Home मध्य प्रदेश अपराधी चला रहे चाकू,छुरा, बंदूक

अपराधी चला रहे चाकू,छुरा, बंदूक

0
अपराधी चला रहे चाकू,छुरा, बंदूक

पुलिस की बंदूक में लगा जंग,डंडे हुए ठंडे

कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टी की साख पर बट्टा लगाते ,एक ही परिवार से चार नेता दो कांग्रेसी और दो भाजपाईं,एक ही छत के नीचे रहकर जिला में कर रहे तांडव

कभी अवैध शराब तस्करी में फरार तो कभी अवैध हथियार सप्लाई में पुलिस से तालमेल

आपको बता दें कि बारापत्थर जैसे रिहायसी क्षेत्र में एक परिवार ऐसा है जो अपने स्वार्थ के लिये आधा परिवार  काग्रेस पार्टी में तो आधा परिवार सत्तारुढ़ बीजेपी में  रहकर जिलावासियों को कई तरह से प्रताड़ना दे रहे हैं पूरा परिवार पहले जिला में शराब ठेका का काम करता था फिर अवैध शराब तस्करी में लिप्त हो गया और अब जानकारी मिल रही है कि इसी परिवार का एक सदस्य  सफेद पावडर के व्यवसाय में लिप्त हो गया है । ये वही सदस्य है जो आज से तीन साल पहले अवैध हथियार के मामले में बालाघाट पुलिस का मेहमान बन चुका था, लेकिन इस परिवार का एक सगा तीन सितारा पुलिस इंस्पेक्टर जो इसी परिवार के सभी व्यवसाय में बराबर का हिस्सेदार है उसने अपनी चकरी चलाकर उस सदस्य को अवैध हथियार के केस से बचा दिया । आज वही सदस्य बाहुबली चौक  में खुलेआम चाकू तलवार चला रहा है ।

बाहुबली चौक मे चाकूबाजी दुकान संचालक गंभीर

बीती  शाम  बाहुबली चौक की घटना जिन लोगों ने देखा है उनके अनुसार जिस परिवार का सदस्य हथियार चला रहा था तब उसका पिता वहीं खड़े तमाशा देख रहा था और जब घटना घट गई तब बाप ने बेटे के हाथ से चाकू छुड़ाया और हाथ पकड़कर अपनी गाड़ी में बैठाकर घर ले गया ।घटना के बाद कांग्रेसी नेता अपने दूसरे बेटे को लेकर जिला अस्पताल जाकर घायल पर दबाव बनाने लगा ,जब वहाँ उपस्थित किसी व्यक्ति ने विरोध करते हुए यह कहा कि तुम्हारा लड़का चाकू लेकर गुंडागर्दी करेगा क्या ,तब वहाँ से उक्त कांग्रेस नेता को भागना पड़ा ।घटना के दो घंटे बाद कांग्रेसी नेता अपने गुनहगार बेटे को लेकर थाना पहुंच गये और जाकर पुलिस से कहने लगे कि हमारे लड़के के साथ मारपीट हुई है रिपोर्ट दर्ज करो ।सुनने में तो ये भी आ रहा है कि दोनों बड़ी पार्टियों के नेता अलग अलग तरीक़े से इस परिवार के गुनाहों को दबाने के लिये पुलिस विभाग पर दबाव बना रहे थे ।

क्या था मामला

बताया जाता है की विगत दिवस की शाम कांग्रेश पार्टी के उपाध्यक्ष संजय भारद्वाज का लड़का गन्नू भारद्वाज अपने दोस्तों के साथ नशे की हालत में ठाकुर चाट भंडार  गया था,उस वक्त उसने अपनी गाड़ी टॉप एंड टाउन आइसक्रीम की दुकान के सामने खड़ा किया, शाम का वक्त था व्यापारी के व्यापार का समय था तो व्यापारी ने यह कहा कि गाड़ी थोड़ी साइड में लगा लो, बस इतना क्या कहना गन्नू भारद्वाज का खून खौल गया, गन्नू भारद्वाज ने  व्यापारी के द्वारा ऐसा कहे जाने पर अपने आप की तोहीन समझा और उसे यह कहते हुए धमकाया कि क्या मुझे नहीं जानता मैं कौन हूं ?इसके बाद व्यापारी ने फिर निवेदन करते हुए यह कहा कि मेरा व्यापार का समय है आप गाड़ी थोड़ा साइड लगा लेते ,तो मेरे ग्राहकों को आने-जाने में तकलीफ नहीं होगी ,परंतु नशे के मद में चूर गन्नू भारद्वाज दबंगई दिखाते हुए गुंडई करने पर उतारू हो गया और उसने आइसक्रीम पार्लर के मालिक के साथ हाथापाई की क्योंकि गन्नू नशे में था तो उसे धक्का लगा और वह गिर गया उसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा यह बताया गया कि पुलिस भी आई और गन्नू भारद्वाज के पिता संजय भारद्वाज भी आए मामला को शांत कर दिया गया कुछ देर बाद गन्नू भारद्वाज अपने दोस्तों के साथ दोबारा आइसक्रीम की दुकान में आया जब तक पुलिस वहां से जा चुकी थी और बताया जाता है की संजय भरद्वाज बाहुबली चौक पर मौजूद थे और गन्नू भरद्वाज और उसके दोस्तों ने ठाकुर चाट भंडार से तवा और चाकू उठाकर आइसक्रीम पार्लर के मालिक के साथ मारपीट शुरू कर दी ,गन्नू भरद्वाज ने चाकू चला कर आइसक्रीम पार्लर के मालिक की जान लेनी चाहि, वह तो बीच बचाव में आए हुए लोगों के कारण आइसक्रीम पार्लर का मालिक बच गया वरना बाहुबली चौक में हत्या को अंजाम दिया जा चुका होता ,सवाल यह पैदा होता है कि कांग्रेस नेता की लड़के की इतनी दबंगई और गुंडई आखिर सिवनी एसपी कैसे झेल रहे हैं जबकि बाहुबली छेत्र वीआईपी जोन  कहलाता है   यहां से कुछ मीटर की दूरी पर जिला जिला कप्तान का निवास है इस रोड पर कप्तान दिन में कई बार आना-जाना करते हैं और इस रोड पर  चाकूबाजी होती है तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिवनी जिले की कानून व्यवस्था कितनी मजबूत है ।

चाकूबाजी का वीडियो वायरल होने के बाद जनता में समाया खौफ

किसी भी जिले की कानून व्यवस्था अगर मजबूत और सुचारू है तो उस जिले की जनता भय मुक्त जीवन जी सकती है परंतु सिवनी के नसीब खराब है यहां पर लचर कानून व्यवस्था और ढुलमुल पुलिसिंग के चलते आए दिन वारदात होती रहती है दबंगों के हौसले बुलंद हैं अपराधी बेखौफ होकर अपराध करते हैं, जिस जिले में अपराधियों के मन मे पुलिस का खौफ ना  हो ऐसे जिले की जनता हमेशा डर के साये में  जिंदगी जीती है, वर्तमान मे सिवनी जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है यहां लगातार दबंगों की गुंडई देखने को मिल रही है ,पिछले 1 महीने में लगभग 1 दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए है जिसमे बलात्कार, गुंडई, चाकूबाजी और हत्या के मामले प्रमुख रहे है , अपराधी बेखौफ होकर चाकू छुरी चला रहे हैं छोटी-छोटी बच्चियों का बलात्कार हो रहा है ,वृद्ध महिला के ऊपर प्राणघातक हमला  और हत्या हो रही है परंतु कानून व्यवस्था जस की तस बनी हुई है, जिसका जीता जागता उदाहरण यह रहा कि विगत दिवस की शाम बाहुबली चौक पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष संजय भारद्वाज के लड़के गन्नू भरद्वाज ने सूखे पाउडर के नशे में अपने दोस्तों के साथ एक दुकान संचालक को चाकू मारा , जिला अस्पताल में टांके लगवाने के बाद उसे नागपुर रेफर कर दिया गया जहां उसका इलाज जारी है इस पूरे वारदात का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर फैला इसे देखने वाली जनता सकते में आ गई , अब लोगों को घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है क्योंकि अपराधी खुलेआम चाकू छुरी लेकर घूम रहे हैं वहीं पर एक नजारा और देखने को मिला खाकी वर्दी पहने नपुंसकता दिखाई दे रही थी जो  इस झगड़े को सामने से होता देख रही थी, खाकी वर्दी पर नपुंसकता का दाग लगाने वाले ये खाकीधारी  आखिर कौन थे ? वहीं वीडियो में एक आवाज सुनाई दे रही है जिसमें आम जनता ख़ाकीधारियों के लिए  भद्दे भद्दे कमेंट करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल भी कर रही है ऐसे में पुलिस की भद्द पिटवाने वाली ऐसी कौन से खाकी  वहां खड़े थे जिनके सामने प्राणघातक हमला हो रहा था और वह दुम दबाकर भाग रहे थे।

पुलिस पर बनाया जा रहा था दबाव

घायल जब शिकायत करने कोतवाली पहुंचे तो बताया जाता है की चाकू छुड़ाकर संजय भारद्वाज ने गन्नू भारद्वाज को अपनी गाड़ी में बैठा कर पहले घर पर छोड़ दिया था, जब मामला पलटते हुए देखे तो लगभग 1 घंटे के बाद गन्नू को वापस थाने  में लाने के बाद यह कहते हुए पुलिस से मामला दर्ज करने की बात की कि मेरे बेटे को भी चोट आई है कुल मिलाकर राजनीतिक एप्रोच लगाते हुए पुलिस पर दबाव बनाकर इस मामले को काउंटर कराना चाह रहे थे परंतु जारी वीडियो में खुलेआम दिख रहा है कि कौन चाकू हाथ में लेकर आइसक्रीम पार्लर के मालिक के साथ मारपीट कर रहा है? इसीलिए पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला पंजीबद्ध कर दी, परंतु पुलिस दबाव में थी या पूरी बात नहीं समझ पाई उसी दुकान में उनका कर्मचारी  जो एसटी से आता है उसके साथ भी मारपीट की गई उसका बयान भी लिया गया है और डाक्टरी मुलाहिजा भी करवाया गया है परंतु अभी तक गन्नू भारद्वाज के ऊपर एससी एसटी एक्ट के तहत कोई भी धारा नहीं लगाई गई है जो पुलिस को संदेह के घेरे में लाती है।

गन्नू भारद्वाज की तीमारदारी में देर रात तक पुलिस होते रही परेशान

संजय भारद्वाज ने जब गन्नू  भरद्वाज को थाने ले आये तो पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला पंजीबद्ध करने के बाद गन्नू भरद्वाज को थाने में बैठा ली ,ऐसी परिस्थिति में संजय भरद्वाज की राजनीतिक दाल नहीं गली और रात के वक्त गन्नू भरद्वाज को नर्म बिस्तर में सुलाने के लिए पुलिस  परेशान होती रही, बताया जाता है कि पुलिस गन्नू को आराम से सुलाने के लिए किराए के गद्दे और पल्ली के जुगाड़ में लगी रही, पुलिस के पास अपराधी के लिए काला  कंबल रहता है जिसमें अपराधी को रातभर बिठा के रखा जाता है और गन्नू भरद्वाज के ऊपर मामला दर्ज होने के बाद जब उसे थाने में ही रात गुजारनी पड़ी तो संजय भरद्वाज की एप्रोच के कारण पुलिस गन्नू भारद्वाज के आराम के लिए काफी परेशान होते नजर आई बताया जाता है कि गन्नू  भरद्वाज के लिए किराए के गद्दे और पल्ली लाई गई , गन्नू भारद्वाज के लिए पुलिस के कलेजे को  पसीजते देख लगा कि शायद थाना जनता के द्वारा दिये टैक्स से  नहीं गन्नू और संजय भारद्वाज की काली कमाई से चलता है।

सिंधी समाज हुआ  एकजुट

वारदात होने के बाद जब संजय भारद्वाज अपने बेटे को बचाने के लिए भारी मशक्कत कर रहा था उस वक्त सिंधी समाज भी लगभग 300 से ज्यादा की जनसंख्या में थाने का घेराव किए हुए थे, थाने में रात 2:00 बजे तक सिंधी समाज के प्रतिष्ठित लोग इस मामले में अपराधी पर मामला पंजीबद्ध कराने में अड़े रहे क्योंकि इस मामले को पलीता लगाने के लिए भाजपा और कांग्रेस के कुछ रसूखदार दलाल इस मामले में गन्नू को बचाने लगे हुए थे ।

अगर कांग्रेस की सरकार आई तो यह गुंडे घर में घुस के मारेंगे

भाजपा की सरकार मध्यप्रदेश में काबीज है सिवनी नगर में भाजपा के विधायक काबिज है अगर कोई वारदात होती है तो कांग्रेसी सोशल मीडिया पर लिखने लगते हैं की भाजपा की सरकार में गुंडागर्दी चरम पर,अब दूसरों के घर में पत्थर मारने वाले कांग्रेसियो के घर से ही जब गुंडागर्दी चाकू छुरा लेकर बाहर निकल रहे हैं तो यही कांग्रेस की घिघि  बन्ध गई है, मुंह में दही जम गया है,  अगर कांग्रेस वाकई ईमानदारी से विपक्ष की भूमिका निभा रही होती तो कांग्रेस के सरदार गन्नू भारद्वाज को बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर नहीं लगा रहे होते, सोशल मीडिया में बंदरों जैसे उछल कूद मचाने वाले कुछ छुट भैया  वारदात की शाम से अभी तक किसी भी तरह का कोई विरोध गन्नू भरद्वाज के लिए नहीं किए हैं आखिर यह रिश्ता क्या कहलाता है जरा सोचिए जब भाजपा की सरकार में कांग्रेसी नेता के पुत्र दुकानों में घुसकर छुरा मार रहे हैं तो अगर आपके क्षेत्र में कांग्रेस का विधायक हो जाए या प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता आ जाए तो यह हर घर में घुसकर छुरा मारेंगे बहू बेटियों की इज्जत रोड पर लाएंगे गुंडई चरम पर होगी कुल मिलाकर कांग्रेस के लिए संजय भारद्वाज और उसका लड़का गन्नू भारद्वाज अभिशाप बनकर सामने आया है क्योंकि  चुनाव का समय नजदीक है।और इनकी गुंडागर्दी कांग्रेस के उम्मीदवारों के लिए घातक है अगर आज इस घटना का विरोध कांग्रेस नही करती है तो इस जनता से किस मुह से वोट मांगेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here