परिसर में आने वाले प्रार्थी का कंठ रह रहा सूखा
कलेक्टर परिसर में लगे नल उगल रहे हवा
भले ही जिला कलेक्टर ने सिवनी जिले को ग्रीष्मकालीन समय के लिए सूखा घोषित कर निर्माण कार्य और बोरिंग के लिए प्रतिबंधित कर दिया है, भले ही नगरपालिका की नल जल योजना रोजाना जल प्रदाय नहीं कर रही है, पर दूरदराज से आने वाले लोग जिला कलेक्टर परिसर में बूंद बूंद पानी को तरसते नजर आए जिले के बड़े-बड़े अधिकारियों के कार्यालय परिसर के अंदर मौजूद है,जिस परिसर के नलों से पानी की जगह हवा निकल रही थी और यह माजरा पिछले 2 दिनों से चल रहा है, जहां अपने कामों को लेकर आने वाले परेशान प्रार्थी, छोटे बच्चे और बुजुर्ग बूंद बूंद पानी को तरसते रहे ,यह मामला सिवनी जिला कलेक्टर परिसर का बताया जा रहा है जहां जगह जगह पीने के पानी के लिए नल तो लगाए गए हैं परंतु उन नलों में पानी की जगह हवा निकल रही है, बताया जाता है कि ऐसा पिछले 2 दिनों से हो रहा है और इस परिसर में अपने काम से आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह सब देखते हुए भी नाही उच्च अधिकारी किसी प्रकार का कोई संज्ञान ले रहे हैं और ना ही जनप्रतिनिधि का ध्यान इस ओर जा रहा है आप स्वयं समझ सकते हैं कि जब खुद के परिसर में अधिकारियों का ध्यान नहीं जा रहा तो जिले की समस्याओं को लेकर अधिकारी कितने चिंतित होंगे।
मरा पड़ा है कुत्ता उठाने वाला कोई नहीं
जिला कलेक्टर परिसर में एक ओर बूंद बूंद पानी को परिसर में आने वाले परेशान लोग तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर परिसर में कार्यरत कर्मचारी और अधिकारियों की निष्क्रियता यह देख जान पड़ती है की कलेक्टर परिसर में मेन गेट के पास हनुमान जी का मंदिर स्थित है इस मंदिर के सामने कुत्ता मरा पड़ा है परंतु इस कुत्ते को नगर पालिका के द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के अधिकारी कर्मचारी उठवाने में नाकाम साबित हो रहे हैं जबकि कलेक्टर परिसर से अगर एक फोन नगरपालिका में चला जाए तो कुर्सी गर्म करने वाले नगरपालिका के अधिकारी और कर्मचारी भी कुत्ता उठाने आ सकते हैं फिर भी उस कुत्ते को वहीं पर पड़े रहने देना कलेक्टर परिसर के अधिकारी कर्मचारियों की निष्क्रियता का प्रमाण है जिसे देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिवनी जिले की जनता किन लोगों पर भरोसा कर अपनी गुहार लगाने जाती है।
