Home सिवनीं न्यूज़ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

0
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ

 बहू, बेटीया पैदा करे तो कुएं में डूबाओ

समाज कितना ही शिक्षित होने का दावा करे, पर छोटी सोच के कारण वह शिक्षा का उपयोग नहीं कर सकता है ,आज पूरी दुनिया बेटियों का लोहा मानती है ,बेटी समाज और देश का गुरुर है ,बेटी है तो कल है ऐसे तमाम बाते सुनने मिलती है,पर हकीकत कुछ और है ,यहां तो बेटियों का गला घोंटने वाले दरिंदे समाज मे ही पल रहे है और आज भी कुछ ऐसे दानव जिंदा हैं जो बेटी को केवल उपभोग की वस्तु समझते हैं जब तक उससे मनमाना उपयोग हो सका किया और उसके बाद उस बेटी को मार डाला ,ऐसे में  बेटियां कैसे सुरक्षित होंगी, भले ही सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा लगाकर अपना कद ऊंचा करने की बात कर रही हो,पर नारा लगाने से बेटियां सुरक्षित कैसे होंगी, भले ही समाज बेटियों की तरक्की  पर उन बेटियों की फोटो अपने साथ लगाते हुए यह बताती है कि हमारे समाज की बेटी है हमें गर्व है,पर उनकी सुरक्षा और घटना के बाद अपना दायित्व आज तक क्यों नही निभाया समाज ने, जबकि समाज में ही कुछ दरिंदे अपनी बीवी से बेटियां पैदा होने पर, अपनी बहू से बेटियां पैदा होने पर, उसे मौत के घाट उतार देते है ,ये ऐसी वारदात है जो शिक्षित जिला, शिक्षित प्रदेश, शिक्षित समाज और शिक्षित परिवार के मुह पर थूक रही है, समाज मे पल रहे दरिंदे की हरकत समाज के मुंह पर थूक रही है , बताया जाता है की अरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सल्हे गांव की संगीता पटले का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व दोन्दीवाडा  के ठाकरे परिवार में हुआ था और 15 साल बाद संगीता का शव कुएं में मिला, कारण बताया जा रहा है कि संगीता की लगातार तीन बेटियां पैदा हुई और संगीता के पति को बेटा चाहिए था तीसरी डिलीवरी के बाद संगीता के पति और उसके ससुराल पक्ष का रवैया संगीता के प्रति ठीक नहीं था और अंततः संगीता को मौत के घाट उतार दिया गया, ऐसा आरोप संगीता के मायके पक्ष परिजन लगा रहे हैं सवाल यह पैदा होता है संगीता जिस समाज से ताल्लुक रखती है इस समाज में शिक्षा की कमी नहीं है, लगभग 90% पढ़े लिखे लोग हैं, बेटियों की तरक्की होने पर समाज का गौरव बताया जाता है, और इन्ही समाज के गौरव,बेटियों को  समाज के कुछ दरिंदो के द्वारा पैरों तले रौंदा जा रहा हैं, ऐसी घटना कारित होने पर बेटी के परिजनों को समाज मदद करने नहीं आ रहा है यह पहली घटना नहीं है, लगभग 6 माह पूर्व भी इसी क्षेत्र में इसी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक और बेटी को कुएं में डूबा कर मारा गया था, वह भी इसी समाज से ताल्लुक रखती थी, उस वक्त भी समाज के लोगों ने मौन धारण किया हुआ था, आखिरकार शिक्षित समाज, सुदृढ़ समाज, संपन्न समाज, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र में विधायक और सांसद निर्धारित करने वाला समाज, बेटी के लिए गौरवान्वित होने वाला समाज,पर आज बेटी को बेटी पैदा होने पर मौत के घाट उतारा जाता है तो दरिंदे के खिलाफ लड़ने में बेटी के परिजनों के साथ खड़े होने में कमजोर क्यों साबित हो रहा है, और ऐसा ही चलता रहा तो बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा समाज के ठेकेदार और दलालों के मुंह से सुनने में ठीक नहीं लगेगा, वर्तमान की परिस्थिति तो यह चल रही है की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बहू अगर बेटियां पैदा करे तो उसको कुआं में डूबाओ।

क्या है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार साल्हेखुर्द के ईश्वरदयाल पटले ने थाना प्रभारी अरी और पुलिस अधीक्षक सिवनीं को आवेदन देते हुए बताया कि मेरी बेटी संगीता ठाकरे की हत्या की गई है ,उन्होंने बताया कि मेरी बेटी संगीता का विवाह लगभग 15 वर्ष पूर्व ग्राम दौदीवाड़ा निवासी देवेन्द्र ठाकरे / रामसिंह ठाकरे के साथ सम्पन्न हुआ था। मेरी पुत्री संगीता की तीन बेटिया है। जिसमें दो बेटियों के जन्म तक परिवार में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं हुआ था ऐसा संगीता द्वारा बताया गया था, परंतु तीसरी बेटी के पैदा होने के बाद से ही मेरी बेटी को परेशान किया जाने लगा. ऐसा मेरी बेटी ने बताया था।दिनांक 21/07/2023 को सुबह 06:20 बजे देवेंद्र ठाकरे द्वारा सुचना दी गई कि संगीता ठाकरे विगत रात्रि 09:00 बजे घर में नहीं है पर उसके परिवार के द्वारा दिनांक 20/07/2023 कि पुरी रात्रि के दौरान मुझे या किसी भी परिजन को किसी भी प्रकार कि कोई सुचना नही दी गई, पर ठीक 06:25 बजे पुनः बेटी के ससुराल से जेठ बेटे द्वारा फोन आया कि चाचीजी कुए में गिर गई है, तब हम लोग सुचना पाते ही तुरंत सुबह 8 बजे दोंदीवाडा पहुच गये। हमने मौके पर जाकर देखा तो संगीता कुए में मृत मिली।हमे संगीता द्वारा बताया गया था कि आये दिन मेरा जेठ रविंद्र ठाकरे पिता रामसिंह तथा पति देवेन्द्र ठाकरे पिता रामसिह ससुर रामसिह ठाकरे एवम् मेरी जेठानी द्वारा तीन बेटी होने के कारण मारपीट एवम् जान से मारने की बात कही जाती थी। उक्त घटना को ध्यान में रखते हुए दोषियों पर उचित कार्यवाही करने की बात कही है।

अरी पुलिस कर रही लापरवाही

बताया जाता है कि अरी पुलिस के द्वारा इस मामले को रफा दफा करने का पूरा प्लान समझ आ रहा ऐसा मृतक के परिजनों का कहना है क्योंकि मृतक के परिजन बार-बार पुलिस थाना जा रहे हैं ना ही उनका आवेदन लिया जा रहा है और ना ही कोई कार्यवाही की जा रही है जबकि मृतक के परिजन इस पूरे मामले में आशंका जता रहे हैं कि हत्या की गई है परंतु पुलिस इस मामले को संज्ञान में ना लेते हुए महज खानापूर्ति करने पर तुली हुई है इसी कारण मृतक के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक महोदय को आवेदन दिया है न्याय के लिए भटकते मृतक के परिजन अरी थाने की पुलिस से परेशान नजर आए ,अब देखना है कि पुलिस अधीक्षक महोदय इस मामले में संज्ञान लेते हुए क्या कार्यवाही करवाते हैं हालाकी अरी पुलिस की लचर कार्यवाही के चलते जनता तो परेशान रही है ,जिला  भी बड़ी परेशानी की मार झेल सकता है और इस बात की पुष्टि इसी मामले से लगाई जा सकती है कि जिस क्षेत्र में गौ तस्कर थाने के आसपास 10 गाय का सर काट कर फेंक दें और थानेदार को ठेंगा दिखा दे तो जनता वैसे ही समझ जाती है कि थानेदार कितना मजबूत है और किन लोगों के इशारे पर काम करता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here