Home सिवनीं न्यूज़ शेर का शिकार करने नकली सोनकुत्ते हुए थे इकट्ठा

शेर का शिकार करने नकली सोनकुत्ते हुए थे इकट्ठा

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शेर का शिकार करने नकली सोनकुत्ते हुए थे इकट्ठा

शहर के बाहर बनी होटल में रचा गया षड्यंत्र

शेर को शिकस्त देने हुई थी बैठक

जंगल का राजा शेर होता है और शेर के ऊपर प्रहार करने की ताकत किसी भी जानवर में नहीं होती है बताया जाता है की शेर को शिकस्त देने के लिए सोनकुत्ते नामक जानवर झुंड बनाकर शेर से लड़ने की हिम्मत जुटा सकता है पर शेर का शिकार करना सोनकुत्ते के लिए भी तेड़ी खीर माना जाता है ऐसे में अपने आप को शेर घाई विधायक कहने वाले मुनमुन राय जो कि सिवनी विधानसभा में नेताओं की राजनीतिक नामर्दी के कारण लखनादौन से सिवनी आए थे और जनता ने उनका सहयोग भी किया निर्दलीय विधायक भी बन गए ,मुनमुन राय विकास के लिए भाजपा से जुड़े ,भाजपा में आते ही भाजपा का दोहन करने वाले नेताओं के कलेजे पर सांप लोटना शुरू हो गया ,मुनमुन राय के भाजपा से विधायक बनने के बाद जब भाजपा के पुराने निष्क्रिय नेताओं की तोरन रंग छोड़ने लगी तो भाजपा से विधायक बने मुनमुन राय का ग्राफ ऊंचा उठ गया, आज मेडिकल ,रेल लाइन, फोर लाइन, पेच नहर जैसी बड़ी उपलब्धि विकास की ओर ले जाने के लिए भाजपा के रहते मुनमुन राय ने लाई , इन विकास कार्यो को लेकर मुनमुन राय को नकारा नहीं  जा सकता , ये बात भाजपा के शातिर लोग बेहतर जानते हैं इसी कारण नकली सोनकुत्ते बनकर मुनमुन राय जैसे शेर का शिकार करने के लिए एक बैठक रखी गई थी बताया जाता है कि यह बैठक एक निजी होटल में रखी गई थी जहां पर भाजपा के फटे नोट शामिल हुए थे।

बिंझावाड़ा रोड पर  स्थित होटल में रचा गया था षड्यंत्र 

सूत्रों की माने तो 17 जुलाई को लुघरवाड़ा से बिंझावाड़ा  रोड पर स्थित एक नई होटल जिसमें एक भाजपा नेता और एक पार्षद की बड़ी करीबी दोस्ती इस होटल के मालिक से बताई जाती है इस होटल में मुनमुन राय का शिकार करने षडयंत्र रचने के लिए नकली सोनकुत्ते बन कुछ भाजपा के भस्मासुर इकट्ठा हुए थे ,जिन्होंने समय रहते भाजपा का केवल दोहन किया है और सिवनी की जनता का शोषण किया है ,ऐसे लोग अब आने वाले विधानसभा चुनाव में मुनमुन राय का टिकट कटवाने को लेकर षड्यंत्र रचते नजर आए, सूत्रों की माने तो जितने भी फटे नोट इस होटल में इकट्ठे हुए थे ,इनमें से अधिकतर तो अपने वार्ड को भी पूरी तरह भाजपा में परिवर्तित नहीं कर पाए हैं ,बताया जाता है कि मुख्यमंत्री कार्यक्रम में इन फटे नोटों को भाजपा के नाम पर चंदा वसूली करने नहीं मिला ,इस कारण और ज्यादा  छाती फट रही है ,जिसका बदला लेने मुनमुन राय के खिलाफ षड्यंत्र रचा गया था ,क्योंकि वर्तमान में सिवनी विधायक की लोकप्रियता मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में देखने को मिली है ,मुख्यमंत्री भी मुनमुन राय से खुश होकर गए हैं ,ऐसे में नकली सोनकुत्तों का चढ़ाया मुखोटा मुख्यमंत्री आगमन के दिन की बरसात में उतर गया था।

नारियल और अगरबत्ती भी आई थी मुनमुन के रुपयों से

प्रदेश के मुखिया भाजपा से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 जुलाई को सिवनी आए थे कोई भी नेता आता है तो उसकी अगुवाई में चंदा छाप नेता अधिकारी कर्मचारी से पैसा इकट्ठा करते थे ,अपना घर भी चलाते थे और नेता को खुश करने के लिए फ्लेक्स बैनर में बड़ी-बड़ी फोटो लगाकर शहर को बताते थे कि हम यहां के नेता हैं ,पर इस बार ऐसा कुछ नही हुआ,भाजपा के चंदा छाप फटे नोटो की झकर तब उतर गई जब अधिकारी कर्मचारी को मुनमुन राय ने ये  कह दिये कि किसी प्रकार का कोई चंदा कोई भी व्यक्ति को नहीं दिया जाएगा ,जो भी खर्चा होगा मैं खुद कर लूंगा, जिसके चलते चंदा छाप नेताओ को कोई चंदा नहीं मिला और उन्होंने किसी भी प्रकार के कोई फ्लैक्स बैनर वाली राजनीति अपने पैसों से नहीं कीया,बताया जाता है कि चंदा छाप नेता किसी को एक कप चाय नहीं पिला सकते ,ऐसे में जेब से खर्च कर फ्लेक्स बैनर लगाने की जब नौबत आई तो टेंशन में दुबले होने लगे थे, सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री के आगमन में फ्लेक्स बैनर के साथ-साथ नेताओं और जनता के लिए समान खाना व्यवस्था भी  मुनमुन राय के द्वारा कराया गया था,शहर में  फ्लेक्स बैनर जो लगे थे वह भी मुनमुन राय ने खर्चा किए थे,यहां तक की पूजा का नारियल और अगरबत्ती भी मुनमुन के खर्चे में आया था , सूत्र बताते हैं भस्मासुर नेताओ  ने जो फ्लेक्स लगाए थे उसका पैसा भी मुनमुन राय ने हीं दिया है और यह कह दिया गया था कि अगर मुनमुन राय की फोटो नहीं लगेगी तो बिल नहीं दिया जाएगा ,इस चक्कर में भस्मासुर नेताओ ने मुनमुन राय की फोटो भी लगाई थी ,अगर चंदा छाप नेता चंदा से बनवाए होते तो शायद मुनमुन राय का फोटो नही लगा रहता ,इसका मतलब साफ है चंदा छाप नेता अगर चंदा लेते तो नेता जी को खुश करने फ्लेक्स लगाते ,अन्यथा यह नेता अपना बुखार भी उधार ना दें ,और ताज्जुब की बात तो यह है कि इन्हीं  भस्मासुरों की तोरन में से कई  विधायक के टिकट का सपना देख रहे हैं जनता को समझ जाना चाहिए कि अगर भाजपा इन्हें टिकट देती है और जनता अगर इनका साथ देती है तो ये नेता जो चंदा से मांगकर अपना खर्चा चलाते है इनके हाथ अगर विधानसभा लग गई तो बेच खायेंगे।

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