एक तीर से हो रहे दो शिकार
इन दिनों विपक्ष में बैठी कांग्रेस अपने ही खेमे की कलह से परेशान नजर आ रही है, सिवनी जिला कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस कमेटी कई गुटों में बटी हुई नज़र आ रही है ,राजकुमार खुराना की कांग्रेस अलग चलती है, रजनीश सिंह की कांग्रेस अलग चलती है, मोहन चंदेल की कांग्रेस अलग है, वही लखनादौन विधायक बाबा तो कभी कांग्रेस में दिखाई ही नहीं देते परंतु चाय से ज्यादा केतली गरम अपने सरदारों की मूंछ पर थूक से ताव लगाने वाले कुछ चमचे जबरन कांग्रेस को लेकर मजबूत पार्टी होने का दावा करते रहते हैं, कांग्रेस में कितनी मजबूती है यह तो विगत दिवस दिखाई दी ,जहां सिवनी प्रभारी गंभीर सिंह के पोस्टर लगाए गए और उस पर लिखा गया कि गंभीर सिंह हटाओ और कांग्रेस बचाओ, इस पोस्टर ने कांग्रेस की मजबूती की पोल खोल दी , चुनाव के पहले कांग्रेस में इतना बिखराव देखकर यह नहीं लगता कि आने वाले समय में सिवनी विधानसभा और अन्य विधानसभाओं में मजबूती से कांग्रेस खड़ी रह पाएगी बहरहाल कांग्रेस को एक झटका और लगा है रंजीत वासनिक अब बरघाट से सिवनी में गोंडवाना का हाथ थाम कर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं जो दोनों पार्टियों के लिए बड़ा गड्ढा बना सकते हैं।

कहीं एक तीर से दो निशाने तो नहीं
कहीं एक तीर से दो निशाने तो नहीं
रेत चोरी का मामला जिसके ऊपर दर्ज हो और उसे एनएसयूआई का अध्यक्ष बना दिया जाए, जबकि युवाओं में धनंजय के लिए काफी रोष है, जोश तो कहीं दिखाई देता नहीं ,एनएसयूआई के पदाधिकारी इस्तीफा देने की बात तक सोशल मीडिया पर कर चुके हैं, धनंजय की बखत ज्ञापन सौंपते वक्त दिखाई दी की एनएसयूआई वाकई अब कितनी मजबूत बची है, ऐसे में धनंजय की अध्यक्ष ताजपोशी करने का मतलब कहीं यह तो नहीं की मोहन चंदेल की टिकट के समय परिवारवाद की कहानी लिख दी जाए, क्योंकि मोहन चंदेल भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं ऐसे में मोहन चंदेल के भांजे को एनएसयूआई अध्यक्ष का पद देकर मोहन चंदेल के लिए बैरिकेड तो नहीं लगाए गए, इसी बीच राजा बघेल के खेमे के युवा नेता को एनएसयूआई का अध्यक्ष नहीं बनाया गया और उसके बाद विरोध के स्वर भी दिखाई दिए, गंभीर सिंह चौधरी के पोस्टर भी चौक चौराहों में लगाए गए कहीं ऐसा तो नहीं कि जो लोग दावेदारी करने की इच्छा रख रहे हैं उनको आपस में पहले ही लड़ा दिया जाए और तीसरा फायदा उठाने के लिए वक्त पर सामने आ जाए ऐसी जन चर्चा जोरों पर चल रही है।
कांग्रेस जानती है कि पोस्टर किसने लगाया तो अभी तक कार्यवाही क्यों नहीं?
देश और प्रदेश के मुद्दों को लेकर सोशल मीडिया पर सेखी बघारने वाले कांग्रेसी नेताओं के उपर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लग रहा है कि गंभीर सिंह चौधरी हटाओ और कांग्रेस बचाओ के पोस्टर जो चौक चौराहों में लगाए गए थे वह पोस्टर किसने लगाए यह कांग्रेस के नेता बेहतर तरीके से जानते हैं ऐसे में उम्मीद की जा रही थी कि कोई बड़ी कार्यवाही कांग्रेस अध्यक्ष के द्वारा की जाएगी ,परंतु अभी तक कांग्रेस अध्यक्ष के द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही का ना किया जाना इस ओर इशारा करता है कि कांग्रेस अध्यक्ष अंदर ही अंदर अपनी रोटी सेकने की बात कर रहे हैं या फिर कांग्रेस अध्यक्ष को कोई डर समा गया है जिस कारण वह गंभीर सिंह चौधरी जोकि सिवनी प्रभारी हैं और उनकी बेइज्जती उन्हीं के खेमे के कांग्रेस नेता कर रहे हैं और जिलाध्यक्ष कोई कार्यवाही नहीं कर पा रहे हैं जो अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों और प्रभारी की इज्जत नहीं बचा सका है वह विपक्ष की भूमिका में बैठकर जिले की जनता को कैसे न्याय दिला पाएगा? ये बड़ा प्रश्न चिन्ह कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष पर लग रहे हैं।