आखिर कौन सा नेता है मेहरबान
क्योंकि मैडम लंबे समय से है विराजमान
राजनीति पहले जनता की सेवा करने के लिए की जाती थी और आज जनता सेवा के नाम पर मेवा खाने के लिए कुछ दलाल नेता राजनीति कर रहे हैं इनकी दलाली के कारण आम जनता परेशान होती है नियम कानून को ताक पर रखकर कुछ दलाल नेता अपने फायदे के लिए सरकार को भी चूना लगाने से नहीं चूकते हैं और इन दलाल नेताओं पर भरोसा कर सरकारी कर्मचारी भी अपनी रोटी सेकने में लगे रहते हैं कुछ ट्रांसफर करवाने के नाम पर दलाली देते और दलाली लेते समझ में आते हैं तो कुछ लोग ऐसे हैं जो एक ही जगह पर पदस्थ रहने के लिए दलाल नेताओं के संपर्क में रहते हैं और अपने परिजन को भी राजनीति की फट्टी उठाने के लिए लगा देते हैं ताकि उनकी सरकारी नौकरी में किसी प्रकार की बाधा ना आए और एक ही जगह पदस्थ रहते हुए अपनी मर्जी के मालिक बन कर बैठे रहे ऐसे सरकारी नौकर यह भूल जाते हैं कि उनको पेट पालने के लिए जो वेतन दिया जा रहा है वह जनता के टैक्स के रुपयों से दिया जा रहा है और जनता की चाकरी करना इन सरकारी नौकरों का पहला कर्तव्य होता है परंतु यह सरकारी नौकर दलालों के चक्कर में फस कर अपने मालिक जनता की चाकरी छोड़कर दलालों की चरण पादुका चूमने में लगे रहते हैं,बल्कि अपने करीबियों को इन दलालों के साथ चुंबक की तरह चिपका देते हैं और ऐसा ही माजरा छपारा में दिखाई दिया जहां एक इंजीनियर मैडम के पति शासकीय महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष बनकर बैठे हुए हैं और पत्नी सरकारी इंजीनियर बन कर एक ही जगह पर लंबे समय से पदस्थ है चूँकि आने वाले कुछ महीनों बाद चुनाव है और ऐसे सरकारी नौकर जो एक ही जगह पर लंबे समय से बैठे हैं वह चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं अब देखना यह है जिला कलेक्टर महोदय ऐसे लोगों के ऊपर अपनी दृष्टि डालते हुए इन्हें क्षेत्र से हटाते हैं या छुटभैया नेताओं की नेतागिरी ऐसे ही फलते फूलते रहेगी और सरकारी नौकर इन नेताओं की आड़ में जनता को डसते रहेंगे

लंबे समय से पदस्थ है इंजीनियर सोनल जैन
बताया जाता है कि छपारा जनपद में सब इंजीनियर के पद पर आशिन सोनल जैन लंबे समय लगभग 5 सालों से एक ही जगह पदस्थ है, जनपद में जन चर्चा चल रही है की मैडम के पति विवेक का राजनीति में लंबा सेटअप है कहीं कोई नेता या मंत्री से सेटअप के चलते उनके पति विवेक को शासकीय स्नातक महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति का अध्यक्ष भी बनाया गया है ,और नेतागिरी की आड़ में सोनल जैन लंबे समय से एक ही जगह पदस्थ हैं जो कि नियम विरुद्ध है एक ही जगह लंबे समय तक पदस्थ रहने से कार्यक्षेत्र में जान पहचान अच्छी हो जाती है जिसके चलते सरकार को चूना लगाना बहुत आसान हो जाता है ,और नियमानुसार शासकीय कर्मचारियों को एक ही जगह पर लंबे समय तक रखना शासन के लिए भी नुकसानदायक है और जनता के लिए ज्यादा नुकसानदायक है, परंतु अपने पति की राजनीतिक एप्रोच और नेताओं से संबंध के कारण सोनल जैन के लिए एक ही जगह पर लंबे समय तक पदस्थ रहना आसान हो गया है।