भ्रष्टाचार का खेल कर शासन को लगा रहा चूना
महिला मित्र के साथ बंटी और बबली बनकर लूट रहा विभाग को
भाजपा के शासनकाल में अधिकारी और कर्मचारी कितने बेलगाम हो चुके हैं इस बात का अंदाजा तो अब भाजपा के संगठन को भी हो गया है, जहां एक ओर अधिकारी और कर्मचारी जनप्रतिनिधियों पर भारी पड़ रहे हैं ,वही अधिकारी, कर्मचारियों की सांठगांठ शासन को चूना भी लगा रही है ,संगठन के द्वारा अधिकारी, कर्मचारियों की शिकायत करने के बाद भी उन्हें नहीं हटाया गया, ऐसी परिस्थितियों को देख अब कर्मचारी और अधिकारी के हौसले बुलंद हो चुके हैं सिवनी के वन विभाग में भ्रस्टाचार की हद हो चुकी है जहां एक कर्मचारी लगभग 2 दशक से ज्यादा समय एक ही जिले में बिता रहा है ,आगामी समय में विधानसभा चुनाव है शासन का नियम है कि 3 वर्ष से ज्यादा एक ही जिले में अधिकारी कर्मचारी नहीं रह सकते, परंतु नियमों को ताक पर रखकर शासन को ठेंगा दिखाता हरवेंद्र बघेल ऐसे नियम कानून को जूते की नोक पर रखता है और शासन-प्रशासन और अधिकारी हरवेंद्र बघेल के इशारों पर चलते हैं ,तभी तो लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भी हरवेंद्र बघेल को इनाम अधिकारियों के द्वारा दिया जाता है ,किस तरह हरवेंद्र बघेल 1994 से अनुकंपा नियुक्ति पर पदस्थ होते हुए आज तक एक ही जगह एक ही जिले में कुंडली जमाए बैठा है, कहां -कहां भ्रष्टाचार किया है ?कौन महिला मित्र के साथ मिलकर लाखों का चूना शासन को लगा रहा है ?क्या आरोप हरवेंद्र बघेल पर लगाए गए हैं ?अधिकारी, हरवेंद्र को इनाम क्यों देते हैं? सिवनी न्यूज की खास रपट …..
अधिकारियों को खुश कर मिला है हरवेंद्र बघेल को इनाम
सूत्र बताते हैं हरवेंद्र बघेल सेटिंग करने में माहीर व्यक्ति हैं लगातार 1994 से सिवनी में ही पदस्थ रहते हुए नौकरी कर रहे हैं अधिकारियों को खुश रखना उन्हें आता है एक ही जगह पर पदस्थ रहते हुए उन्होंने सारी पदोन्नति भी करवा ली ,पुन: एक साथ चार जगह गोपालगंज सर्कल प्रभारी ,सिवनी वन वृत उड़नदस्ता प्रभारी,कुरई वन परिक्षेत्र का प्रभार,वर्तमान में सिवनीं रेंज का प्रभार लेने में भी वे सफल हो गए जानकार तो बताते हैं कि यह आदेश भी अधिकारियों को भरोसे में लेकर करवाया गया है परंतु अधिकारियों ने हरवेंद्र बघेल के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज क्यों किया ?यह समझ से परे है।
नियम को ताक पर रख हरवेंद्र को इनाम दिया अधिकारियों ने
कार्यालय वन वृत्त, सिवनी. (म.प्र.) द्वारा वनमंडल अधिकारी दक्षिण सिवनी वनमंडल ने परिक्षेत्र अधिकारी सिवनी के प्रभार के संबंध में दिनांक 9/6/23 को आदेश जारी किया है जिसमे लेख है कि वनमंडल अंतर्गत सिवनी परिक्षेत्र में किसी भी वनक्षेत्रपाल की नियमित पदस्थापना होने तक शासकीय कार्यों के सुचारू सम्पादन को दृष्टिगत रखते हुये स्थानीय व्यवस्था अंतर्गत हरवेन्द्र सिंह बघेल, उप वनक्षेत्रपाल, दक्षिण सिवनी वनमंडल द्वारा अस्थायी रूप से अपने कार्य के अतिरिक्त सिवनी सामान्य परिक्षेत्र का कार्य सम्पादित करेंगे, साथ ही यह भी उल्लेख है कि वर्तमान में सिवनी परिक्षेत्र का कार्य सम्पादित कर रहे दानसी उईके, वनक्षेत्रपाल परिक्षेत्र अधिकारी रूखड़ को सिवनी परिक्षेत्र का सम्पूर्ण प्रभार हरवेंद्र बघेल, उप वनक्षेत्रपाल को दिलाये जाने हेतु निर्देशित करने को कहा गया है
हरवेंद्र बघेल पर लगे हैं कई गंभीर आरोप ,सरकार को लगाया है लाखों का चूना
विश्वसनीय सूत्रों की माने तो हरवेंद्र बघेल 1994 से सिवनी में ही पदस्थ रहते हुए नौकरी कर रहे हैं ,जिसके चलते उनके संपर्क क्षेत्र में अच्छे बन गए हैं और मजे की बात तो यह है कि अधिकारियों के नाक के नीचे यह सब चल रहा है, बताया जाता है हरवेंद्र बघेल मूलता सिवनी के ही रहने वाले हैं और सिवनी में ही लगभग 2 दशकों से नौकरी कर रहे हैं अब ऐसे में अधिकारियों के ऊपर उंगली उठना लाजमी है, सूत्रों के अनुसार हरवेंद्र बघेल पर कई गंभीर आरोप लग चुके हैं बताया तो यह भी जाता है की लिखित शिकायत भी गंभीर आरोप लगाते हुए की गई है परंतु अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे हैं और निजी स्वार्थ के लिए हरवेंद्र बघेल को इनाम दे रहे हैं, सूत्रों की माने तो हरवेंद्र बघेल पर लिखित शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं बताया जाता हैकि दक्षिण वनमण्डल सिवनी (सा.) के अंतर्गत वन परिक्षेत्र सिवनी (सा.) में पदस्थ वन कर्मचारी हरवेन्द्रसिंह बघेल (उपवनक्षेत्रपाल ) के संबंध में प्रतिवेदन दिया गया था कि बघेल शासकीय सेवा में प्रथम नियुक्ति 23 जुलाई 1994 को वनरक्षक के पद पर प्रवर्ग अ.जा. से दक्षिण वनमण्डल सिवनी (सा.) के अंतर्गत वन परिक्षेत्र सिवनी में हुई थी। जुलाई 1994 से अक्टूबर 2009 तक वन रक्षक के पद पर वन परिक्षेत्र सिवनी (सा.) में ही पदस्थ रहे है। बघेल वनरक्षक से वनपाल के पद पर पदोन्नति 12 अक्टूबर 2009 में होने के उपरांत दक्षिण वनमण्डल सिवनी (सा.) के अंतर्गत वन परिक्षेत्र सिवनी में ही हुई। अक्टूबर 2009 से अप्रैल 2016 तक वनपाल के पद पर वन परिक्षेत्र सिवनी (सा.) में ही पदस्थ रहे। , बघेल वनपाल से उपवनक्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नति 05 अप्रैल 2016 में होने के उपरांत दक्षिण वनमण्डल सिवनी (सा.) के अंतर्गत वन परिक्षेत्र सिवनी में ही हुई। अप्रैल 2016 से आज दिनांक तक वन परिक्षेत्र सिवनी में पदस्थ है।
हिटलर की तरह किया काम, लगाया विभाग को लाखों का चूना
सूत्र बताते हैं कि बघेल एक ही वनमण्डल के अंतर्गत एक ही परिक्षेत्र में वनरक्षक से वनपाल, वनपाल से उपवनक्षेत्रपाल तक रहते हुये इन्होंने एक तरफा हीटलरसाही का कार्य किया है। बघेल वर्ष 1994 से आज दिनांक तक एक ही वनमण्डल के अन्तर्गत एक ही परिक्षेत्र में रहने से इन्हें हर क्षेत्र घर-घाट मालूम होने के कारण वन क्षेत्रों में अवैध रूप से वनोपज / अवैध उत्खन्न / अवैध परिवहन करवाने में माहीर है। बघेल द्वारा इतने वर्षों में शासन द्वारा चलाई जा रही योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में शासन को करोड़ों का चूना लगाया है। वर्तमान में तेन्दूपत्ता मद से स्वीकृत कार्य भी इनके द्वारा कराये गये है, जिसमें भी शासन को लाखों का चूना लगाया गया है।बघेल वर्तमान में परिक्षेत्र सहायक वृत गोपालगंज के अन्तर्गत हवा-तूफान से गिरे वृक्षों की कटाई से प्राप्त काष्ठ को अन्य स्थानों तक परिवहन कराकर शासन को लाखों का चूना लगाया गया है एवं इनके द्वारा जलाऊ चट्ठों का विक्रय कर भी शासन को लाखों का चूना लगाया है।
महिला मित्र के साथ बंटी बबली बनकर ठगा है विभाग को
बताया जाता है कि बघेल की महिला मित्र वनरक्षक जो एक दसक से ज्यादा का समय बाबूगिरी एक ही जगह पदस्थ रहकर कर रही है उनसे अच्छी-खासी दोस्ती होने के कारण दोनो के द्वारा शासकीय कार्य को स्वयं की संपत्ति समझते है।सूत्र बताते है कि हरवेंद्र बघेल , महिला मित्र और महिला मित्र का पति आपसी सांठगांठ कर वन क्षेत्रों में अवैध रूप से वनोपज का कार्य कराया जाता है, जिससे इन्हें करोड़ो का फायदा होता है और शासन को करोड़ो का नुकसान ।
शासन के नियम को जुते की नोक पर रखता है हरवेंद्र बघेल
मध्य प्रदेश शासन के निदेर्शानुसार कोई भी अधिकारी / कर्मचारी एक ही स्थान में तीन वर्षो से अधिक पदस्थापना नहीं की जाती है। परंतु इसके ऊपर वरिष्ठ अधिकारीयों/राजनीतिक हाथ होने के कारण एक ही वनमण्डल में जमा हुआ है , बताया जाता है पूर्व में भी बघेल के द्वारा दिनांक 08/07/2020 से 10/05/2021 तक वन परिक्षेत्र सिवनी के प्रभार में रहते हुये जिन्दा पशु को मृत घोषित कर पशु हानि के प्रकरण तैयार करवाया गया, ऐसे भी बहुत से दो नम्बर के काम इनके द्वारा कराकर शासन को लाखों का चूना लगाया गया है।
चार प्रभार लेकर मौज कर रहा हरवेंद्र
बताया जाता है की हरवेंद्र बघेल को वर्तमान में वन परिक्षेत्र कुरई, परिक्षेत्र सहायक वृत्त गोपालगंज, उड़नदस्ता के प्रभार होने के उपरांत मुख्य वन संरक्षक द्वारा पुन: वन परिक्षेत्र सिवनी (सा.) का प्रभार के लिये आदेश कर दिया गया है।जो नियम विरुद्ध है जबकि हरवेंद्र बघेल की कार्यप्रणाली को देखते हुए उसकी विभागीय जॉच होनी चाहिए, संपत्ति जाँच होनी चाहिए, विभाग को हुई नुकसान की राशि वसूल कर सिवनी जिले से अन्य जिले में स्थानांतरण करना चाहिये, परंतु अधिकारी हरवेंद्र सिंह बघेल के ऊपर मेहरबान नजर आ रहे हैं अब तो उम्मीद जिला कलेक्टर महोदय से ही की जा सकती है कि संवेदनशील जिला कलेक्टर इस मामले को संज्ञान में लेकर आगामी समय में होने वाले चुनाव को मद्देनजर रखते हुए एक ही जगह पदस्थ रहने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले को लेकर कार्यवाही करें ,ताकि हरवेंद्र जैसे कर्मचारी चुनाव को प्रभावित ना कर सके।