Home सिवनीं न्यूज़ मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चंदा के धंधाबाज नही कर पाए वसूली

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चंदा के धंधाबाज नही कर पाए वसूली

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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में चंदा के धंधाबाज नही कर पाए वसूली

मुख्यमंत्री के आने से मुनमुन का चेहरा खिला और वसूलीबाजो के चेहरे मुरझाये

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 19 जुलाई को सिवनी आए थे ,और काफी खुश होकर सिवनीं से गए है, मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा भी मुनमुन के पक्ष में की है जिसका फायदा जनता को होगा और बताया जाता है कि इस बार मुख्यमंत्री के आने से मुनमुन राय को हरी झंडी भी मिल गई है पर  मुख्यमंत्री और बड़े नेताओं के नाम पर चंदा का धंधा करने वाले कुछ भाजपा नेताओं के सीने पर सांप लोट रहे हैं ,बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के आने और सौगात देकर जाने के दौरान  भाजपा के कुछ वसूलीबाजो के चेहरे उतर गए थे, सामान्यतः किसी बड़े नेता या मुख्यमंत्री के आने से वसूलीबाजो का धंधा जोरों पर रहता था, सिवनी जिले में भाजपा के कुछ वसूलीबाज नेता अधिकारी कर्मचारी को चमकाकर रुपया इकट्ठा करते थे जिसे चंदे का रूप देते हैं और मुख्यमंत्री या बड़े नेता के आने के लिए स्वागत सत्कार के नाम पर यह वसूली की जाती थी, वसूली छोटी मोटी नहीं कई लाखो में की जाती थी,इस वसूली से ही चंदाबाजों के मकान भी बनते हैं ,घर भी चलते हैं, गाड़ी में डीजल भी डलता है ,और अय्याशियां भी होती है इस बार भी मुख्यमंत्री के आने की खबर लगते ही चंदा का धंधा करने वाले वसूली बाजो के चेहरे खिल उठे थे, खबर सुनते ही  अपना रसीद कट्टा और झोला तैयार कर निकलने ही वाले थे कि चंदा बाजो के अरमान सावन की बरसात में बह गए , सूत्र बताते है कि चंदाबाजो को अचानक यह जानकारी लगी कि इस बार  विधायक मुनमुन राय ने सभी अधिकारी और कर्मचारियों को यह बोल दिया है कि यह कार्यक्रम में जो भी खर्चा होगा वह स्वयं करेंगे ,केवल उन्हें बिल लाकर दे दिया जाए ,किसी प्रकार का कोई चंदा किसी को देने की आवश्यकता नहीं है ,जैसे ही खबर चंदा का धंधा करने वाले वसूली बाजो के कान तक पहुंची मन कसोटते  हुए अंदर ही अंदर मुनमुन राय को हजारों गालियों से नवाज दिया ,चंदे की वसूली से आगामी भविष्य के परिवार का पालन पोषण और अपना खर्चा चलाने की उम्मीद दिल में लिए काफी उम्मीदें जगा लिए थे, रसीद कट्टा को पलटाकर कार्बन कॉपी भी फसा लिए थे पर अरमान पानी मे बह गए और रसीद कट्टा बंद करने की नौबत आ गई आनन-फानन में चंदा का धंधा करने वाले वसूलीबाजो ने अपने पद का उपयोग करते हुए  गुप्त जगह पर विशेष और गुप्त बैठक रखी, जहां मूल भाजपाई और बाहर से आए भाजपाई को लेकर खूब मंथन हुआ और मुनमुन राय का विरोध करने की बात का समर्थन किया गया, सवाल यह पैदा होता है भाजपा की खा रहे तो भाजपा की गाने में छाती क्यों फट रही है ,जो व्यक्ति भाजपा की राजनीति कर सिवनीं को कुछ दे रहा,उसका नाम कमीसन बाज की लिस्ट में नही है,जिसने सिवनीं की जनता से लिया नही केवल जनता को दिया है, जिसके ऊपर वसूली का आरोप नहीं है, उसका इतना विरोध क्यों ? क्या जो विरोध कर रहे हैं उनको भी खाने नहीं दे रहा है? और कुछ ना कुछ तो विधायक को भी इन चंदाबाजो के बारे में पता होगा,इनकी  शिकायत होगी,हो सकता है पार्टी के संस्कार के कारण चंदाबाजो को नहीं बोल पा रहे हो, इन चंदाबाजो को सुधरने का मौका दे रहे हो,पर बजाय सुधरने के उसे फंसाने ,उसे निपटाने का षड्यंत्र जो इन वसूलीबाजों के द्वारा किया जा रहा है वह निंदनीय कार्य है अगर ऐसा ही चलता रहा तो मामा जी इस चुनाव में अपने चेहरे को कैसे चुनाव जिता पाओगे, बहरहाल आपका कार्यक्रम बहुत अच्छी तरह से सम्पन्न हो गया , जनता खुश है ,पर बसूलीबाजो के सीने में आग लगी हुई है और बरनोल का चंदा वसूल नही हो पाया है , बताया जाता है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सिवनी से खुश होकर गए हैं सुत्र तो बता रहे हैं मुनमुन राय को हरी झंडी मिल चुकी है परंतु वसूली बाजों को सीने में सांप लोट रहा है आने वाले समय में देखना है कि चुनावी घमासान और क्या क्या दिखाता है।

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