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नेता और सांप बाप रे बाप

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नेता और सांप बाप रे बाप

वोट बटोरने के लिये जूठे पत्तल उठा रहे कमल

कहते हैं नेता और सांप पर कभी भरोसा नही करना चाहिए,क्योंकि ये मौका पाते ही डसते है,बुद्धिमानी इसी में है कि डसने से पहले ही मार देना चाहिए हालांकि सांप को लाठी से मारा जा सकता है परंतु उसमें भी वन विभाग के दोषी कहलाते हैं और नेता को वोट के जरिए खत्म किया जा सकता है नेता की नेतागिरी केवल वोट से खत्म हो सकती है क्योंकि यह लेता जब खुद का कोई स्वार्थ होता है तभी आपके पैरों में गिरते हैं वरना नेता हमेशा अपनी चौखट में माथा रगड़वाते हैं, इन दिनों बरघाट क्षेत्र में कमल मर्सकोले झूठी पत्तल उठाने को लेकर काफी सुर्खियां बटोर रहे है,फिलहाल नेता जी किसी के घर छठी ,तो किसी के घर बारसा, कभी सगाई ,कभी शादी तो कभी तेरई में जाकर फोटो खिंचवा रहे हैं, और अपने कुछ हिमायतियों से सोशल मीडिया पर डलवाते हैं, मजे की बात तो यह है कि यह वही कमल मर्सकोले हैं जो पिछले 5 साल से गधे के सिर से सिंग के माफिक गायब हो चुके थे ,चुनाव करीब आते ही यह बिल से बाहर निकल गए हैं, और नेता जी के साथ घूम रहे उनके परम मित्र के ऊपर विधानसभा बरघाट क्षेत्र की जनता से ठगी करने के आरोप हैं,बताया जाता है कि लोगों से D.Ed, B.Ed एड्मिसन के नाम पर लाखों की वसूली कर, पैसा हजम करने के लिए जेल भी गए हैं, और कुछ दिन पूर्व अवैध शराब तस्करी के मामले में पुलिस ने दौड़ाई तो गाड़ी छोड़कर भागे थे,अब ऐसे लोग कमल मर्सकोले के साथ में घूम रहे हैं तो जनता स्वयं आकलन लगा सकती है कि आने वाले समय में कमल मर्सकोले की आड़ में महेश हनवत जैसे लोग और क्या-क्या कांड नहीं करेंगे, बहरहाल चुनाव करीब है जैसे सांप बिल से बाहर निकलता है वैसे नेताजी भी केचुली छोड़ चुके हैं और सरपट क्षेत्र में घूम रहे हैं ऐसे में क्षेत्र की जनता को विषैले सांप और नेताओं से सावधान रहने की जरूरत है।

धारना में जूठी पत्तल उठाते नजर आए कमल

सूत्र बताते हैं कि धारना में सुहागले का कार्यक्रम आयोजित कराया गया जो कार्यक्रम धार्मिक या सांस्कृतिक माना जा सकता है परंतु राजनीतिक कतई नहीं था बताया जाता है कि इस कार्यक्रम को कराने वाले सत्तारूढ़ पार्टी और उनसे मिलते जुलते विचारधारा के संगठन वालों ने करवाया था, परंतु आश्चर्य की बात यह थी कि उस कार्यक्रम में केवल कमल मर्सकोले को बुलाया गया था, कहीं यह कार्यक्रम जनता को भ्रमित करते हुए कमल मर्सकोले की राजनीतिक रोटी पकाने के लिए तो नहीं कराया गया, परंतु एक बात निकल कर सामने आई कि जो नेता पिछले 5 साल से बिल में छुपा हुआ था वह नेता सुहागले के कार्यक्रम में धारना क्षेत्र के लोगों की जुठी पत्तल उठाते हुए दिखाई दे रहा था, अब नेताजी जिस तरह जुठी पत्तल उठा रहे थे, वहां मौजूद महिलाओं के बीच यह चर्चा चल रही थी कि क्या कमल मर्सकोले अगर विधायक बनते हैं तो आने वाले 5 साल तक हमारी जुठी पत्तल उठाएंगे ,क्योंकि नेता जी जब भी चुनाव आता है तो पैरों में गिरते हैं और चुनाव के बाद नॉट रिचेबल हो जाते हैं मजे वाली बात तो यह थी की इस पूरे कार्यक्रम की फोटो सोशल मीडिया पर डालने वाला उस क्षेत्र की जनता को ठगने वाला अपराधी था जिसने D.Ed B.Ed के नाम पर लोगों से ठगी किया और जेल का सफर भी तय किया है जो अवैध शराब की तस्करी करता है ऐसे व्यक्ति के साथ कमल बरघाट क्षेत्र की जनता को भ्रमित करते हुए चुनावी रणनीति तैयार कर रहे हैं।

ठगी का आरोपी, अवैध शराब तस्कर कमल मर्सकोले का जिगरी

कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर कमल मर्सकोले की फोटो वायरल हो रही है कभी किसी की तेरहवीं में कमल मर्सकोले दिखाई दे रहे हैं, तो कभी किसी की शादी में, अब तो छोटे-छोटे कार्यक्रमों में भी कमल मर्सकोले अपने आप को नेता साबित करने में तुले हुए हैं ,कमल मर्सकोले के साथ एक शख्स दिखाई दे रहा है जिसका नाम महेश हनवत बताया जा रहा है जिसके ऊपर बरघाट विधानसभा की जनता के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लग चुका है, नामजद प्राथमिकी दर्ज होने के बाद D.Ed B.Ed के मामले में छात्रों से पैसा लूटने के लिए जेल की हवा भी खा चुके हैं और अवैध शराब तस्करी के मामले में बरघाट पुलिस ने इन्हें खूब दौड़ाया भी है, जिसका मामला बरघाट थाने में चल रहा है बताया जाता है कि अवैध शराब तस्करी के मामले में जब पुलिस ने घेराबंदी की थी तो महेश हनवत बंधी कूदते हुए गाड़ी छोड़कर भागे थे और बरघाट क्षेत्र के नेता जी ने ही महेश हनवत की मदद की थी वह नेताजी कौन है जनता को पता करना चाहिए और जनता को सावधान रहना चाहिए कि कमल मर्सकोले आने वाले समय में विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं आप की चरण वंदना कर रहे हैं परंतु साथ में जिस आरोपी को घुमा रहे हैं यह क्षेत्र की जनता को लूटने का काम किया हैं अब ऐसे में इस लुटेरे का नेता जी से गहरा संबंध नजर आता है जो विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए घातक सिद्ध हो सकता।

5 साल से गायब थे कमल अचानक छठी बारसा में आ रहे हैं नजर

नेता चुनाव लड़ते वक्त जनता से सैकड़ों वादे करता है परंतु बाद में जनता नेताजी के पीछे पीछे घूमती है और नेता एक भी वादा पूरा नहीं कर पाते हैं, 5 साल से गायब कमल मर्सकोले जिन्होंने कभी अपने क्षेत्र की जनता की सुध नहीं ली वह अचानक अब लोगों के घर छोटे-छोटे कार्यक्रम में शिरकत करते नजर आ रहे हैं सूत्र तो बताते हैं कि लोगों के घर में अगर छठी भी हो जाए तो कमल मर्सकोले अपनी टीम टाम लेकर पहुंच जाते हैं सफेद कुर्ता पहन कर चार फोटो खिंचवाते हैं और महेश हनवत जैसे क्षेत्र के ठग से अपनी फोटो पोस्ट करवाते हैं सवाल यह पैदा होता है कि आखिर 5 साल से कमल मर्सकोले कहां थे और क्षेत्र की जनता को भी कमल मर्सकोले से यह सवाल पूछना चाहिए कि आज अगर वह सुध लेने आ रहे हैं तो क्या 5 साल पहले इन्हें यह याद नहीं था कि इन्हें आने वाले समय में इन्हीं जनता का वोट चाहिए तो फिर इन 5 सालों में जनता की सुध कमल मर्सकोले ने क्यों नहीं ली?

क्या गौरीशंकर बिसेन ने कमल मर्सकोले को दे दी है टिकट

लगभग 1 माह पूर्व सिवनी सर्किट हाउस में गौरीशंकर बिसेन के साथ कमल मर्सकोले एक प्रेस वार्ता में दिखाई दिए उस वक्त गौरीशंकर बिसेन ने कमल मर्सकोले की पीठ थपथपाते हुए यह संकेत दिया कि बरघाट से कमल चुनाव लड़ेंगे यह सुनकर कमल मर्सकोले शायद यह भ्रम पाल बैठे हैं कि उन्हें गौरीशंकर बिसेन ने टिकट दे दी है और वे बरघाट विधानसभा के विधायक बन गए हैं ,परंतु इस बात का अंदाजा शायद कमल नहीं लगा पा रहे हैं कि अब क्षेत्र की परिस्थितियां विपरीत हैं क्षेत्र के ठग को लेकर घूमने वाले नेता से क्या जनता परहेज नहीं करेगी? क्या 5 साल से जिन्होंने सुध नहीं लिया वह अचानक आज जनता के बीच में दिखाई देंगे तो क्या जनता उन्हें माफ करेगी? क्या यह नेता जनता को केवल वोट देने की मशीन और बेवकूफ समझते हैं? ऐसे बहुत से सवाल अब जनता के मन में गूंजने लगे हैं जिसका जवाब कमल मर्सकोले के पास नहीं हो सकता वर्तमान में कमल मर्सकोले जिस तरह से क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं उससे तो यही लगता है कि वे भ्रमित हैं कि उन्हें टिकट गौरीशंकर बिसेन दे चुके।

कमल मर्सकोले की ढोंगी राजनीति पर बाकी के दावेदार हो रहे परेशान

गौरीशंकर बिसेन के द्वारा मीडिया के सामने कमल मर्सकोले की पीठ थपथपाना और यह संकेत देना की कमल मर्सकोले बरघाट क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और कमल मर्सकोले का ठग के साथ में घूम कर सक्रियता दिखाना अब बाकी दावेदारों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रही है क्षेत्र में और भी भाजपा में ऐसे उम्मीदवार बैठे हैं जिन्होंने टिकट के ऊपर नजरें गड़ा दी हैं अब देखना यह है कि क्या 5 साल तक बिल में छुपे रहने वाले कमल मर्सकोले को जनता परियाती है या इन 5 सालों में सक्रिय रहने वाले भाजपा के अन्य उम्मीदवार को जनता मौका देती है।

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