लल्लू ,पप्पू की राजनीतिक विरासत को दीमक की तरह चाट रहे और राजकुमार खुराना आंख बंद कर पप्पू बन रहे
कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और फुट, आपसी संबंधों की टूट का प्रत्यक्ष प्रमाण सिवनीं न्यूज़ कार्यालय के पास पहुँचा है जिसे भेजने वाले ने सिवनी न्यूज़ कार्यालय को सरकारी विभाग की डाक सेवा का उपयोग कर भेजा है ,भेजने वाले ने अपना नाम और मोबाइल नंबर जरुर लिखा है पर यह सही नहीं है हम बेहतर जानते हैं ,पर जो लिखा है वह कांग्रेस के बीच में चल रही फुट का प्रमाण है, सिवनी न्यूज़ कार्यालय को भेजे गए पत्र में राजकुमार खुराना के समर्थक और लल्लू बघेल से प्रताड़ित व्यक्ति ने अपनी व्यथा सुनाई है ऐसा प्रतीत होता है, पत्र में दिए गए एक-एक शब्द अक्षरश: कार्यालय को प्राप्त हुए पत्र के अनुरूप लिखा गया है ,प्राप्त पत्र में समाचार की टॉप हेडिंग भी भेजने वाले ने खुद ही बना कर दी है क्योंकि सिवनी न्यूज़ समाचार पत्र पर भरोसा कर सिवनी न्यूज़ की निडर कलम और निष्पक्षता पर विश्वास जताते हुए यह समाचार प्रकाशित करने पत्र भेजा गया है साथ ही यह भी लिखा है की यह समाचार अगर प्रकाशित होता है तो आने वाले समय में लल्लू बघेल ने और क्या-क्या कांग्रेस की आड़ में किया है उसका भी प्रमाण दिया जाएगा ,चूंकि एक पाठक ने सिवनी न्यूज़ की निडर कलम और निष्पक्षता पर विश्वास किया है,समाचार भेजने वाले की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह समाचार प्रकाशित किया जा रहा है जिसमें यह लिखा है की………………
अतिमहत्वाकांक्षा ने बनायालल्लूको बेईमान
बृजेश सिंह लल्लू बघेल को जिला पंचायत सदस्य बनाने एवं फिर अध्यक्ष उसके बाद उपाध्यक्ष बनाने में राजकुमार पप्पू खुराना एवं कांग्रेस के संगठन ने कोई कसर नहीं छोड़ी आर्थिक, संगठनात्मक एवं सभी तरह की मदद पप्पू खुराना द्वारा लल्लू बघेल को दी गई। इसके बाद लालू बघेल जिला पंचायत उपाध्यक्ष बन गए। जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनते ही लल्लू बघेल के अंदर उच्च महत्वाकांक्षा नहीं अति उच्च महत्वाकांक्षा पैदा हो गई और उन्होंने कहना शुरू कर दिया कि यह विजय केवल मेरे चेहरे पर याने लल्लू बघेल के चेहरे पर मिली है। इसमें कांग्रेस के संगठन और राजकुमार खुराना का कोई बहुत बड़ा हाथ नहीं है। लल्लू बघेल द्वारा चौक चौराहा में यह कहने लगे कि बघेल समाज में मेरी खासी पेठ होने के कारण मुझे या विजय मिली।
पप्पू की राजनीतिक विरासत को दीमक की तरह चाट रहा लल्लू
लल्लू बघेल स्वयं को कांग्रेस पार्टी के टिकट का दावेदार मानने लगा और अपने राजनीतिक गुरु राजकुमार खुराना को धोखा देकर उनकी राजनीतिक विरासत को दीमक की तरह चाटने लगे है। राजकुमार खुराना द्वारा विश्वास कर लल्लू बघेल को संगठन का विस्तार करने का कार्य सोपा गया। लल्लू बघेल द्वारा संगठन में इस तरह के लोगों को शामिल किया गया जो की संगठन से ज्यादा लल्लू बघेल को तवज्जो देने लगे एवं राजकुमार खुराना के विश्वसनीय लोगों को धीरे-धीरे लल्लू बघेल द्वारा दबाव, प्रलोभन, मित्रता आदि देकर अपने साथ कर लिया गया।
पप्पू की राजनीतिक जमीन चाट खोखली कर रहेलल्लू
लल्लू बघेल द्वारा पप्पू खुराना के आजू-बाजू एक ऐसा आवरण लगा दिया गया की जिससे पप्पू खुराना के विश्वसनीय लोग पहले लल्लू बघेल से मिले फिर उसके बाद पप्पू खुराना से मिले। इस तरह की व्यवस्था से लगातार पप्पू खुराना के लोग उनसे दूर होते चले गए, पप्पू खुराना के लोगों को लल्लू बघेल द्वारा लगातार कार्यालय के अंदर सबके सामने बेइज्जत किया जाने लगा, और इस सब को हंसी मजाक का चोला पहना दिया गया। इस तरह से पप्पू खुराना के साथ लल्लू बघेल द्वारा लगातार उसकी विरासत को चाट कर पप्पू खुराना की जमीन खोखली कर दी गई है या की जा रही है।
पप्पू का चुनाव लड़ने का मन नहीं है ,मैं विनर कैंडिडेट हूं , मेरा नाम लो
विगत दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा राय शुमारी हेतु हिमाचल प्रदेश के पूर्व कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक को सिवनी जिले में भेजा गया । इस दौरान लल्लू बघेल पप्पू खुराना के विरुद्ध खुलकर सामने आ गए एवं उनके द्वारा अपने लोगों को फोन कर बोला गया कि राय शुमारी के दौरान केवल लल्लू बघेल का नाम लिया जाए। एक जनपद पंचायत सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह अपने साथियों के साथ राय शुमारी के लिए जब अंदर जा रहा था तब लल्लू बघेल द्वारा उसे रोक कर बोला गया कि अंदर पप्पू खुराना का नाम नहीं लेना है, केवल मेरा नाम लेना है क्योंकि मैं ही कांग्रेस पार्टी को जिताने वाला कैंडिडेट हूँ , इसी तरह सभी लोगों को लल्लू बघेल द्वारा केवल लल्लू बघेल का नाम लेने के लिए बोला गया , जो लोग इस बात के लिए नहीं माने उन लोगों को यह बताया कि पप्पू खुराना चुनाव लड़ने की मंशा नही रखते है। इसलिए मेरा ही नाम ले ।
मेरा नाम पहले नम्बर पर है,पप्पू तो केवल संगठन देखेंगे
कुछ दिनों पूर्व जब एक राष्ट्रीय अखबार द्वारा पोल चलाया जा रहा था जिसमें संभावित कांग्रेस का विजय प्रत्याशी ढूंढा जा रहा था, इस दौरान लल्लू बघेल द्वारा फिर यही कोशिश की गई जिसमें अपने लोगों को केवल लल्लू बघेल को वोट करने कहा गया । और बोला गया कि मेरा नाम पहले नंबर पर है इसलिए में ही विनिंग कैंडिडेट हूँ इसलिए मुझे वोट दो पप्पू खुराना का नाम यूँ ही जुड़ गया है वह केवल संगठन देखेंगे।इसी तरह का वाक्या बघेल समाज द्वारा निकाली गई कावड यात्रा में भी देखने मिला जिसमें लल्लू बघेल द्वारा अपने स्वजातीय नेता को विशेष तवज्जो दी गई।
जब तक लल्लू को टिकट नही मिलेगी, कांग्रेस पार्टी नही जीत सकती,अगर पप्पू को टिकट दिए तो 30 हज़ार वोट से हारेंगे
पप्पू खुराना द्वारा चुनाव को देखते हुए संघटनात्मक मीटिंग ब्लॉक सेक्टर मंडलम की ट्रेनिंग एवं बैठक के लगातार ली जा रही है। इन बैठकों में लल्लू बघेल पप्पू खुराना के साथ जा तो रहे है परंतु बैठकों के दौरान लोगों को अलग ले जा कर लगातार या बताया जा रहा है कि इन बैठकों से कुछ नहीं होना है।जब तक लल्लू बघेल को टिकट नहीं मिलेगी कांग्रेस पार्टी नहीं जीत सकती। इसी तरह लल्लू बघेल के समर्थक खुले तौर पर चौक चौराहों पर बोलते नजर आने लगे है कि यदि पप्पू खुराना को टिकट मिली तो पप्पू खुराना 30000 वोट से हारेगा। इस तरह से लल्लू बघेल पप्पू के साथ रहते हुए पप्पू की राजनीतिक विरासत को दीमक की तरह चाट रहे है और राजकुमार आंख बंद कर पप्पू बन रहे है।
सिवनीं न्यूज़ की निडर,निष्पक्ष कलम पर भरोसा जताया है पत्र भेजने वाले ने
सिवनी न्यूज़ की निष्पक्ष और निडर कलाम और विवाद टिप्पणी पर भरोसा कर पत्र भेजने वाले ने लिखा है की….
यह समाचार आपकी कलम की ताकत और आपकी निडरता के कारण आपको प्रेषित किया जा रहा है।आशा है आप इसे प्रमुखता से छापेंगे , यदि आप इसे प्रमुखता से छापते हैं तो आगे किस तरह लल्लू बघेल द्वारा शिक्षकों के ट्रांसफर में भ्रष्टाचार किया गया एवं उसका ठीकरा पप्पू खुराना पर फूटा इसकी जानकारी दी जाएगी।इसके साथ ही तीसरे एपिसोड में आपको यह जानकारी दी जाएगी कि किस बात पर लल्लू बघेल का गठबंधन पप्पू खुराना की विरोधी खेमे से हो गया है।