Home मध्य प्रदेश वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल

वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल

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वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल

मिली 12 खाल, जप्ती बनाये 3 खाल

10 लाख के लेनदेन की चर्चा जोरों पर

आखिर क्षेत्र का कौन रसूखदार है जिसे बचाया जा रहा

काले हिरण की खाल बरामद, वन विभाग में मची अफरा-तफरी

सिवनी- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में वन्य प्राणियों का भंडार है जिले में पेंच टाइगर रिजर्व होने की वजह से जहां वन्यजीव आसानी से देखे जा सकते हैं तो दूसरी खास बात यह है कि पेंच टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी ईसी ओर से जाता है  स्वाभाविक है कि वन्य प्राणियों के तस्कर लगातार सक्रिय रहते हैं इसी क्रम में सिवनी जिले  के छपारा वन मंडल परीक्षेत्र में वन विभाग ने  कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए भीमगढ़ कॉलोनी इलाके में दबिश देकर एक व्यक्ति के घर से तीन हिरण की खाल जब्त की है, जिसमे एक काले हिरण की खाल भी शामिल है।मिली जानकारी के अनुसार आरोपी का नाम विपत लाल कामले है। जिसके खिलाफ वन्य प्राणी अधिनियम के तहत मामल दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग के एसडीओ मनेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि,खाल करीब दो तीन महीने पुरानी है। वहीं वन विभाग की टीम के द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। इसमें अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।निश्चित रूप से मुखबिर की सूचना पर वन विभाग को कामयाबी अवश्य मिली है और कड़ी पूछताछ के बाद हो सकता है एक बड़े तस्कर गिरोह का खुलासा भी हो पर यहां पर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं क्योंकि जिस तरह वन और वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार करोड़ों अरबों रुपए खर्च कर रही है तो दूसरी ओर वन्य प्राणियों का शिकार वन विभाग की नाकामियों को प्रदर्शित करता है।

उठ रहे हैं सवाल, क्या मुख्य आरोपी को बचाया जा रहा है

छपारा वन विभाग की टीम ने तीन खाल और एक आरोपी को पकड़कर मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए आरोपी को जेल पहुंचा कर खुद की पीठ थपथपाने का काम तो कर लिया परंतु इस मामले में ऐसे बहुत से सवाल खड़े हो रहे हैं जिसका जवाब देना वन विभाग के लिए नामुमकिन है क्योंकि अगर यह मामला खुल गया तो छपारा वन विभाग के कर्मचारी अधिकारी की पोल खुल जाएगी विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि वाकई वन विभाग की टीम ने तारीफे काबिल काम किया है जंगली जानवरों की खाल पकड़े हैं पर यकीन नहीं काफी अधिक मात्रा में काल पकड़ी गई है सूत्रों के अनुसार लगभग एक दर्जन खाल वन विभाग मले के हाथ में लगी हैसुत्र तो ये यह भी बताते हैं कि क्षेत्र के किसी बड़े रसूखदार का नाम इस मामले में आ रहा है और वन विभाग की टीम ने उसे बचाने का पूरा षड्यंत्र रचते हुए सफलता भी हासिल की है सूत्रों के अनुसार 7 अंकों की राशि का लेनदेन भी हुआ है और मामला कमजोर व्यक्ति पर बनाकर इस पूरे केस को रफा-दफा किया गया है यह जानकारी सूत्रों के हवाले से आ रही है पड़ताल अभी जारी है पुख्ता सबूत आने पर म सबूत समाचार प्रकाशित भी किया जाएगा परंतु विभाग को चाहिए उच्च स्तरीय जांच करते हुए इस मामले को स्वत संज्ञान लें और गहरी पड़ताल करने के बाद ही निष्कर्ष तक पहुंचे क्योंकि छपारा वन विभाग के मले के ऊपर जिस प्रकार आरोप लग रहे हैं यह बड़े आरोप हैं और अगर सांठगांठ करते हुए किसी रसूखदार को बचाया जा रहा है और कमजोर को फंसाया जा रहा है तो यह कानून की नजर में उपरोक्त अमला भी गुनहगार साबित होता है

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