Home मध्य प्रदेश फर्जी जाति प्रमाणपत्र में फंसे घनश्याम बघेल सिवनी छोड़कर कहीं और क्यों नही करना चाहते नौकरी

फर्जी जाति प्रमाणपत्र में फंसे घनश्याम बघेल सिवनी छोड़कर कहीं और क्यों नही करना चाहते नौकरी

0
फर्जी जाति प्रमाणपत्र में फंसे घनश्याम बघेल सिवनी छोड़कर कहीं और क्यों नही करना चाहते नौकरी

दो साल पहले प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की अनुशंसा से घँसौर किया गया था ट्रांसफर

फर्जी जाति प्रमाणपत्र के आधार पर 2008 को पदोन्नत होने वाले सहायक ग्रेड 2 घनश्याम बघेल का सिवनी से विशेष लगाव है जो सिवनी छोड़कर कहीं और नौकरी नही करना चाहते। बताया जाता है कि दो साल पहले जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा की अनुशंसा से   घनश्याम बघेल का स्थानांतरण घँसौर कर दिया गया था जिसका आदेश 27 अगस्त 2021 को पत्र क्रमांक /स्था-3-/2021-6293 जारी किया गया था। घनश्याम बघेल के बदले सरोज पारधी को घँसौर से सिवनी पदस्थ किया गया था तब घनश्याम बघेल ने स्थगन ले आया हालांकि बाद में उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय से हटाकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ कर दिया गया लेकिन वहां भी उनकी विवादित कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें किसी भी शाखा का प्रभार नही दिया गया।      

 काम करेंगे अधूरा ,पर  वेतन लेंगे पूरा

रस्सी जल गई पर बल नहीं गया यह कहावत घनश्याम पर सटीक बैठती है पदोन्नति वापस लेने के बाद विभाग ने झकर उतारते हुए उसे सिविल सर्जन कार्यालय से हटाकर सीएचएमओ कार्यालय में भेज दिया था,उसकी विवादित छवि देखते हुए विभाग उस पर भरोसा नहीं करता ,इश्लिये कोई भी प्रभार नहीं दिया ,पर आज भी अपने आप को किसी बड़े अधिकारी से कम नहीं समझता है घनश्याम ,बताया जाता है की जिला अस्पताल मे पदस्थ सहायक ग्रेड 3 घनश्याम बघेल फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामले में फंसे हुए है लेकिन उनके आज भी ठाठ बांट वैसे ही है। स्वाथ्य कर्मचारी संगठन के नाम से नेतागिरी करने वाले घनश्याम बघेल के बारे में कहा जाता है कि वह ऐसे कर्मचारी है जो अधूरे काम के बदले पूरा वेतन लेते है। उनकी रुचि विभागीय कामो में नही रहती उनका अधिकांश समय घूमने फिरने में कटता है

 मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी भी है मेहरबान

सी एम एच ओ कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 03 घनश्याम सनोडिया पदस्थापना के बाद कभी 08 घण्टे तक अपने कार्यालय में उपस्थित नही रहे, यह बात सी एम एच ओ डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव अच्छी तरह से जानते है लेकिन कारवाही नही करते । अब माजरा क्या है यह तो सीएचएमओ ही जाने परंतु इस फर्जी की फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर पदोन्नति लेने पर जांच भी की गई,जांच में बोगस जाति प्रमाण पत्र भी निकला, पदोन्नति भी वापस ली गई,परंतु सीएचएमओ ना जाने क्यों घनश्याम के ऊपर मेहरबान है माना इनके पहले के सीएचएमओ घनश्याम से सेट रहे हो पर वर्तमान में पदस्थ सीएचएमओ के बारे में तो बड़ी-बड़ी बातें चलती है कि वह काफी ईमानदार हैं तो फिर घनश्याम की बर्खास्तगी की कार्यवाही, पदोन्नति से जो लाभ कमाया उसकी वसूली, साथ ही कानूनी कार्यवाही करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाकर घनश्याम को नगझर के लाल महल में क्यों नहीं भेज रहे हैं सीएचएमओ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here