अरी पुलिस की लापरवाही से गोकशी काल पैदा हो गया
9 महीने का समय लिया गोकशी के अपराध ने जन्म लेने
सिवनीं न्यूज़ ने सितंबर में ही बता दिया था कि गौकसी का काम जोरो पर है अरी क्षेत्र में
पुलिस और अपराधी का चोली दामन का साथ अगर बन जाए तो मजाल है कि अपराध कोई रोक ले, खाकी वर्दी पहने ख़ाकीधारी की निष्क्रियता अगर अखबार प्रकाशित करता हैं तो खाकी दागदार होती है ऐसा कहा जाता है परंतु कुछ ख़ाकीधारी के काम इतने दागदार हो गए है कि अब जनता और समाज का एक बड़ा तबका पुलिस से मुंह मोड़ता नजर आ रहा है और ऐसा ही माजरा अरी थाना में देखने को मिला ,जहां पुलिस की नाक के नीचे तमाम प्रकार के अपराध घटित होते हैं और अरी थाने के थानेदार के कुछ खाकीधारी केवल वसूली में ध्यान देते हैं सिवनी न्यूज़ समाचार पत्र ने 2022 में लगातार परत दर परत इस थाने की पोल खोली थी परंतु उच्च अधिकारियों के द्वारा अरी थानेदार को इनाम दिया गया था, जनता को यह लगा की दागदार को ही इनाम मिलता है ,14 सितंबर 2022 को सिवनी न्यूज़ में समाचार प्रकाशित किया था की अरी थाना क्षेत्र से गोकशी का धंधा बेरोकटोक जारी है, जिसका वीडियो भी जारी हुआ था ,जिसके छायाचित्र समाचार पत्र ने छापे थे ,परंतु अरी थानेदार ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही ना करते हुए मामले की इतिश्री कर दिया ,आज हिंदू समाज की छाती पर सांप लोट रहा है की हमारे ही टैक्स से पेट पालने वाली खाकी आज हमारे समाज को लज्जित कर रही है ,थाने के 500 मीटर की दूरी पर गौमाता का सर और पैर कटे हुए पड़े मिलते हैं ,थाने के चारों दिशाओं में कहीं खेत ,तो कहीं प्लाट, कहीं कुओ में गौमाता के सिर मिले हैं, सब कुछ पुलिस की नाक के नीचे हुआ और पुलिस को पता नहीं चला ,क्या ऐसा हो सकता है ?क्या पुलिस का खुफिया तंत्र इतना कमजोर है ?क्या पुलिस लापरवाही से काम कर रही है? क्या थानेदार से थाने की कमान नहीं संभल रही है? कुल मिलाकर इस पूरे गौ हत्या कांड में अरी थानेदार भी उतने ही जिम्मेदार हैं जितने की इस घिनौने कृत्य को करने वाले गुनहगार ,पुलिस का काम होता है गुनाह को रोकना,पर अरी थाना क्षेत्र में गुनाह भी हो रहा है गुनहगार की कालर भी पुलिस के हाथ में नहीं है, उल्टा समाज में रोष है ,बरघाट बंद किया जा रहा है, संगठनों के द्वारा पुलिस विभाग को चेतावनी दी जा रही है, खाकी के ऊपर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं ,क्या अभी भी उच्च अधिकारी और बड़ी घटना होने का इंतजार कर रहे हैं?लगता नही की यह मामला यहीं पर शांत हो जाएगा क्योंकि सावन मास चल रहा है और गौमाता जो हिंदू समाज की आस्था की प्रतीक है उसका वध कर उसे चारों दिशाओं में फेंकना किसी बड़ी अनहोनी का संकेत मिल रहा है, अब जरूरत है इस क्षेत्र में मजबूत पुलिसिंग की, एक ईमानदार और मजबूत थानेदार की ,ना कि जैसा चल रहा है वैसा चले ,अगर ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले समय में बड़ी घटना घट सकती है

नही संभल रही थानेदारी
थाने का थानेदार और हवलदार अगर रौबदार हो तो अपराध करने वाले अपराध करने से पहले 10 बार सोचेंगे, और अगर पुलिस चाह ले तो मंदिर से चप्पल भी चोरी नहीं हो सकती ,परंतु अब ना ही वैसे थानेदार बचे हैं और ना ही हवलदार ,अब तो अपराध करने वाले की गर्दन में हाथ डालने की बजाय पुलिस कांधे पर हाथ डालकर चाय पीती नजऱ आती है ,जिसे देख यह बात तय है कि अपराध से मुक्ति मिलना संभव नही अगर ऐसा नहीं है तो फिर या तो अरी पुलिस की लापरवाही जमकर चल रही है या फिर थाने में का सूचना तंत्र बहुत कमजोर है तभी तो गोकशी का काम बेधड़क, बेरोकटोक चल रहा है ऐसे में पुलिस कप्तान भले ही आम जनता को सुरक्षा का वादा देने की बात कर ले उनकी हर परेशानी को सुनने के लिए उचित कदम उठाये,परंतु ऐसे थाने और ऐसे थानेदार अगर रहेंगे तो अपराध से मुक्ति मिलना मुश्किल है।


अरी थाना की लापरवाही के चलते पनपा है गोकशी का कारोबार
बताया जाता है अरी पुलिस अपनी कार्यप्रणाली के चलते आए दिन विवादों के घेरे में रही है जिसके चलते गोकशी का काम फल फूल रहा है और अरी पुलिस कोई कार्यवाही नहीं कर पा रही है सूत्र बताते हैं कि बरघाट से जो मवेशी कत्लखाने नागपुर के लिए ले जाए जाते हैं, दोदींवाड़ा एवं पांडरवानी के जंगल के रास्ते पैदल खोलडोडा कटंगी की ओर रवाना होते हुए महाराष्ट्र जाते हैं इसकी जानकारी या तो थाना प्रभारी को नही है या फिर कुछ और माजरा है, ऐसा सवाल जेहन में बार-बार आता है परंतु एक बात और सामने आती है कि आखिर ऐसी कैसी थानेदारी की नाक के नीचे से गोकशी का काम हो रहा है और संबंधित थाने के सूत्र इतने कमजोर हैं कि थाने में इसकी जानकारी नहीं है जिसके चलते आज दिनांक तक कोई भी कार्यवाही गोकशी को लेकर थाना प्रभारी शरणागत के द्वारा नहीं की गई है , सूत्रों की माने तो बताया जाता है कि पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारी गोकशी में लिप्त लोगों से सांठगांठ किए हुए हैं और थाना प्रभारी भी किसी प्रकार की कोई कार्यवाही से परहेज करते हैं अब ऐसे में सवाल यह पैदा होता है कि थाना प्रभारी अगर मुस्तैदी से थाने को संभालते तो उस थाने क्षेत्र में कहां क्या हो रहा है इसकी जानकारी उन्हें बेहतर तरीके से होती, परंतु यहां माजरा कुछ और ही समझ में आता है परंतु ऐसे अपराध को देख जनता का भरोसा पुलिस के ऊपर से उठता जा रहा है और पुलिस के ऊपर से भरोसा उठने की मुख्य वजह अरी थाना प्रभारी और वहां के कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं, जबकि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सजा देने के मामले में हमेशा बधाई के पात्र रहे हैं, इस बात का भी डर अरी थाना के थानेदार सहित अन्य पुलिस कर्मियों को नहीं है अब तो ऐसा महसूस होने लगा है की राजनीतिक संरक्षण का पूरा फायदा अरी थानेदार सहित अन्य कर्मचारी उठा रहे हैं और पुलिस विभाग का नाम मिट्टी में मिलाते हुए पुलिस कप्तान के मंसूबों पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।
विभिन्न हिन्दू संगठन ने किया बरघाट बंद
6 जुलाई को अनेकों संगठनों ने बरघाट बंद का एलान किया था,10 गौवंश के सिर मिलने के बाद अब अन्य संगठनों द्वारा पुलिस को एक विज्ञप्ति दी गयी थी जिसमे बताया गया था कि दिनांक 04.07.2023 दिन मंगलवार को ग्राम अरी अमराई टोला में गौवंश के दस सिर रोड में पटरी के किनारे काटकर फेंक दिए गये थे एवं अरी ग्राम पंचायत के वार्ड क्रमांक 16 में श्री गोवर्धन साहू के कुओं में गोवश का एक सर काटकर डाल दिया गया था।इस प्रकार की घटना पवित्र सावन माह के प्रथम दिन को कि गई है जिससे समस्त हिन्दु समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई है, हिन्दू समाज व पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी गई है. गौवंश से सम्पूर्ण हिन्दु समाज की आस्था निष्ठा जुड़ी हुयी है इस प्रकार खुले आम गौवंश की निर्मम हत्या कर सड़को प्लाटो, कुआ व खेतो मे फेकने से सम्पूर्ण हिन्दू समाज की धार्मिक भावनाओं पर कुठाराघात किया गया है विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल एवं सम्पूर्ण हिन्दु समाज इस घटना को लेकर दिनांक 06/07/2023 को बरघाट बंद का आवाहन किये थेउक्त विषयों को लेकर विश्व हिन्दु परिषद बजरंग दल एवं सम्पूर्ण हिन्दू समाज पुलिस प्रशासन से मांग किये थे कि कठोरता के साथ गौवंश की तस्करी एवं हत्या पर रोक लगायी जायें एवं आरोपियों की तलाश कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (N.S.A) के तहत कार्यवाही कर गिरफतारी को लेकर बरघाट बंद किये थे