चाकुबाज की जमानत खारिज,
विगत दिनों बाहुबली चौक में हुए चर्चित चाकुबाजी कांड के मुख्य आरोपी गन्नू भारद्वाज की जिला न्यायालय से जमानत खारिज कर दी गई है । और अब आरोपी के परिजन आरोपी को जेल से जिला अस्पताल शिफ्ट कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि आरोपी खुली हवा में सांस ले सके ,बताया जाता है की जेल से जिला अस्पताल शिफ्ट कराने के लिए पूरी स्क्रिप्ट तैयार हो चुकी है ,यहां तक की जिला अस्पताल में भर्ती के लिए शिफ्टिंग हेतु 4 – 1 की गार्ड भी जेलर के द्वारा मांगे गए हैं पुलिस विभाग ने जेल को गार्ड की व्यवस्था दी या नहीं इसकी जानकारी नहीं लग पा रही है ,समाचार लिखे जाने तक आरोपी जेल में ही है, परंतु इस बात की पुष्टि जरूर हुई है की जेल प्रसाशन ने आरोपी के लिए गार्ड मांगे हैं और यह गार्ड आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती के लिए हैं इसमें लंबा जुगाड़ समझ में आ रहा है उधर आवेदक का कहना है कि ना ही उन्होंने आरोपी को मारा है और ना ही आरोपी को कोई चोट लगी है ,झगड़े के बाद आरोपी पैदल अपने पिता की गाड़ी में गया है, 2 घंटे बाद थाना भी आया तो ठीक से चल रहा था ,तो फिर पैर में फैक्चर की बात सामने कैसे आ रही है? दूसरी तरफ डाक्टरी मुलाहिजा की रिपोर्ट में कहीं पर भी एक्सरे के लिए एडवाइज नहीं किया गया है, तो फैक्चर हुआ कैसे? जेल में एक्सरे मशीन नहीं है जेल डॉक्टर शुभम शिवहरे एमडी मेडिसिन डॉक्टर हैं हड्डियों के डॉक्टर नहीं है तो फिर जेल के डॉक्टर ने आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती के लिए गार्ड हेतु क्यों लिखा? ,जेलर ने गार्ड की मांग आरोपी को जिला अस्पताल में भर्ती करने के लिए की है,यह जांच का विषय हैं ,जनचर्चा में चल रही बातों को सुनकर ऐसा लगता है कहीं लंबा जुगाड़ तो नहीं लग रहा आरोपी को खुली हवा में सांस दिलाने के लिए
सिवनीं न्यूज़ ने पहले ही जताई थी आशंका
हमने पूर्व में ही बताया था कि आरोपी पक्ष को पुलिस के कुछ विभीषण मदद करने में लगे हुए हैं ये बात इसलिये भी प्रमाणित हो रही है कि घटना के मुख्य आरोपी की रिपोर्ट पर घटना के लगभग सोलह घंटे बाद एक अपराध पीड़ित पक्ष के ऊपर दर्ज किया जाता है और मुख्य आरोपी जो घटना करने के बाद चलते हुए अपने पिता के साथ घर जाता है और कुछ घंटे बाद फिर रिपोर्ट करने चलते हुए थाना जाता है ।उस समय तक आरोपी गन्नू के पैर में किसी प्रकार की कोई चोट नज़र ही नहीं आ रही थी लेकिन घटना के दूसरे दिन उसके एक पैर में दर्द चालू हो गया जो जेल जाते जाते फेक्चर में तब्दील हो गया, फ़ेक्चर वाली बात हमने अपने अखबार में पहले ही बता दिया था ।सवाल यह पैदा होता है कि आखिर जिला अस्पताल के एक्सरे कक्ष में ऐसा कौन शख्स है जो झूठी एक्सरे रिपोर्ट बनाकर दे रहा है जबकि पीड़ित पक्ष की माने तो उन्होंने मुख्य आरोपी को कोई मारपीट ही नहीं किये हैं तो फिर आरोपी का पैर कैसे फेक्चर हो गया ।पीड़ित पक्ष का कहना है कि सच्चाई का पता करने के लिये जिला कलेक्टर महोदय से शिकायत कर मेडिकल बोर्ड का गठन करवा आरोपी के पैर का पुनः एक्सरे करायेंगे ,अगर पीड़ित पक्ष ने मेडिकल बोर्ड का गठन करवाकर पुनः जांच कराया तो जिला अस्पताल के एक्सरे विभाग में चल रहे फर्जी खेल का भी खुलासा हो सकता है । जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर और कर्मचारी साथ ही जेल में पदस्थ डॉक्टर ने ऐसा कैसा चेकअप किया की मरीज वही परंतु अलग-अलग डॉक्टर अलग-अलग बात कर रहे हैं, पहले जिला अस्पताल में एमएलसी के दौरान आरोपी को नाही एक्सरे कराने की सलाह दी जाती है और ना ही एमएलसी की रिपोर्ट में यह लिखा है कि आरोपी के पैर में फैक्चर है ,जेल जाने के बाद 2 दिन तक आरोपी को पैर में ना ही सूजन आती है ना ही दर्द होता है कुल मिलाकर चार-पांच दिनों में अगर फ्रैक्चर रहे तो सूजन से साथ असहनीय पीड़ा से मरीज का बुरा हाल रहता है, परंतु जिला जेल में आरोपी के साथ ऐसा कुछ समझ नहीं आया ,अचानक जिला जेल के डॉक्टर शुभम शिवहरे जिला अस्पताल में जेल भर्ती के लिए लिख कर देते हैं बताया जाता है जेल डॉक्टर से लंबी चर्चा परिजनों की होती रही है ,और अगर ऐसा है तो आवेदक गण के कहे अनुसार मेडिकल बोर्ड का गठन कर आरोपी के फैक्चर की जांच करवा ली जाए ताकि यह भी पता चल सके की विभीषण जिला अस्पताल में हैं या जिला जेल में है।
विधायक प्रतिनिधि के भाई हैं जेल के डॉक्टर
पूर्व शराब व्यवसाई, वर्तमान में अघोषित शराब व्यवसाई संजय भारद्वाज ,जिला कांग्रेस कमेटी में उपाध्यक्ष के पद पर भी पदस्थ हैं ,तथा इनके एक भाई भाजपा में अपनी पैठ रखते हैं ,भाजपा के नेता हैं इनके परिवार का एक लड़का बीच चौक में खुलेआम चाकूबाजी करता है जिसे बचाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के कुछ बेईमान नेता जो जनता के साथ दगा करते हुए आरोपी की मदद करते समझ में आए, कुछ लोग थानों में फोन लगाएं ,कुछ सेटिंग जमाने में मदद करें, तो कुछ जिला जेल में सेटअप जमाने गए थे, वहीं पर जिला जेल के डॉक्टर शुभम शिवहरे ने बगैर एक्सरे के आरोपी को भरती के लिए लिख दिया ,जो बात पच नहीं रही है ,बताया जाता है की सिवनी विधायक मुनमुन राय के विधायक प्रतिनिधि विक्की शिवहरे के भाई शुभम शिवहरे जिला जेल में डॉक्टर के पद पर पदस्थ हैं ,अन्य नेताओं के नाम तो गुपचुप तरीके से मदद करने में सामने आ रहे थे परंतु जिला जेल के डॉक्टर के द्वारा आरोपी को अस्पताल शिफ्ट कराने की बात को लेकर अब विधायक प्रतिनिधि विक्की शिवहरे के ऊपर भी उंगलियां उठने लगी हैं, इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो वही जाने ,परंतु मामला जनता के सामने आने के बाद बहुत से सवाल खड़े कर रहा है,जिन सवालों का जवाब जनता भी खोजने लगी है ऐसा ना हो जनता के सामने शहर के कई सफेदपोश नंगे हो जाएं ,आखिर कब तक संबंध, दबाव ,पावर और पैसा के दम पर अपराधी के लिए सब कुछ जायज रहेगा और गरीब न्याय के लिए तरसता रहेगा।