लखनवाड़ा थाने में कौन है खाकी धारी
गज्जू का है स्वजातीय अधिकारी
जब सैय्या भय कोतवाल तो डर काहे का यह कहावत इन दिनों जाम लखनवाड़ा थाना अंतर्गत जाम कन्हर गाँव निवासी झूठमूठ का दबंग ठेकेदार गज्जू ठाकुर पिता विक्रम सिंह ठाकुर,आशा कार्यकर्ता श्रीमती वर्षा ठाकुर पति स्वर्गीय प्रशांत ठाकुर और उसके पुत्र रुद्र प्रताप पिता स्वर्गीय प्रशांत ठाकुर के ऊपर सटीक बैठती है जो न्ययालय के स्थगन को भी नही मानते। बताया जाता है कि गत दिवस तीनो दबंगो के विरुद्ध लखनवाड़ा पुलिस ने न्यायालय के आदेश की अवेहलना करने के मामले में धारा 188,34 के तहत मामला पँजिबद्ध किया था। बताया जाता है कि लखनवाड़ा थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक टी एस सैयाम ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए लिखा है कि पटवारी हल्का नम्बर 11 रानिम बंडोल की भूमि खसरा नम्बर 206/12,206/11 एवं 206/03 में माननीय न्यायालय ने धारा 145 द प्र स के तहत स्थगन दिया हुआ है जहां उक्त तीनों ने बिल्डिंग तोड़ फोड़ कर मटेरियल डाल दिया है जो न्ययालय के आदेश की अवहेलना है जिसके कारण वर्षा ठाकुर,गज्जू ठाकुर और रुद्रप्रताप सिंह ठाकुर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जाता है कि जब लखनवाड़ा पुलिस उन्हें न्ययालय के आदेश का पालन करने की बात करती है तो तीनों ही दबंगई दिखाने लगते है।
लखनवाड़ा थाने में कौन है खाकीधारी
जो गज्जू का है स्वजातीय अधिकारी
जाम कन्हर गाँव मे आशा कार्यकर्ता वर्षा ठाकुर अपने मुंह बोले भाई के साथ स्कूल के पुराने भवन को गिराने का कारनामा कर चुकी है जिनके विरुद्ध लखनवाड़ा थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। गज्जू ठाकुर दम भरता है कि लखनवाड़ा थाने में छिन्दवाड़ा निवासी उनके स्वजातीय रिश्तेदार पदस्थ है, जिनके रहते उनके विरुद्ध कुछ कारवाही नही हो सकती। आखिर गज्जू ठाकुर के कौन स्वजातीय खाकीधारी लखनवाड़ा थाने में पदस्थ है यह तो टी आई नवीन जैन जाने लेकिन जिस तरह से पिछले कुछ दिनों के भीतर गज्जू ठाकुर,वर्षा ठाकुर और रुद्र प्रताप ठाकुर ने जाम कन्हर गाँव मे आतंक मचाया हुआ है भले ही थानेदार को इसकी जानकारी न हो,थानेदार की पीठ पीछे छिंदवाड़ा निवासी खाकीधारी अपने स्वजातीय होने का लाभ गज्जू को दे रहा हो परंतु उंगली तो थानेदार पर ही उठती है और यही लगता है कि आने वाले समय मे टी आई नवीन जैन की मेहरबानी के कारण कोई बड़ा विवाद हो सकता है। क्योंकि थाना छेत्र में घटी घटना जिसका अंदेशा पहले से ही हो तो जिम्मेदारी थानेदार की ही कहलाएगी।