ऐसा बताया जा रहा है कि GSA ग्लोबल से फुड एलायंस झींगा मछली के नाम पर हुई ठगी की जांच पुलिस अधीक्षक सिवनी के निर्देश पर तेजी से की जा रही है दर्जनो पीडित और ठगी के शिकार युवकों के कथन पुलिस द्वारा लिये जा चुके है, परंतु झींगा और मछली के नाम पर लुटने वाले अभी भी फड़फड़ा रहे हैं, और झींगा मछली के नाम पर ठगी करने वाले एप्स अपनी जिंदगी मजे से जी रहे हैं यहां तक कि अब ठग दम देने लगे हैं कि हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मजे की बात तो यह है कि जो मास्टर बच्चों को शिक्षा है,उसने अपने लड़के को उचित मार्गदर्शन नही दे पाया ,हद तो तब हो गई कि अब मास्टर ठगी का शिकार हुए लोगों को यह दम दे रहा है कि मेरे लड़के को मैं कैसे भी कर बचा लूंगा, मास्टर की ऐसी बातें सुनकर लगता है इस पूरे मामले में लोगों को शिक्षा देने वाला ही सबसे बड़ा गुनहगार है, और जब बयान होने पर पुलिस के सामने मास्टर के लड़के का नाम उजागर हो रहा है तो पुलिस कौन से मुहूर्त का इंतजार कर रही है जबकि बरघाट क्षेत्र में मास्टर के लड़के ने ही लोगो को बेवकूफ बनाया है इसी मास्टर के लड़के ने चंद नेताओं को इकट्ठा कर लान में अपनी स्वजातीय बंधुओं को धोखा देने और क्षेत्र की जनता को ठगने के लिए गाड़ी दिखाकर और टाई कोट पैंट पहनकर चकमक देने का काम किया है जिससे भ्रमित होकर क्षेत्र की जनता ने मास्टर के लड़के पर भरोसा किया पर उन्हें क्या पता था कि मास्टर का लड़का धोखेबाज निकलेगा, सेमिनार करवाकर लोगों को भ्रमित किया गया ,मजे की बात तो यह है कि इस सेमिनार में कोई भी बाहर का व्यक्ति जो कंपनी से संबंधित हो वह नहीं आया था शक यह होता है कि कहीं मास्टर के लड़के और उसके करीबियों ने मिलकर तो यह कंपनी नहीं बनाई थी जो क्षेत्र की जनता को ठगे है असल गुनहगार तो मास्टर का लड़का और उसके करीबी लोग हैं बताया जाता है कि क्षेत्र के कुछ पत्रकार भी इसमें शामिल थे जिन्होंने अपने रिश्तेदारों को ठगने के लिए इस कंपनी के नाम का सहारा लिया था पुलिस के लिए जांच का विषय यह भी होना चाहिए कि आखिर वह कौन-कौन से पत्रकार हैं जिनके करीबियों ने भरोसा कर लाखों रुपया इस कंपनी पर उन पर लगाया है

किसने की कंपनी की शुरुआत
बताया जाता है कि GSA झींगा मछली की शुरूआत धारनाकला मे माह फरवरी मे हुई थी और शुरूआत मे छेत्र के युवक कंपनी के सबसे छोटे प्लान 520 मे 43 दिन मे 916 रूपये के प्लान के साथ जुड़ने लगे,60 दिन मे राशि पाच गुना तक मिलने का भरोसा कंपनी तथा इसे चलाने वालो के द्वारा दिया जाने लगा और सोशल मीडिया मे भी प्रति दिन की आय तथा कमीशन आने लगा, ऐसा प्रलोभन देने वाले धारना में एक मास्टर के लड़के ने सबसे वादा किया और भेड़ चाल में लोग कम समय में अधिक पैसा बनाने की चाह के चलते लूटते चले गए ,मास्टर के लड़के की रकम बढ़ते गई और मास्टर के लड़के पर भरोसा करने वाले लोग ठगी का शिकार हो गए ,जब आज मास्टर के लड़के की हकीकत क्षेत्र की जनता के सामने आ गई है तो मास्टर का लड़का मुंह छुपाते हुए घूम रहा है अब पुलिस मास्टर के लड़के की गिरेबान पकड़ते हुए पिछवाड़े में दो लठ मारे जाएं तो मास्टर का लड़का सारी हकीकत बयां कर सकता है, और ठगी के शिकार लोगों के पैसे वापस मिल सकते हैं।
सेमीनार कर बनाया लोगों को ठगी का शिकार
GSA झींगा मछली बेचने वाली कंपनी के नाम पर पंचशील लान बरघाट मे सेमिनार का आयोजन किया गया था इस सेमिनार में कांग्रेस , भाजपा के नेता भी शामिल हुए थे और मास्टर के लड़के ने कोट पेंट पहन कर बताया कि कैसे कम समय में पैसे कमाए जा सकते हैं अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को देखकर लोगों का भरोसा मास्टर के लड़के पर हो गया मास्टर के लड़के ने दिमाग चलाते हुए अपने बाप की साख और क्षेत्र के नेताओं का चेहरा इस्तेमाल कर क्षेत्र की जनता को ठगा, अधिक लोग यह नजारा देखकर मास्टर के लड़के की ठगी के प्लान में जुड़ गए और अब जब ठगी का शिकार हो गए हैं तो पुलिस का चक्कर काट रहे हैं गौर करने वाली बात यह है कि मास्टर के लड़के ने अपने बाप की साख और जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर क्षेत्र की जनता को ठगा है पुलिस को मास्टर के लड़के से पूछताछ कर उसे गिरफ्त में लेना चाहिए ताकि सारी हकीकत सामने आ जाए
