्होंने लूटपाट मचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, यहां पर तो महिना बंदी और वसूली को लेकर हितेंद्र नाथ शर्मा को तत्कालीन एसपी लताड़ भी लगा चुके थे,  बल्कि कुछ वसूली बाज मीडिया कर्मी और दलालों से घिरे रहते थे और रोजाना नए-नए मामले तलाशने के लिए दलालों को लगाकर रखते थे और कुछ वसूली बाज पत्रकारों के साथ मिलकर हितेन्द्र नाथ शर्मा ऐसे लोगो का  शिकार करते थे ,जो इन्हें पैसे दे सके जुआ सट्टा खाईबाज से अच्छी रकम वसूलते थे, उस वक्त एक वाक्य बड़ा चर्चित रहा जब इन्होंने हार्ट अटैक का बहाना बनाकर 18 लाख  रुपए अंदर करने का सोचा था, परंतु महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी ने 4 घंटे के अंदर 18 लाख रुपए वसूल करते हुए अस्पताल से ही लेकर गए थे।

फर्जी कोचिंग इंस्टिट्यूट वाले से वसूले थे 18 लाख

बताया जाता है कि जिस समय हितेन्द्र नाथ शर्मा कोतवाली थानेदार थे उस वक्त नेहरू रोड पर एक निजी होटल के आसपास एक कोचिंग संस्थान खुला था जिस कोचिंग संस्थान में तहसीलदार और एसडीएम बनाने की पढ़ाई और पोस्टिंग करवाने का काम किया जाता था ,यह संस्थान नागपुर से लूटपाट कर सिवनीं में लूटपाट मचाने आया था और लगभग 10 से 12 छात्रों ने प्रवेश लेकर 1.5 प्रति छात्र फीस भी जमा करवा दी थी,  नागपुर में इस कोचिंग संस्थान से धोखा खाया हुआ छात्र सिवनी किसी काम से आया था और इस संस्थान वाले को सिवनी में देख लिया जब इस बात की जानकारी हितेन्द्र नाथ शर्मा को उस छात्र ने दी तो हितेन्द्रनाथ शर्मा ने कोचिंग संस्थान के संचालक को  उठाकर थाना ले आया था और कोचिंग संस्थान वाले को डरा चमका कर 18।लाख रुपए जोकि एडमिशन के रूप में छात्रों ने जमा किए थे वसूल किया था, और इन वसूले गए रुपयों को बिना मामला दर्ज किए,बिना जप्ती बनाये स्वयं के पास रख लिए थे, परंतु जिस छात्र ने शिकायत किया था ,वह महाराष्ट्र में पहले ही आवेदन दे चुका था और यहां हितेंद्र नाथ की कार्यप्रणाली देखते हुए नागपुर जाकर वहां के बड़े अधिकारियों को बताया ,उस वक्त नागपुर की टीम तुरंत सिवनी आकर उस कोचिंग संस्थान वाले को गिरफ्तार कर ले गई थी और नागपुर ले जाकर पूछताछ करने पर कोचिंग संस्थान के संचालक ने बताया कि उसने 18 लाख रुपये सिवनी कोतवाली थानेदार हितेंद्र शर्मा को दिए हैं,और  इस बात की जानकारी हितेंद्रनाथ शर्मा को लग गई की कोचिंग वाला नागपुर पुलिस की गिरफ्त में है और हितेंद्र नाथ शर्मा ने सिवनी में ही एक निजी अस्पताल जो वर्तमान में बंद हो चुका है में जाकर सेटिंग करते हुए हार्ट अटैक का बहाना कर एडमिट हो गए ,हॉस्पिटल में एडमिट होने के लिए उसी छेत्र में रहने वाले एक भाजपा नेता ने भी मदत किये थे,परंतु डॉक्टर को यह नहीं बताया की उनसे किसी को मिलने नहीं देना है, इसी बीच नागपुर पुलिस के उच्च अधिकारी सिवनी पहुंचे और उस निजी अस्पताल में जाकर डॉक्टर से यह पूछा कि बयान लेना है तो डॉक्टर ने परमिशन दे दिय और हितेंद्र नाथ शर्मा को नागपुर के अधिकारी ने 4 घंटे का समय देते हुए यह कहा कि अगर 18 लाख रुपए नागपुर पुलिस के हैंड ओवर नहीं करते हैं तो यहां से अच्छा इलाज नागपुर में होता है हथकड़ी लगाकर ले जाऊंगा, आनन-फानन में हितेन्द्रनाथ शर्मा ने 18 लाख रुपए 4 घंटे के अंदर जमा करवाकर नागपुर पुलिस के अधिकारी को अस्पताल से ही रवाना करवाया था, ऐसे दर्जनों मामले हितेन्द्रनाथ शर्मा को लेकर सिवनी जिले में चर्चित रहे हैं जब इतने चर्चित वर्दीधारी को अगर थाने के अंदर का ही खाकी धारी गोली मार रहा है तो इसका मतलब साफ है कि वह  इसकी लूट खसूट से परेशान रहा होगा।

TI को मारी SI ने गोली

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में सिविल लाइन थाना प्रभारी हितेंद्रनाथ शर्मा को गोली मार दी गई। गोली मारने वाला कोई और नहीं बल्कि उनके मातहत कर्मचारी उप निरीक्षक बीआर सिंह  ने मारी। जिसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया था। आनन फानन में थाना प्रभारी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां पर उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी SI को थाने के अंदर ही एक कमरे में लॉक कर दिया गया था. करीब 6 घंटे बंद रहने के बाद उसे बाहर निकाला जा सका, आरोपी SI के पास से दो पिस्टल मिली थीं. 

भोपाल और जबलपुर के डॉक्टरों ने निकाली गोली

घटना के बाद पुराने बस स्टैण्ड स्थित मिनर्वा अस्पताल में घायल टीआई को भर्ती किया गया  था । यहां डॉक्टरों ने गोली निकालने का असफल प्रयास किया। ऑपरेशन भी किया, लेकिन गोली नहीं निकल पाई। फेफड़े में गोली फंसी थी। इसके बाद जबलपुर और भोपाल से डॉक्टरों की टीम को बुलाया गया। भोपाल चिरायु से डॉ चंदेरे की टीम और जबलपुर से डॉ निमीष को बुलाया गया। देर रात दोनो टीमों के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाली।

हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

वारदात को अंजाम देने वाले उप निरीक्षक के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में भादवि की धारा 307 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। उप निरीक्षक के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई है। उप निरीक्षक को गिरफ्तार कर थाना में ही रखा गया। पुलिस की टीम पूछताछ में लगी रही। शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया

सिविल लाइन थाने के टीआई को  मारी गोली

घटना गुरुवार दोपहर 3 बजे के आसपास की है। सिविल लाइन में ही पदस्थ रहे बीआर सिंह उप निरीक्षक अचानक थाना पहुंचे। वह सीधे सिविल लाइन थाना प्रभारी हितेन्द्रनाथ शर्मा के चेम्बर में गए। टीआई से वाद-विवाद के बाद सर्विस रिवाल्वर निकाली और फायर कर दिए। गोली टीआई के सीने में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद थाना में हड़कंप मच गया। खून से लथपथ टीआई को स्टाफ ने तुरंत पुराने बस स्टैण्ड के पास ही संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 7 घंटे बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर गोली बाहर निकाली। इस दौरान सिविल लाइन थाना अस्पताल परिसर पुलिस छावनी में तब्दील रहा। घायल थाना प्रभारी का हाल जानने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। कांग्रेस और भाजपा के नेता भी पहुंचे।

यह था विवाद का कारण

सिविल लाइन थाना में उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ बीआर सिंह को कुछ दिन पहले ही हटाकर लाइन में अटैच कर दिया गया था। इसी बात से नाराज उप निरीक्षक सिविल लाइन थाना पहुंचे थे। उन्हें यह शक था कि उन्हें थाना से हटाने के पीछे सिविल लाइन थाना प्रभारी का ही हाथ है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उप निरीक्षक ने गोली मार दी।

6 घंटे तक चैंबर में बंद था SI 

TI को गोली मारने वाला SI  टीआई के चैम्बर में ही  कैद था, उसके पास गन थी. पुलिस को आशंका थी कि उसे बाहर निकालने पर वह दूसरों पर भी फायरिंग कर सकता है. शाम 8 बजे उसे चैंबर से बाहर निकालकर गिरफ्तार कर लिया था।

चेंबर में बंद एसआई से की गई बात का ऑडियो हुआ वायरल

थाना प्रभारी को गोली मारने के बाद एसआई ने अपने आपको थाना प्रभारी के चेंबर में ही बंद कर लिया था बताया जाता है उसके पास दो रिवाल्वर में नहीं है दो फायर भी उसने चेंबर के अंदर ही किए थे इसी बीच एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिस ऑडियो में एक पत्रकार और गोली मारने वाले एसआई के बीच की बातों का सिलसिला पता चला है हालांकि वायरल ऑडियो की पुष्टि सिवनी न्यूज़ नहीं करता है परंतु वायरल ऑडियो की माने तो एसआई का कहना है की गोली तो केवल कुकर गई है वरना मैं गोली मारता तो हितेन नाथ शर्मा बचता नहीं गोली छूने पर बवंडर मचा रहा है जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ है और रही बात की गोली क्यों मारी तो एसआई का कहना है कि अति हो गई थी जो वह कर रहा है वह ठीक नहीं है हर चीज में अति करता है ऐसी बातें ऑडियो में सुनाई दे रही हैं बताया जाता है यह पूरा मामला लेनदेन से जुड़ा है हितेन नाम शर्मा लूटपाट में अव्वल दर्जे की माने जाते हैं और यहां भी ऐसा ही कोई मामले को लेकर हितेन नाथ शर्मा की अति का जिक्र किया जा रहा है आने वाले समय में शायद इस राज्य पर से पर्दा उठे कि हितेन नाथ शर्मा को आखिर गोली क्यों मारी गई

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