काम कर रहा बेईमान का
एससी का फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने वाले घनश्याम बघेल को नही मालूम उनका गौत्र क्या है
घनश्याम का जाति प्रमाण पत्र अपात्र,गौत्र का पता नही,तो नौकरी के लिए पात्र कैसे
हिंदुस्तान में भले ही संविधान से चलता हो सरकार का हर नियम काम करता हो, पर सिवनी जिले में वही नियम काम करता है जो घनश्याम जैसे फर्जी लोग बनाते हैं,विभागीय अधिकारी इन फर्जी लोगो के कहने पर चलते हैं ,क्योंकि जिला अस्पताल में पदस्थ एक फर्जी जिसका जाति प्रमाण पत्र छानबीन समिति ने बोगस करार दे दिया है , विभाग ने भी यह माना कि उसका जाति प्रमाण पत्र फर्जी है विभाग के द्वारा जो उसे पदोन्नति दी गई थी वह विभाग ने वापस ले लिया बावजूद इसके सरकार के साथ धोखा करने वाले इस ठग को विभाग ने कानून के हवाले नहीं किया, सरकार को चूना लगाने, फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने और सरकार को गुमराह करने को लेकर उसे सिविल सेवा आचरण के तहत बर्खास्त नहीं किया, जबकि एक आम आदमी अगर किसी छोटे मोटे मामले में जहां उसकी गलती ना हो फिर भी फस जाए तो कानून का नाम बता बता कर उसका तेल निकाल देते हैं और यहां एक ठग, सरकार को चूना लगाने वाला घनश्याम बघेल जो कि साबित हो गया कि वह फर्जी है उसके बावजूद 6 साल से सरकार की छाती पर मूंग दल रहा है और बराबर तनखा लेकर अकड़ कर चल रहा है, जिला कलेक्टर साहब संवेदनशील कलेक्टर कहे जाते हैं गलत उन्हें बर्दाश्त नहीं होता है तो क्या इस ठग ,फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर शासन को चूना लगाने की मंशा से पदोन्नति पाने वाले घनश्याम बघेल के ऊपर कोई कार्यवाही करेंगे ?क्योंकि सरकार को चूना लगाने वाला ठग और बेईमान जिला अस्पताल मे पदस्थ सहायक ग्रेड 2 घनश्याम बघेल फर्जी जाति प्रमाणपत्र के मामले में घिरते नजर आ रहा है ,जिनके ऊपर पूरा स्वास्थ्य विभाग मेहरबान है जिनकी मेहरबानी से घनश्याम बघेल नौकरी करते हुए हर महीने तनख्वा भी पा रहे है। घनश्याम बघेल छानबीन समिति को यह बताने में नाकाम रहे थे कि उनका गौत्र क्या है ,जबकि हर हिन्दू अपने गौत्र के बारे में अच्छी तरह से जानता है। बताया जाता है कि घनश्याम बघेल ने 13/05/2015 को छानबीन समिति के सामने यह स्वीकार किया था कि वह बागरी जाति के गौत्र के बारे में नही जानते जबकि अनुसूचित जाति अनुसंधान एव विकास संस्थान के द्वारा बागरी जाति में किये गए सर्वेक्षण में यह पाया गया था कि बागरी अनुसूचित जाति में गौत्र परम्परा हिन्दू समाजिक संरचना के अनुसार विद्यमान है।सर्वेक्षण के अनुसार सिवनी,जबलपुर,सतना, पन्ना जिलों में निवासरत बागड़ी जाति की सामाजिक संरचना में कश्यप, भारद्वाज,शांडिल्य गौत्र पाए गए लेकिन घनश्याम बघेल जानते ही नही उनका गौत्र क्या है। छानबीन समिति के समक्ष घनश्याम बघेल अपने आपको एस सी प्रमाणित नही कर पाए जिसके कारण उनका जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया ,तब 2017 को छानबीन समिति ने उक्त प्रमाणपत्र जारी करने वाले अधिकारी के विरुद्ध भी कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा किया था,घनश्याम बघेल का जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया 06 साल हो गए लेकिन ना तो उनकी सेवा समाप्त हुई और ना ही उनके ऊपर आपराधिक प्रकरण बना है।
जल्द होगा घनश्याम के करीबियों के फर्जी जाति प्रमाण पत्रों का खुलासा
फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी करते हुए शासन को चूना लगाकर, जनता के टैक्स से पगार लेकर ,पेट पालने वाले घनश्याम बघेल ने उच्चस्तरीय सेटिंग और अधिकारियों से लेनदेन करते हुए लगभग 6 साल का समय का काट लिया है जबकि विभाग को जब छानबीन समिति ने जाति प्रमाण पत्र को फर्जी करार दे दी थी विभाग ने उनसे पदोन्नति भी वापस ले लिया था तो त्वरित कार्यवाही करते हुए घनश्याम बघेल को बर्खास्त करने की कार्यवाही कर उसके ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाना चाहिए था परंतु घनश्याम बघेल ने ऐसी फिरकी चलाई है कि वह 6 साल से बचता चला रहा है परंतु अब इसके भेद का पिटारा खुल चुका है सरकार को कितना चूना लगाया है ,फर्जी जाति प्रमाण पत्र से और कौन-कौन से फायदे इसने और उसके परिवार ने उठाए हैं, साथ ही इसके कौन-कौन करीबी फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रहे हैं इन सबका खुलासा सिवनी न्यूज़ समाचार पत्र परत दर परत पर्दा उठाएगा।