जो भांजी दामाद मचा रहा लूट
मामा जी अच्छा हुआ बरघाट नहीं गए वरना भांजी दामाद का भ्रष्टाचार देख आत्मा दुखती आपकी
शिवराज सिंह चौहान प्रदेश मामा बन गए पर सही फायदा पार्टी में रहते हुए कुछ दलाल प्रवर्ति के लोग उठा रहे है चाहे उन्हें भांजा कह लो या भांजी दामाद पर मजे तो यही मार रहे है,देखने मे आया है कि पार्टी के कुछ छुटभैया नेता ,जो पद पर बैठी पत्नी की आड़ में सरकारी तंत्र को खोखला कर जनता के टेक्स से चलने वाली योजनाओं में भ्रस्टाचार कर रहे है,और पार्टी का नेता होना साथ ही आपकी पार्टी के नेताओ का साथ ने उनको अभयदान देकर रखा हुआ हैं ,जहां एक ओर गरीब यह सोचकर खुश है की मामा ने हमारी बेटी को भांजी मान लिए, भांजी के पति सोच रहे हैं कि हम भांजी दामाद हैं, प्रदेश का हर पुरुष सोच रहा है कि प्रदेश का मुखिया हमारा साला है ,पर भाजपा के कुछ छुटभैया नेता इस रिश्ते का नाजायज फायदा उठा रहे हैं ,अदने से छूटभैया नेतागिरी कर मामा की बाकी भांजी और भांजी दामादों के साथ लूटखसूट मचा कर रखे हुए हैं ,एक तरफ शिवराज सिंह चौहान माफियाओं और दबंगई करने वालों को जमीन के अंदर गाड़ने की बात करते हैं यहां जनता के साथ दबंगई करने वाले मामा की पार्टी के छुटभैया नेता अपनी पत्नी के पद की आड़ में आम जनता को दबंगई दिखा रहे हैं ,माफिया गिरी कर रहे हैं ,भ्रष्टाचार मचा कर रखे हुए हैं ,सरकारी तंत्र को चर गए हैं और अपने आपको पाक साफ बताने से पीछे नहीं हटते हैं ,अच्छा हुआ मामा जी आपका बरघाट का कार्यक्रम रद्द हो गया वरना कैसे आदमी को अपनी भांजी दिए हो यह देख कर आपका मन कचोटता, आत्मा रोती ,बहुत दुखी होते हालांकि आपकी फोटो और आपके नाम का भरपूर उपयोग करना आपके भांजे दामाद को आता है, आपका भांजी दामाद ,राजनीति के खेल में आपके गरीब भांजा भांजी के खेलने के मैदान का पैसा डकारने पर उतारू है, जो यह नहीं चाहता की आपके बाकी भांजे भांजी अच्छे मैदान में खेले, जो यह नहीं चाहता आपके बहनोई को कोई काम मिले ,कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि आपने सिवनी जिले में केवल बरघाट में अपनी एक भांजी की शादी किये है बाकी सब बहनें और भांजी के बारे में आप जो कहते हो वह निस्ता झूठ है हालांकि आपका भांजी दामाद आपकी भांजी को लेकर बहुत चिंतित रहता है उसे ऐसा लगता है कि उसके भ्रष्टाचार करने पर आपकी भांजी मतलब भ्रष्टाचार करने वाले की पत्नी का नाम जनता न ले, पर शायद उसे इस बात का इल्म नही की वर्तमान में आपकी भांजी इस भ्रष्टाचारी की पत्नी के अलावा एक पद में बैठी नेता है और नेता को अपने नौकर ( सेवक)के रूप में जनता चुनती है,पदस्थ नेता जनता का सेवक होता है,और नेता सार्वजनिक होता है ,जनता जब चाहे उसे कुर्सी में बिठाए और जब चाहे अपने पैर धुलवाए, यह तो नेता के काम के ऊपर निर्भर करता है, ऐसे में नेता किसी की निजी प्रॉपर्टी नहीं होती, नेता को सार्वजनिक रूप से जनता का सेवक माना जाता है ऐसे में आपके भांजी दामाद को थोड़ी बहुत सद्बुद्धि देने का भी प्रयास आपके द्वारा किया जाना चाहिए ,हालांकि छोटी-मोटी नौकरी देकर आपने उसे इस लायक बना दिए थे कि भांजी का खर्चा उठा ले ,पर आपका भांजी दामाद चतुर निकला नौकरी करते हुए भ्रष्टाचार सीख गया, आपके द्वारा शुरू की गई सीखो कमाओ योजना का सही लाभ आपके भांजी दामाद ने उठाया है उसने पहले पंचायत से सीखा कि कैसे भ्रष्टाचार किया जाता है ,उसके बाद पत्नी की आड़ में भ्रष्टाचार को बुलंदियों पर ले गया, वैसे तो आपके भांजी दमाद से अन्य नवयुवकों को शिक्षा दिलवानी चाहिए जिससे आपके द्वारा चलाई जा रही योजना सफल हो सके ,यह पत्र माननीय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के मामा ,लाडली बहनों के भाई के नाम इसीलिए लिखा जा रहा है ताकि आपके भांजी दमाद और भांजी की सफलता की चर्चाएं आप तक पहुंचे और आप स्वयं निर्णय करें कि बाकी के भांजा भांजी और बहने आपके एकमात्र भांजा भांजी से दुखी हैं या खुश हैं।