परियोजना यंत्री मनोज आचार्य आइडियल कंस्ट्रक्शन कंपनी के ऊपर मेहरबान
सिवनी जिले में कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले अधिकांश ठेकेदार अपनी मर्जी के मालिक होते है जो अधिकारियों को गले तक नोटो से पूरकर, अपना गुलाम बनाते हुए मर्जी चलाकर घटिया काम करते है और शासन को जमकर चुना लगाते है। मध्यप्रदेश पुलिस हाउसिंग बोर्ड के द्वारा सिवनी की पुलिस लाइन में लगभग 01 करोड़ की लागत से 60 सीटर बैरक का टेंडर निकाला गया था जो आइडियल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 20.22प्रतिशत कम दर पर लिया था। निर्माण से जुड़े लोग बताते है कि एसओआर से इतने कम दर से ठेका लेने वाली एजेंसी निर्माण काम में गुणवत्ता का ध्यान रख ही नहीं सकती गुणवत्ता का ध्यान रखने के लिए विभाग के द्वारा बकायदा तकनीकी अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाती है विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो वक्त काम के लिए परियोजना यंत्री के पद पर मनोज आचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ठेकेदार से 1 अप्रैल 2022 को लोक निर्माण कार्य के लिए अनुबंध किया गया था बताया जाता है कि आइडियल कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार ने शुरुआती दौर में तो ठीक-ठाक काम किया बाद में उसने मनोज आचार्य जैसे तकनीकी अधिकारी का विश्वास जीतने हुए काम में लापरवाही बरतना शुरू कर दिया बताया जाता है कि उक्त काम प्रारंभ हुए 1 साल से अधिक का समय बीत चुका है अभी तक काम पूर्ण नहीं हुआ है काम अधूरा पड़ा हुआ है जिसकी तरफ पुलिस विभाग के अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे बताया जाता है कि कंपनी के ठेकेदार उच्च स्तरीय राजनीतिक एप्रोच वाले है जिसके चलते उसके द्वारा आधा अधूरा निर्माण कार्य किया गया फ़िर भी उसके विरुद्ध अब तक विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं किया है जबकि कोई और ठेकेदार होता तो विभाग उसे नोटिस पर नोटिस देता और बाद में उसे ब्लैक लिस्टेड कर देता लेकिन आइडियल कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार के ऊपर मनोज आचार्य जैसे अधिकारी मेहरबान है जिनकी देखरेख में 60 सीटर बैरक का अधूरा निर्माण कार्य किया गया, बावजूद इसके ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई जो चर्चा का विषय बनी हुई है।
