युवती को मारा चाकू , गला रेतने की कोसिस
जुआ सट्टा के फर्जी केस बनाने से दहशत नही बनती
पुलिस का डर शहर में खत्म हो चुका है जिसका परिणाम है की अपराधी खाकी से डरने की बजाए उसे ठेंगे पर रखकर अपराध कर रहा है ,उसे पता है 7 साल से कम की सजा में जमानत मिल जाएगी ,अधिकतर मामले में थाने के दर्र्जनों खाकीधारी गांधी जी पर भरोसा करते है ,बाबा साहब द्वारा लिखे गए संविधान और कानून की लिखावट को गांधी छाप कागज से मिटाया जा सकता है ।जुआ सट्टा के फर्जी केस बना देने से दहशत नहीं बनती,क्योंकि केवल नगर में जनता जानती है कि कौन सट्टा,जुआ खिलवा रहा, तो क्या पुलिस नही जानती होगी,ऐसे ही हर मामलों में पुलिस का ढुलमुल रवैय्या का नतीजा आज खुलेआम चाकू ,छुरे, बंदूक चल रही है,ये पुलिस की नाकामी है , कुछ दिन पहले भैरोगंज में बुजुर्ग महिला को एक युवती ने गला रेतकर मार दिया था, एक सिरफिरे युवक ने दिनदहाड़े युवती का गला रेतने की कोशिश की ,कुछ दिन पूर्व केवलारी क्षेत्र में बुजुर्ग महिला को मौत के घाट उतार दिया गया, एक मामला और सामने आया था जिसमें कुदाली से महिला की हत्या कर दी गई ,अगर खाकी का खौफ होता तो अपराधी खौफजदा होता अपराध करने के पहले 10 बार सोचता परंतु उसे खाकी की कीमत पता चल चुकी है, कानून को कैसे तोड़ा जाता है और कैसे बचा जाता है अपराधी जान गया है,ऐसे बहुत से खाकी धारी जिले में पदस्थ हैं जो कानून को तोड़ मरोड़ कर पेश करना अपराधी को सिखाते हैं इनके बीच इमानदार खाकीदारी परेशान ही रहता है, उसे लूप लाइन में रखा जाता है और बेईमान खाकीधारी अपनी जय जयकार करवाते हैं
सिरफ़िरे ने युवती का गला रेतने की किया कोसिस
प्राप्त जानकारी के अनुसार चिंदबर्री निवासी युवती रोजाना प्राइवेट जॉब करने के लिए सिवनी आती है ,सोमवार की सुबह जब वह युवती अपने कार्य से जा रही थी तभी बरघाट नाके में रहने वाले एक सरफिरे युवक ने दादू मोहल्ले के एक मेडिकल स्टोर के सामने युवती पर चाकू से हमला कर दिया ,चाकू युवती के गले पेट और हाथ में लगा है ,जिससे युवती लहूलुहान हो गई घटना के तुरंत बाद ही युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका इलाज शुरू हो चुका है खबर लिखे जाने तक चाकू मारने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया या नहीं इसकी पुस्ट जानकारी नहीं मिल पाई है परंतु सूत्र बता रहे हैं यह युवक,घायल युवती को परेशान करता था और बरघाट नाके का रहने वाला है नाम कोई यादव बताया जा रहा है।
